वैक्सीन पर पीएम के बयान को नकारने वालों को करारा जवाब - Ideal India News

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वैक्सीन पर पीएम के बयान को नकारने वालों को करारा जवाब

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नई दिल्ली
 विकसित देशों के साथ ही पहली बार भारत में भी कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन की उपलब्धता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विज्ञानियों को बधाई पर सवाल उठाने वालों को सरकार ने करारा जवाब दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए विस्तार से बताया कि किस तरह से स्मालपाक्स, हेपेटाइटिस-बी और पोलियो की वैक्सीन दुनिया में आने के दशकों बाद भारत में लगनी शुरू हुई थी।
लव अग्रवाल ने कोरोना के पहले भारत में टीकाकरण की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा कि पूरी दुनिया में निष्कि्रय पोलियो वैक्सीन 1955 में आ गई थी, लेकिन भारत में यह 1970 में बननी शुरू हुई। इसी तरह से ओरल पोलियो वैक्सीन भी दुनिया में 1961 में आ गई थी, लेकिन भारत में 1970 में बननी शुरू हुई। शहरी क्षेत्रों में 1978 में और ग्रामीण इलाकों में 1981 में देना शुरू किया गया।
अग्रवाल ने कहा कि यही स्थिति हेपेटाइटिस-बी वैक्सीन मामले में भी रही। यह वैक्सीन 1982 में दुनिया में लांच हुई थी, लेकिन भारत में 1997 में बननी शुरू हुई। 2002 में पायलट प्रोजेक्ट के रूप 14 शहरों में इसे लगाना शुरू किया गया और 2010 में इसका व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू हो पाया। इसी तरह से 1952 में अमेरिका और यूरोप में स्मालपाक्स के खत्म होने के एक दशक बाद हमारे देश में राष्ट्रीय स्मालपाक्स उन्मूलन कार्यक्रम लांच किया गया था।

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