आपदा योजनाओ का जायजा व निरीक्षण पर सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियो पर वैन लगाए जाने के बाद अफसर हुवे बेलगाम। - Ideal India News

Post Top Ad

आपदा योजनाओ का जायजा व निरीक्षण पर सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियो पर वैन लगाए जाने के बाद अफसर हुवे बेलगाम।

Share This
#IIN

आपदा योजनाओ का जायजा व निरीक्षण पर सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियो पर वैन लगाए जाने के बाद अफसर हुवे बेलगाम।


 प्रखंड में सरकार द्वारा संचालित निशुल्क समुदायिक किचन में जरूरत मंदो को नही  मिल रहा गुणवक्ता पूर्व स्वादिष्ट भोजन।

 घटिया भोजन परोसने पर कैंटीन कर्मियों पर लाभुको ने तरेरी आंख।

 घटिया खाना खिलाने का लगाया आरोप।

पटना,डेस्क/कैमूर/नुआंव।

करोना की पहली लहर में संचालित क्वारनटाइन सेंटर की तरह दूसरी लहर में सरकार द्वारा जरूरतमंदों के लिए खोले गए निशुल्क सरकारी रसोईघर भी अनियमितता व भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। बीआरसी में संचालित समुदायिक किचन में भोजन करने पहुंचे जरूरतमंदो ने घटिया भोजन सामग्री परोसने का आरोप लगाते हुवे कैंटीन कर्मियों को जमकर लताड़ा।




 भोजन करने वाले मदन कुमार सहित अन्य लाभुकों ने बताया कि दाल की क्वालिटी खराब के साथ इतनी पतली  है कि चावल में मिक्स होने की बजाय  बह जा रही है।वही थाली से पापड़ अचार सहित अन्य सामग्री भी गायब है।उनलोगों की माने तो उनको मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।लाभुकों ने बताया कि रसोईघर के सूचना पट्ट पर रसोई चार्ट एवं भोजन समय तालिका नही लगाई गई है।जिससे पता चल सके कि आज भोजन में क्या क्या ब्यनज़न कैंटिंग वाले को खिलाना है। इस संबंध में पूछे जाने पर किचन घर के प्रभारी पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी राजकिशोर शर्मा ने बताया कि मोहनिया अनुमंडल कार्यालय के थ्रू कैंटिंग वाले को भेजा गया है। मेरे द्वारा इसका निरीक्षण एवं अनुश्रवण प्रतिदिन किया जाता है। भोजन सही तरीके से लाभुकों को मिल रहा है।  कभी-कभी भोजन बनाने में कोई कमी रह जाना स्वभाविक है।अक्सर ऐसा घरो में भी हमलोगों के साथ होती रहती है।वैसे मेरे द्वारा कैंटिंग वाले को हिदायत दी गई है कि भोजन की गुणवत्ता एवं मीनू से कोई समझौता नहीं की जाएगी। और सही तरीके से कैंटिंग का संचालन नहीं करने पर कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को लिखा जाएगा।बता दें कि सरकार ने करोना गाइडलाइन का शत प्रतिशत अनुपालन हेतु मंत्री सांसद विधायक से लेकर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं को आपदा के तहत संचालित  योजनाओं के निरीक्षण एवं जायजा लेने पर रोक लगा दिया है। और पूरी बागडोर अपने अधिकारियों को सौप दिया है।इसके सही तरीके से संचालन एवं निगरानी हेतु अंचला धिकारियों के साथ नोडल पदाधिकारियों की भी नियुक्ति की है।लेकिन अफसरों की मनमर्जी का आलम यह है कि नुआंव समुदायिक किचन पर कौन नोडल पदाधिकारी है। इसकी जानकारी कैंटिंग संचलन के लिए प्रतिनियुक्त शिक्षकों को भी नहीं है। जहां तक अंचलाधिकारी का सवाल है।प्रशाशनिक व राजस्व व भूमि संबंधित कार्यों में व्यस्त रहने के कारण अपना अधिकांश समय क्षेत्रों एवं कार्यालयों में ही देते हैं। जिसका लाभ ले कैंटीन संचालक खराब भोजन जरूरत मंदो को परोस रहे है।कैंटिंग का संचालन करने वाले कर्मियों ने बताया कि प्रतिदिन भोजन मीनू के अनुसार बनाया जाता है। आज खाना बनाने वाले  कारीगर की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण कुछ व्यंजन में कमी रह गई।जिसको अगले दिन से दुरुस्त कर लिया जाएगा। जहां तक मीनू सूचना बोर्ड पर प्रदर्शित करने का सवाल है तो प्रदर्शित किया गया था। लगता है किसी के द्वारा नष्ट कर दिया गया है।पुनः चस्पा कर दिया जाएगा।बताते की शुरुआती दौर में ही सामुदायिक किचन का संचालन काफी निम्न स्तर का था।लेकिन जदयू कोविड निगरानी सह समन्वय समिति के दौरा के बाद इसमें काफी सुधार हुवा था।लेकिन सरकार द्वारा जनप्रतिनिधियो के पैर में बेड़ी डाल आपदा पिणितो को अधिकारियों के हवाले पूरी तरह से छोड़ने के बाद स्थिति बद से बदतर हो गई है।जिसका जनप्रतिनिधियो को मलाल है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad