जय गौ माता कह कर सच्चे गौ भक्त नहीं बन सकते, जब तक की आप गौ माता के लिए समर्पित नहीं : शत्रुधन लाल गुप्ता - Ideal India News

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जय गौ माता कह कर सच्चे गौ भक्त नहीं बन सकते, जब तक की आप गौ माता के लिए समर्पित नहीं : शत्रुधन लाल गुप्ता

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कमल कुमार कश्यप
रांची झारखंड बिहार

जय गौ माता कह कर सच्चे गौ भक्त नहीं बन सकते, जब तक की आप गौ माता के लिए समर्पित नहीं : शत्रुधन लाल गुप्ता



 सिर्फ जय गौमाता कहकर सच्चे गौभक्त नही बन सकते जबतक की आप गौमाता के लिए समर्पित नहीं है।
सर्वप्रथम आपको अपना जन्मदिन गौशाला में मनाये, शादी की सालगिरह हो या बच्चे का जन्मदिन हर सम्भव प्रयास करें गौमाता के सानिध्य में मनाए और अगर सम्भव नहीं है तो नजदीकी गौशाला में गौमाता के ग्रास के लिए चारा या चोकर पशुआहार जरूर पहुचाये आपका देखादेखी जरूर कुछ लोग नकल करेंगे और वह भी गौशालाओं में जन्मदिन मनाने के लिए आगे आएंगे, आप अपने आसपास के लोगो को प्रोत्साहित भी कर सकते हैं अपने जन्मदिन पर गौशाला में बाटी चोखा या कोई छोटा मोटा कार्यक्रम रखे इसी बहाने लोग गौशाला में आएंगे और गौमाता की सानिध्यता में कुछ समय अवश्य बिताएंगे
अगर आप ऐसा नहीं कर सकते हैं तो आपको जय गौमाता बोलने का हक नहीं।
 वैसे विख्यात समाजसेवी शत्रुघ्न लाल गुप्ता आर्य समाज से जुड़े हैं| इनकी अपनी एक अलग ही पहचान है इसके साथ ही साथ यह प्रत्येक रविवार को यज्ञ अनुष्ठान भी अपने वृद्धाश्रम में करते और करवाते हैं| जिससे इस महामारी के दौर में वहां का वातावरण अगल-बगल के लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित होता है| यही नहीं इनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला गुप्ता जी किसी से कम नहीं है| वह भी समाज के कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं| वैसे प्रधाना आर्य समाजसेवी श्रीमती गुप्ता आर्य समाज से जुड़े संस्कार सुरक्षा जीवन रक्षा कार्यक्रम चला रही हैं| जिसमें उनका कहना है कि युवा पीढ़ी और बच्चे वैदिक मान्यताओं,  पूजा शैली, यज्ञ, स्वास्थ्य सुरक्षा, भारतीय- उज्जवल इतिहास आदि से परिचित नहीं है |उन्नमे इन बातों को पुनः स्थापित करने के लिए आर्य समाज यह कार्यक्रम चला रहा है| जिसमें योग और साफ सफाई के महत्व को नित्य अमल में लाने के लिए बताया जा रहा है| यही नहीं समाजसेवी एसएल गुप्ता व धर्मपत्नी श्रीमती सुशीला गुप्ता रांची गौशाला से भी जुड़ी हुई हैं| जो समय समय पर गौ सेवा करना इनका अपना एक पहचान है| यह दोनों दंपत्ति दयालु प्रवृत्ति के हैं, यह लोग अपने गौशाला में नंदी भगवान से लेकर के गौ माता एवं उनके बछिया का भली-भांति सेवा करते हैं|

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