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अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी घोषित होते ही जिले का सियासी पारा गर्म

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अपना दल गठबंधन के प्रत्याशी घोषित होते ही जिले का सियासी पारा गर्म 

डा राजेश जैन जौनपुर


धनंजय की सियासी बिसात में फंसे दिग्गज, नीलम सिंह व निशी यादव भी उतरीं मैदान में
जिला पंचायत अध्यक्ष पद की लड़ाई दिलचस्प मोड़पर, 83 सदस्य चुनेंगे अध्यक्ष





जौनपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की सियासी बिसात में शुक्रवार को भाजपा अपना दल गठबंधन ने अपने प्रत्याशी के रूप में रीता पटेल को घोषित कर भूचाल ला दिया। गौरतलब है कि 83 सदस्यों वाले इस सदन मंे बहुमत का आंकड़ा जिसके पास होगा उसी के सर पर अध्यक्ष का ताज सजेगा। जहां पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह मज़बूती के साथ जिला पंचायत सदस्यों को अपने खेमें में जोड़ने में जुटी हुई हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी की अधिगृहित प्रत्याशी निशी यादव ने भी अपनी पार्टी की विचारधारा के सदस्यों की सूची बनाकर रणभूमि में शनिवार को उतरेंगी। टिकट न मिलने से भाजपा प्रत्याशी नीलम सिंह ने भी अभी तक हार नहीं मानी और शनिवार को दो सेटों में पर्चा दाखिल करने का दावा किया है। 26 जून को नामांकन होना शुरू होगा और 29 जून को इस सियासी घमासान पर से बादल हटता हुआ दिखाई पड़ेगा। सूत्रों क ी अगर मानें तो इस सियासी बिसात में पर्दे के पीछे पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपनी चाल चलने मे पूरी तरह कामयाब नजर आ रहे हैं क्योंकि भाजपा के मात्र दस सदस्य जिला पंचायत चुने गये हैं तो वहीं अपना दल एस के सात सदस्य चुने गये। गठबंधन में रीता पटेल पर अपनी मुहर लगाते हुए अध्ययक्ष पद का प्रत्याशी घोषित कर दिया। ऐसे में 83 सदस्यों वाले सदन में बहुमत का आंकड़ा कैसे प्राप्त करेंगी ये गर्भ के गृह में छिपा हुआ है। तो वहीं समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी निशी यादव को जिताने के लिए उनके पति जितेन्द्र यादव व समाजवादी के विधायक, जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद सहित अन्य लोग ऐड़ी चोटी का जोर लगाये हुए हैं तो पूर्व सांसद धनंजय सिंह अपनी सियासत की रणनीति के चलते कई चौंकाने वाले परिणाम पहले भी दे चुके हैं। इसका उदाहरण पूर्व में जिला पंचायत के चुनाव में दिखा था जब उन्होंने 11 से अधिक ब्लॉकों पर अपने समर्थकों को प्रमुख की सीट पर कब्जा दिलाया था तो वहीं स्थानीय निकाय विधानपरिषद चुनाव में बृजेश सिंह  प्रिंशु को एमएलसी बनाकर ये बात साबित कर दिया था। ऐसे में अपना दल भाजपा गठबंधन से शुक्रवार को रीता पटेल के प्रत्याशी घोषित होते ही यह लड़ाई श्रीकला धनंजय सिंह व सपा की निशी यादव से होती हुई साफ दिखाई पड़ रही है। हालांकि कुंवर हरिबंश सिंह की बहू पूर्व ब्लॉक प्रमुख नीलम सिंह ने भी अपने पत्ते पूरी तरह से नहीं खोले हैं और अध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिए बेताब बैठीं है। शह और मात के इस खेल में जहां बड़े बड़े दिग्गज अपनी रणनीति से इस चुनाव को देख रहे हैं तो वहीं बहुमत का आंकड़ा किसके पक्ष मे होगा ये बात तीन जुलाई को साफ हो जायेगा।

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