परिवहन विभाग के सहयोग से नुआंव बस स्टैंड से यूपी वाराणसी के लिए प्रतिदिन सरपट दौड़ रही छोटी बड़ी सवारी गाड़ीयो पर थानेदार ने कार्रवाई कर एमभीआई को किया बेनकाब। - Ideal India News

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परिवहन विभाग के सहयोग से नुआंव बस स्टैंड से यूपी वाराणसी के लिए प्रतिदिन सरपट दौड़ रही छोटी बड़ी सवारी गाड़ीयो पर थानेदार ने कार्रवाई कर एमभीआई को किया बेनकाब।

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परिवहन विभाग के सहयोग से नुआंव बस स्टैंड से यूपी वाराणसी के लिए प्रतिदिन सरपट दौड़ रही छोटी बड़ी सवारी गाड़ीयो पर थानेदार ने कार्रवाई कर एमभीआई को किया बेनकाब। पहले दिन ही 14 हजार राजस्व आई सरकारी खजाने में।

विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता


नुआंव।  एमभीआई के सहयोग से यूपी के नंबर पर बिहार से सरपट दोनों राज्यों में दौड़ रही है छोटी बड़ी वाहनों पर बुधवार से थानेदार ने नकेल कसना शुरू कर दीया है।अभियान के पहले दिन ही एक बस व दो छोटी सवारी गाड़ियों से 14 हजार रुपये का राजस्व सरकारी खजना में जमा कराई गई।बतादे की डीटीओ रामबाबू की लापरवाही एवं एमभीआई के सहयोग से चलने वाली ऐसे वाहनों से बिहार सरकार को प्रतिदिन सिर्फ नुआंव प्रखंड से हजारो रुपए की राजस्व की क्षति हो रही थी।जिसको ले जदयू के प्रखंड अध्यक्ष विश्वनाथ  गुप्ता ने डीएम व एसपी से शिकायत की थी।इस मामले में डीएम ने डीटीओ व एसपी ने थाने दार को कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया था।डीटीओ द्वारा तो कोई कार्रवाई नही की गई।लेकिन थानेदार ने बुधवार को अहले सुबह एसआई बृजकिशोर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर ऐसे वाहनों में से कुछ को धर दबोचा।बतादे की ऐसे वाहन सुबह 5 बजे से लेकर 7 बजे तक 2 घंटा मुख्य मार्ग स्थित बस स्टैंड से प्रतिदिन करीब एक दर्जन छोटी एवं आधा दर्जन बड़ी सवारी गाड़ी यूपी के लिए खुलती हैं।इनके नंबर प्लेट पर यूपी का नंबर अंकित रहता है। और उधर से 2 बजे अपराह्न से 6 बजे शाम के बीच पुनः नुआंव बस स्टैंड वापस आ जाती है।  बिहार की सीमा में व्यवसायिक रूप से चलने के लिए इन सवारी गाड़ियों के पास कोई बैध कागजात नही है। यहां तक की कई गाड़ियों के ड्राइवरों के पास लाइसेंस भी नहीं होता है। दूसरी तरफ करोना गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए सीट से भी अधिक सवारियों को भेड़  बकरियों की तरह ठूस कर ये गंतव्य स्थान पर ले जाते हैं। और ये उधर से वापसी में भी अपनी कारनामा जारी रखते हैं। इस संबंध में स्थानीय थाना अध्यक्ष सुनीत कुमार सिंह ने बताया कि जदयू के प्रखंड अध्यक्ष की शिकायत पर एसपी ने मुझे जांच हेतु निर्देश दिया है।इस मामले में एएसआई बृज किशोर सिंह को जांच पदाधिकारी बनाया गया है।उनके द्वारा सोमवार की सुबह ऐसे वाहनों के विरुद्ध जांच अभियान चलाया गया।जिसमें नुआंव से यूपी के जिला गाजीपुर तक चलने वाली बस व वाराणसी तक चलने वाली दो छोटी सवारी गाड़ियों को जप्त किया गया।और तीनो वाहनों से 14 हजार रुपया अर्थ दंड वसूला गया।वहीं डीटीओ रामबाबू ने  बताया कि डीएम के निर्देश पर एमभीआई को जांच करने का निर्देश मेरे द्वारा दिया गया है।लेकिन वे इस कार्य मे घोर लापरवाही बरत रहे है।अब उनपर कार्रवाई हेतु बिभाग को लिखा जाएगा।इस संबंध में पूछे जाने पर एमभीआई ने चौकाने वाला बयान देते हुवे कहा की मैं कैमूर एवं बक्सर दो जिला के प्रभार में हूं।ऐसे में जांच हेतु समय नहीं मिल पा रहा है।वहीं दूसरी ओर सरकार ने ऐसे वाहनों को चलाने के लिए छः माह का छूट दे रखी है।इस संबंध में  जदयू अध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता  ने आरोप लगया है कि एमभीआई  की मिलीभगत से ही ऐसे अवैध वाहनों का संचालन बिहार से लेकर यूपी के वाराणसी तक हो रहा है।जिससे बिहार सरकार को राजस्व की क्षति हो रही है।उन्होंने बताया कि ऐसे वाहनों पर नजर रखने की अपील पार्टी की बैठक में सीएम नीतीश कुमार द्वारा कार्यकर्ताओ से की गई है।जिसके आलोक में कार्यकर्ता डीएम एसपी से मिल ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया था।


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