जागरूकता से ही सफल होगा नशामुक्ति अभियान अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता अभियान चलाकर नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया - Ideal India News

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जागरूकता से ही सफल होगा नशामुक्ति अभियान अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता अभियान चलाकर नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया

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जागरूकता से ही सफल होगा नशामुक्ति अभियान
अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर जागरूकता अभियान चलाकर नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया

जौनपुर, 27/06/2021



मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राकेश कुमार की अध्यक्षता में सीएमओ कार्यालय सभागार में शनिवार को इंटरनेशनल डे अगेंस्ट ड्रग एब्यूज एंड इलीसिएट ट्रैफिकिंग पर गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें लोगों को जागरूक किया गया।
   गोष्ठी को संबोधित करते हुए सीएमओ डॉ राकेश कुमार ने कहा कि इस समय युवाओं में नशा अपनाने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ रही है। जिसे रोकने की जरूरत है। जागरूकता से ही नशाखोरी की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है। नशा उन्मूलन के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ राजीव कुमार ने लोगों को नशा करने से होने वाले नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के निवारण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 7 दिसम्बर 1987 को प्रस्ताव पारित कर यह निर्णय लिया की प्रत्येक वर्ष 26 जून को इस दिवस को मनाया जायेगा | यह एक तरह से लोगों में चेतना फैलाने का काम करता है | नशे की दवाओं के दुरुपयोग, सिगरेट ,शराब, अफीम, चरस, गांजा, भांग, स्मैक आदि नशे की सेवन से शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक नुकसान होता है । नशे की दवाएं देश के युवाओं को अंदर से खोखला कर रही हैंं। इसके सेवन से हजारों जिंदगियां बर्बाद हुई हैंं। इसलिए न सिर्फ हमें इन दवाओं के उपयोग से बचना है, बल्कि अन्य लोगों को भी जागरूक करना है। यह दिवस एक तरह से लोगों में चेतना फैलाने का काम करता है | साथ ही युवाओं को नशे की लत से दूर करने व नशे के लती लोगों के उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य करता है। तंबाकू, बीडी, सिगरेट, जर्दा, गुटखा और एल्कोहल सेवन से युवाओं में एक गंभीर समस्‍या के रूप में सामने आई है। इन मादक पदाथों का सेवन केवल एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को अस्त-व्यस्त कर देता है। युवा वर्ग द्वारा मादक पदार्थों का सेवन पूरी दुनिया में बढ़ता जा रहा है | छोटी उम्र में बहुत अधिक लोगों द्वारा मादक पदार्थों का सेवन करने और युवा आबादी के बीच मादक पदार्थों के इस्तेमाल में बहुत अधिक वृद्धि को देखते हुए| राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार भारत में सबसे अधिक शराब का सेवन 16 करोड़ लोग करते है जो जनसंख्या का 15% है | दूसरे नंबर पर भांग तीन करोड़ लोग इसका नशा करते है | हिरोइन 1.14% लोग सेवन करते है | इसके रोकथाम का कार्य और इलाज करने के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना होगा | गोष्ठी को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ नरेन्द्र सिंह, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ आईएन तिवारी, एसीएमओ डॉ सत्य नारायण हरिश्चचंद्र, डीईआईसी मैनेजर अमित गौड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सत्यव्रत त्रिपाठी, मैटर्नल हेल्थ कंसल्टेंट नीरज सिंह सहित कई अन्य सीएमओ आफिस के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

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