अक्सर बंद रहता नुआंव का आपूर्ति कार्यालय। कार्डधारियों की शिकायत का नहीं हो रहा निवारण। - Ideal India News

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अक्सर बंद रहता नुआंव का आपूर्ति कार्यालय। कार्डधारियों की शिकायत का नहीं हो रहा निवारण।

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अक्सर बंद रहता नुआंव का आपूर्ति कार्यालय। कार्डधारियों की शिकायत का नहीं हो रहा निवारण।

दीपक कुमार गुप्ता,बीयूरो चीफ कैमूर।



नुआंव।  प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित आपूर्ति कार्यालय में बराबर ताला लटका रहता है। जिसके कारण नया राशन कार्ड बनाने के इच्छुक लोगों एवं पुराने कार्डधारियों सह लाभार्थियों के समस्याओं का निपटारा नहीं हो पा रहा है। इसका खुलासा तब हुआ जब मंगलवार को अंतोदय योजना के एक लाभार्थियों द्वारा अनाज नहीं देने का डीलरों पर आरोप लगाते हुए एमओ कार्यालय पर अनशन शुरू कीया। इस मौके पर अपनी शिकायत को लेकर पहुंचे कई कार्ड धारियों ने बताया कि डीलरों द्वारा आधार शेडिंग के नाम पर हम लोगो का पाश मशीन में अंगूठा लगा राशन को डकार लिया गया है। इसकी जानकारी हम लोगों को तब हुई जब हम लोग एक सामाजिक कार्यकर्ता से राशन नही मिलने की शिकायत की।तो उन्होंने अपने मोबाइल से एप पर चेक कर के  हम लोगों के नाम पर राशन का उठाव होने की जानकारी दी।इस संबंध में पूछे जाने पर विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मेरी प्रतिनियुक्ति मोहनिया में भी हुई है। कार्यालय में मात्र इकलौता स्टाफ हूं।जिस दिन मोहनिया में मेरी डयूटी रहती है उस दिन नुआंव का कार्यालय बंद रहता है।एक सवाल के जबाब में उन्होंने कहा की डीलरों की शिकायत करने कार्डधारी तो आते हैं लेकिन लिखित रूप में कोई शिकायत करने को तैयार नहीं होता है। सिर्फ मौखिक शिकायत कर के लोग चले जाते हैं। ऐसे में डीलरों पर करवाई करना संभव नहीं हो पा रहा है। उधर कार्यालय सूत्रों ने बताया कि दुमदुमा पंचायत के एक डीलर के यहां गत दिनों वीडियो ने जांच की थी। और गोदाम तथा स्टॉक पंजी में काफी गण बणी पाई थी।जिसका जांच प्रतिवेदन एसडीओ मोहनिया को भेजा था।जिस पर मोहनीय कार्यालय से डीलर से स्पास्टिकरण पूछ  मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इस वजह से प्रखंड स्तर के अधिकारी डीलरों के विरुद्ध जांच कर अधिकारियों के यहां जांच प्रतिवेदन भेजकर अपनी हसाई नही करना चाहते है।पूछे जाने पर बीडीओ ने बताया कि हमलोगों का अधिकार सीमित है।वरीय अधिकारियों के यहां हमलोग जांच प्रतिवेदन तो जरूर भेजते है लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नही हो पाती है।

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