वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला कारागार मऊ का किया गया निरीक्षण - Ideal India News

Post Top Ad

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला कारागार मऊ का किया गया निरीक्षण

Share This
#IIN 

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जिला कारागार मऊ का किया गया निरीक्षण

जितेंद्र मौर्य आजमगढ़



माननीय उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशन तथा माननीय अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश मऊ श्री शंकर लाल के मार्गदर्शन में जिला कारागार मऊ का वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय अजय कुमार झा उप जेलर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। निरीक्षण के समय पूछताछ के दौरान उप जेलर द्वारा बताया गया कि जेल में वर्तमान समय में 580 कैदी निरुद्ध है। जिनमें से 523 पुरुष एवं 22 महिला बंदी हैं तथा 35 नव वयस्क बंदी हैं। जेलर से करोना के संबंध में पूछताछ की गई उनके द्वारा बताया गया कि जेल में कोई कोरोना पॉजिटिव बंदी नहीं है।। जेल के अंदर सैनिटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है, सभी बन्दियों को मास्क उपलब्ध कराया गया है। उप जेलर से पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि जेल के अंदर कोई समस्या नहीं है। उक्त अवसर पर उप जेलर से पूछा गया कि क्या जेल में कोई ऐसा कैदी दी है जिसकी जमानत हो गई हो और जमानतदार के बिना छूट नहीं रहा हो। इस पर उप जेलर द्वारा बताया गया कि ऐसा कोई कैदी नहीं है। पूछताछ के दौरान उप जेलर द्वारा बताया गया कि जेल में कैदियों का वैक्सीनेशन तथा कोविड़ टेस्ट हो गया है। नए बंदियों के आने पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखा जाता है तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा टीम भेजकर नये बंदियों का वैक्सीनेशन एवं टेस्ट कराया जाता है। उप जेलर द्वारा पूछताछ के दौरा बताया गया कि 19 वर्ष से 21 वर्ष के अंदर ऐसा कोई बंदी नहीं है जो 7 वर्ष से दंडनीय अपराध में निरूद्ध हो व एक चौथाई सजा भुगत चुका हो। अंत में उप जेलर को निर्देशित किया गया कि जेल के अंदर दवा, साफ सफाई की व्यवस्था मीनू के अनुसार गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाए।

कोरोना की दूसरी लहर को थामने में उ0प्र0 सरकार की 05 रणनीतियों ने अहम भूमिका निभाई है। इनमें मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा दिये गये 3 टी (टेस्ट, ट्रेक, ट्रीट), आंशिक कोरोना कर्फ्यू तथा टीकाकरण शामिल हैं और मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज कोरोना के एक्टिव केस घटकर काफी कम हो गये हैं।
कोरोना महामारी ने समाज के सभी वर्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे लोगों में बुजुर्ग भी हैं। ऐसे बुजुर्ग जिनके परिवार में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है, उनकी देखभाल के लिए प्रदेश सरकार द्वारा प्रोजेक्ट एल्डरलाइन की शुरूआत की गयी है एवं एक केन्द्रीय नं0 14567 जारी किया गया है। बड़ी संख्या में बुजुर्गों द्वारा इस सेवा का लाभ लिया जा रहा है। 
बड़ी संख्या में ऐसे श्रमिक जो रोज कमाने-खाने वालों की श्रेणी के हैं जैसे-ठेला, खोमचा, रेहड़ी, ई-रिक्शाचालक, नाई, धोबी, मोची आदि की जीविका जो कोरोना काल में रूक गयी है, उनके कल्याणार्थ योगी सरकार द्वारा डायरेक्ट बेनीफीट ट्रांसफर के माध्यम से उनके खातों में एक हजार रू0 ट्रांसफर किये गये हैं। 
कोरोना महामारी से मृतकों के ससम्मान अंतिम संस्कार को सुनिश्चित करने के लिए उ0प्र0 सरकार द्वारा पांच हजार रू0 की आर्थिक मदद की जा रही है।
प्रदेश में बहुत से ऐसे बच्चों की पहचान की गयी है, जिन्होंने अपने माता या पिता अथवा दोनों को कोरोना बीमारी के कारण खो दिया है। ऐसे अनाथ बच्चों की देखभाल सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी द्वारा उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरूआत की गयी है, इसके अन्तर्गत 4000 रू0 की मासिक सहायता बच्चे के वयस्क होने तक उसके अभिभावक या देखभाल करने वालों को दी जायेगी। ऐसे बच्चे जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है उन्हें मथुरा, प्रयागराज, आगरा, लखनऊ एवं रामपुर स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह में भेजा जायेगा। इन्हें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय व अटल आवासीय विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा दी जायेगी।
कोरोना महामारी से यद्यपि हमारा देश व प्रदेश दोनों प्रभावित हुए हैं किन्तु प्रदेश के मुख्यमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश इस लड़ाई में विजय प्राप्त करने में सक्षम रहा है। आज उ0प्र0 के सभी जिलों से आंशिक कोरोना कर्फ्यू हटा लिया गया है तथा जनजीवन तेजी से सामान्य हो रहा है। यह स्थिति मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में प्रदेश के जन सामान्य के सहयोग एवं समर्थन से ही सम्भव हो पाई है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad