विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारी को तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने रौंदा मौके पर मौत - Ideal India News

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विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारी को तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने रौंदा मौके पर मौत

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डा राजेश जैन जौनपुर



विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारी को तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने  रौंदा मौके पर मौत



जौनपुर।  लुंबिनी-दुद्धी राजमार्ग पर सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के देवकली गांव के पास वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिग संस्थान के सामने सोमवार को दोपहर में बेकाबू हुई तेज रफ्तार प्राइवेट बस ने विश्वविद्यालय के संविदा कर्मचारी को रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बस की चपेट में आने से तीन अन्य युवक घायल हो गए। बस ने चार दुकानों व तीन बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। 

 उमानाथ सिंह इंजीनियरिग संस्थान के समीप दोपहर करीब 12 बजे शाहगंज की तरफ से आ रही प्राइवेट बस महानगरी का चालक नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू हुई बस सड़क किनारे चाय-पान की चार दुकानों को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही बाहर खड़े होकर चाय-नाश्ता कर रहे विश्वविद्यालय के 45 वर्षीय संविदाकर्मी मोहम्मद कामिल और देवकली गांव निवासी नीरज, धीरज, राहुल व तीन बाइकों को रौंदती हुई आगे निकल गई। इसमें कामिल की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी निरीक्षक जगदीश कुशवाहा टीम संग मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में ले लिया। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने बस सीज कर दी। चालक को हिरासत में लेकर अग्रिम कार्रवाई की।
हादसे में साथी संविदा कर्मचारी मोहम्मद कामिल की मौत की खबर लगते ही भारी संख्या में कर्मचारी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए। इसी दौरान अपने दफ्तर से निकले कुलसचिव महेंद्र कुमार रुक कर संवेदना के दो शब्द बोलने की बजाय सीधे आवास पर चले गए। इससे क्षुब्ध कर्मियों ने शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रामजी सिंह, उपाध्यक्ष रामजस मिश्र, महामंत्री स्वतंत्र कुमार, मीडिया प्रभारी डा. दिलगीर हसन के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी

शुरू कर दी। आवास से दफ्तर जा रहीं कुलपति प्रोफेसर निर्मला एस मौर्या को भी क्षुब्ध कर्मियों ने गेट पर रोक लिया। कुलपति ने वाहन से उतरकर कर्मचारियों से संवेदना जताई। आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय मृत संविदाकर्मी के परिवार को हरसंभव सहायता देगा। प्रदर्शनकारियों ने कुलसचिव पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। कुलपति के निर्देश पर कुलसचिव आए। खेद जताते हुए कहा कि उन्हें हादसे के बारे में जानकारी नहीं थी। इस पर करीब ढाई घंटे बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत हुआ।


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