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पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग

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अमर बहादुर त्रिपाठी सुल्तानपुर
कुड़वार। पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग ।लाश को घर पर रखकर 50 लाख मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी की रखी मांग।ऊदल कोरी कर रहे परिवार वालो की पैरोकारी।मौके पर सीओ सिटी, सीओ लम्भुआ व एस डी एम सदर मौजूद।




करीब 4 घंटे तक इलाज के अभाव में कादीपुर सीएचसी में तड़पता रहा पत्रकार , सीएचसी की खस्ताहाल
सुल्तानपुर कादीपुर -सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कादीपुर में पत्रकार  परमानंद मिश्रा इलाज के लिए  करीब 4 घंटे तक तड़पते रहे किंतु उन्हें कोई स्वास्थ्य सुविधा नहीं प्राप्त हुई। उन्होंने सीएससी अधीक्षक डॉ राघवेंद्र प्रताप सिंह को सूचित किया इस पर पत्रकार का आरोप है कि अधीक्षक केवल स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का झूठा आश्वासन देते रहे किंतु 4 घंटे तक एक भी डॉक्टर दिखाई नहीं दिए। प्रदेश की योगी सरकार जहां आम जनमानस सहित देश के चतुर्थ स्तंभ के लिए हर प्रकार की स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर पूरी तरह से दृढ़ संकल्पित है वही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दावों की पोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कादीपुर ने खोल कर रख दिया जहां सुविधा के अभाव में मरीज तड़पते हुए देखे जा सकते हैं। सरकार की मंशा पर पानी फेरने का जीता जागता उदाहरण पत्रकार का सीएचसी में इलाज के अभाव में तड़पता हुआ दृश्य है। प्रदेश की योगी सरकार जहां आम जनमानस को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के बारे में छाती ठोक कर दावे करती है किंतु सरकार के सारे दावे की पोल खोलने का मापदंड पत्रकार को चिकित्सा सुविधा न मिलना है क्योंकि जब पत्रकारों को सीएससी में दुर्व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है और पत्रकारों का इलाज सरकारी अस्पताल में नहीं संभव हो पा रहा है तो आम जनता के साथ क्या बर्ताव होता होगा जो सोचने का विषय है? पत्रकारों को किसी भी प्रकार की चिकित्सा व्यवस्था न मिलना इस तरफ संकेत करता है कि आम जनता को किसी भी प्रकार की चिकित्सा सुविधा का लाभ कैसे प्राप्त होता होगा जो जांच का विषय है। पत्रकार का आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस के आने का इंतजार करते-करते हालत और खराब होने लगी जिससे मजबूर होकर पत्रकार को निजी वाहन बुलवाना पड़ा और जिला चिकित्सालय इलाज के लिए विवश होकर रवाना होना पड़ा। गौरतलब हो कि परमानंद मिश्रा को हर्ट की समस्या थी जिसके इलाज हेतु वह कादीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे किंतु चिकित्सा सुविधा का खस्ताहाल दिखाई दिया। पत्रकार को कोई चिकित्सा सुविधा ना मिलने से क्रांतिकारी पत्रकार परिषद, उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन सहित कई पत्रकार संगठनों में रोष व्याप्त है। कादीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के बारे में पत्रकार संगठनों में काफी आक्रोश है जिसको लेकर पत्रकार संगठनों द्वारा किसी भी समय जिलाधिकारी कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जा सकता है।

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