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पखवाड़े में 15000 आयुष्मान कार्ड बने, करीब 5600 लाभार्थी परिवारों को बना आयुष्मान कार्ड

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पखवाड़े में 15000 आयुष्मान कार्ड बने, करीब 5600 लाभार्थी परिवारों को बना आयुष्मान कार्ड

 Pramod Kumar Rai




जौनपुर, 17 अगस्त - 2021 ।
जनपद में आयुष्मान पखवाड़ा के दौरान 14,926 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इसके जरिए 5,595 लाभार्थी परिवार लाभान्वित हो सकेंगे। आयुष्मान कार्ड बनने के मामले में जौनपुर  पूरे पखवाड़े के दौरान तीन दिन प्रदेश में शीर्ष तीन स्थानों में रहा है। 
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ आरके सिंह ने बताया कि जिले में आयुष्मान योजना के करीब 1.59 लाख लाभार्थी परिवार हैं। इसमें से अब तक जिले में लगभग 2.68 लाख लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही करीब 1.05 लाख लाभार्थी परिवार कवर किए जा चुके हैं। अभी भी 54,628 परिवारों ऐसे हैं जिनमें से किसी भी एक सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। आगे इन परिवारों में से कम से कम एक लाभार्थी का गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा। 
उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान गोल्डेन कार्ड बनाने की स्टेट रैंकिंग में जौनपुर 12 वें स्थान रहा। हालांकि एक दिन में सबसे ज्यादा कार्ड बनाने के मामले में तीन अगस्त को 1787 कार्ड बनाकर प्रदेश में दूसरे नम्बर पर रहा । 7 अगस्त को 2012 कार्ड बनाकर पहले स्थान पर और 12 अगस्त को 1057 कार्ड बनाकर दूसरे स्थान पर रहा। प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने पर सरकार का पूरा जोर है। इसी को ध्यान में रखते हुए 26 जुलाई से 10 अगस्त तक विशेष अभियान के तहत आयुष्मान पखवाड़ा मनाया गया। इसमें खासकर उन पात्र लाभार्थी परिवारों पर विशेष ध्यान दिया गया जिनके किसी भी सदस्य का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है।
     योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ बद्री विशाल पांडे बताते हैं कि इस योजना के तहत अभी तक 9,766 लाभार्थियों का 10.65 करोड़ का इलाज हो चुका है जिसमें से 8,738 लाभार्थियों के 8.59 करोड़ से ज्यादा का भुगतान सरकार द्वारा किया जा चुका है।
  जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक हिमांशु शेखर सिंह बताते हैं कि स्टेट एजेंसी फॉर कम्प्रेहेंसिव हेल्थ एंड इंटिग्रेटेड सर्विसेज (साचीज) के संयुक्त निदेशक डॉ. राजेन्द्र कुमार का कहना है कि जीरो गोल्डन कार्ड विलेज ड्राइव के तहत चलाये गए पखवारे (26 जुलाई-10 अगस्त) में मुख्य ध्यान शून्य आयुष्मान कार्ड वाले परिवार पर रहा । इसके तहत 1,95,197 परिवारों को कवर किया गया और 5,45,852 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। 
क्या है योजना : 
आयुष्मान भारत योजना देश में कमजोर वर्ग के लोगों को मुफ्त में सालाना पांच लाख रुपये तक की बीमा कवरेज मुहैया कराती है। यह दुनिया की सबसे बड़ी और पूरी तरह से सरकारी खर्च पर चलने वाली स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसमें 1000 से ज्यादा कैंसर और दिल की बीमारी जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए प्रदेश के करीब 2900 सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। जिस पात्र लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड है वह छोटी से लेकर बड़ी बीमारियों तक का इलाज अस्पताल में भर्ती होकर करवा सकते हैं। बीमारी की स्थिति में सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज व दवा का खर्च इसके तहत कवर होता है। अगर कोई व्यक्ति कार्ड बनने से पहले से बीमार है तो भी उसका इलाज इस योजना के अंतर्गत होगा। इन बीमारियों में मैटरनल हेल्थ और सी-सेक्शन या उच्च जोखिम प्रसव की सुविधा, नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य, कैंसर, टीवी, कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरेपी, हार्ट बाईपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी, एमआरआई, सीटी स्कैन, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर, डायबीटीज, कोरोनरी बायपास, घुटना प्रत्यारोपण, स्टंट डालना, आंख, नाक, कान और गले से संबंधित बीमारी आदि शामिल हैं । इसके साथ ही अस्पताल में एडमिट होने से पहले व बाद के खर्च भी इस हेल्थ बीमा में कवर किए जा रहे हैं।

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