अपने कार्यकाल में स्वीकृत तियारा पंप कैनाल का पूर्व विधायक अशोक सिंह ने लिया जायजा। - Ideal India News

Post Top Ad

अपने कार्यकाल में स्वीकृत तियारा पंप कैनाल का पूर्व विधायक अशोक सिंह ने लिया जायजा।

Share This
#IIN

विश्वनाथ प्रसाद गुप्ता,ब्यूरो चीफ बिहार।
की कैमूर के रामगढ़ बिधान सभा से रिपोर्ट।

अपने कार्यकाल में स्वीकृत तियारा पंप कैनाल का पूर्व विधायक अशोक सिंह ने लिया जायजा।




 मौके पर मौजूद अभियंताओं से कार्य में प्रगति लाने का किया अनुरोध।

अधीक्षण अभियंता से ऊंचे खेतों तक पानी पहुंचाने हेतु जलवाहक निर्माण कराने की मांग की।

कैमूर/भभुआ।  अपने कार्यकाल में लगभग 54 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत राशि से स्वीकृत नुआंव प्रखंड की चिरपरिचित व महत्वाकांक्षी योजना तियारा पंप कैनाल का रामगढ़ के पूर्व बिधायक अशोक कुमार सिंह ने जायजा लिया।इस मौके पर साइड पर एसडीओ एव जेई के साथ मौजूद कार्यपालक अभियंता चंचल कुमार से कैनाल को पुनर्जीवित करने हेतु चल रहे निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली।तथा इसके बाद पूरे कंट्रक्शन वर्क का विधिवत घूम घूम कर जायजा लिया।और कार्य मे और प्रगति लाने का अनुरोध अभियंताओं से किया।इनसेट।बोले पूर्व विधायक।रामगढ़ के पूर्व विधायक अशोक कुमार सिंह ने तियरा पंप कैनाल का जायजा लेने के बाद भास्कर को बताया कि मैंने अपने कार्यकाल में 30 वर्ष पूर्व मृत प्रायः हो चुकी तियरा पंप कैनाल को पुनर्जीवित करने हेतु असेम्बली कोसचन कर सरकार से स्वीकृत कराया। एवं 54 करोड़ 94 लाख की लागत राशि से निर्माण शुरू हुवा।जो  चल रहा है ।सिविल का कार्य प्रगति पर है लेकिन मैकेनिक अनुभाग का कार्य अभी शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि नदी के सतह से 40 फीट नीचे चेंबर का निर्माण किया गया है। जिसमें पंपों को अधिष्ठापित  किया जाएगा।कैनाल के चालू हो जाने के बाद किसानों के खेतों को लगातार 60 क्यूसेक एवं आवश्यकता पड़ने पर 80 क्यूसेक पानी बराबर मिलेगी। उन्होंने बताया कि नदी से चेम्बर तक लगभग 25 फीट सेक्शन पाइप का कनेक्शन कर दिया गया है।परंतु चेम्बर से नहर  तक डिलीवरी पाइप बिछाने हेतु मिट्टी खुदाई कर छोड़ दिया गया है। जो मिट्टी चेंबर के बैंक के पास टीले की तरह पड़ी हुई है। अगर बरसात से पहले डिलीवरी पाइप बिछाकर मिट्टी की भराई नहीं की गई तो सारा मिट्टी चेंबर के अंदर बहकर चला जाएगा। ऐसी स्थिति में मेरा द्वारा सिविल के अभियंताओं से अनुरोध किया गया है कि जिस तरह सेक्शन पाइप का कार्य किया गया है उसी तरह से डिलेवरी पाइप का भी कम अपने स्तर से करा दिया जाय।उन्होंने आगे बताया कि कैनाल के पोषक क्षेत्र में पड़ने  वाले तियरा  जुझारपुर चिंतामनपुर सूर्यपुरा एवं तरैथा गांव के कुछ सिंचित खेत उच्चे स्थान पर स्थित है। जिसको ले जुझारपुर पुल से ऊपर नहर का निर्माण कराया जा रहा है।ताकि सभी सिंचित क्षेत्रों की सिंचाई आसानी से हो सके। इसके लिए मेरे द्वारा उन क्षेत्रों में अधीक्षण अभियंता से जल वाहक निर्माण कराने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि प्रावधान के अनुसार विभाग प्रकलित राशि का 20% बिना सरकार की अनुमति से और खर्च कर सकता है। जो राशि लगभग 14 करोङ होती है। उन्होंने कहा कि मैं इस समय विधायक नहीं हूं फिर भी सूबे में मेरी ही सरकार चल रही है। ऐसे में राशि की कमी नहीं होने दी जाएगी। क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता। सिविल अनुभाग के कार्यपालक अभियंता चंचल कुमार ने बताया कि 47 करोड़ 94 लाख की प्राक्कलित राशि से तियरा पंप कैनाल को पुनर्जीवित करने हेतु सिविल वर्क का कंस्ट्रक्शन चल रहा है। जिसमें कंट्रोल पैनल रिंग वाल चेंबर इत्यादि निर्माण का कार्य चल रहा है। कार्य को तीव्र गति से कराया जा रहा है। लेकिन मैकेनिकल कोर अभी कोई कार्य शुरू नहीं किया है।नदी से पानी निकाल कर नहर में गिराना मेकेनिक डिवीजन का कार्य है। जब पूर्व विधायक पहुंचे तो हम अभियंताओं के साथ साइट पर ही मौजूद थे। उनका सुझाव किसानों के हित में है ऐसे में उस पर अमल किया जाएगा।क्या कहते हैं मैकेनिकल के कार्यपालक अभियंता। मेकेनिकल के कार्यपालक अभियंता सुरेश प्रसाद यादव ने बताया कि पंप कैनाल को पुनर्जीवित करने हेतु सिंचाई विभाग के दो अनुभाग कार्य कर रहे हैं। सिविल अनुभाग का कार्य समाप्त होने के बाद मेरे अनुभाग का कार्य शुरू होगा।करीब सात करोड़ की लागत राशि से 240 एचपी के 4 पंपों की स्थापना की जानी है। प्रत्येक पंप की क्षमता 20 क्यूसेक पानी निकालने की होगी। 3 पंप लगातार चलेगी। जबकि एक को रिजर्व में रखा जाएगा।जिसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। उन्होंने अभी तक कार्य शुरू नही होने के पीछे के कारणों का उल्लेख करते हुवे बताया कि प्रथम बार निविदा निकला तो किसी संवेदक ने भाग नहीं लिया। दोबारा निकला तो मात्र एक संवेदक ने भाग लिया। इस कारण नियमन कुल नहीं होने के कारण टेंडर को रद्द करना पड़ा। अब जब तीसरी बार टेंडर हुवा तो दो संवेदको ने भाग लिया है। जो प्रोसेस में है। टेंडर फाइनल होने के बाद मैकेनिकल का कार्य शीघ्र शुरू करा दिया जाएगा।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad