*जिला जेल में साथी कैदी की मौत के बाद बेकाबू कैदियों को नियंत्रण करने में लगे 6 घंटे* - Ideal India News

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*जिला जेल में साथी कैदी की मौत के बाद बेकाबू कैदियों को नियंत्रण करने में लगे 6 घंटे*

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Anju Pathak and Avdhesh Mishra

*आजीवन करवावास की सजा काट रहे कैदी की मौत पर बवाल 6 घंटे की जद्दो जहद के बाद शांत हुआ*

*आजीवन कारावास का कैदी बागीश  मिश्र उर्फ सरपंच की मौत के बाद जिला जेल के कैदियों ने किया जमकर उत्पात, मृतक कैदी के भाई ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है मौत की खबर लगने के बाद आक्रोशित कैदियों ने जेल में आगजनी तोड़फोड़ के साथ हंगामा शुरू कर दिया था, लगभग 6 घंटो के बाद कैदियों पर पुलिस प्रशासन ने काबू पाया।*

*जौनपुर - जनपद के जिला जेल में साथी कैदी की बीमारी से हुई मौत से बेकाबू कैदियों को नियंत्रण करने में लगे 6 घंटे जनपद में शुक्रवार को जिला कारागार में एक आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की बीमारी की चलते मौत के बाद जेल में हंगामे के साथ कैदियों द्वारा बवाल हो गया, शुरू हुए बवाल को करीब छह घंटे बाद कमिशनर वाराणसी दीपक अग्रवाल व आईजी एस के भगत ने देर रात कैदियों द्वारा हुए बवाल को शांत कराया, कैदियों के मांगो व आरोपो को गम्भीरता से लेते हुए मण्डल के दोनो अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन देकर आक्रोशित कैदियों का गुस्सा शांत कराया।*

*घटना का कारण जिला जेल में बंद सज़ा याफ्ता कैदी की बीमारी के चलते दोपहर में मौत हो गई थी।*

*कैदी की मौत की खबर मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया, उधर यह खबर कैदी के परिवार वालो को हुई तो कोहराम मच गया, रामपुर थाना क्षेत्र के बानीडीह गांव का निवासी बागीश मिश्र उर्फ सरपंच को बीते छह जनवरी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सज़ा हुई थी, जेल प्रशासन के अनुशार एस टी नम्बर :68/13 अपराध संख्या:  532/12 धारा : 147 148 336 /149,308/149, 302/ 149,  304 ,506, 3(2)5 हत्या तथा एससी एसटी एक्ट दोनों धाराओं में पृथक आजीवन कारावास की सजा से दण्डित था जो  6 जनवरी 2021 से जेल में सजा काट रहा था।*

*बंदी को बृहस्पतिवार को शाम लगभग 10 बजे जेल अस्पताल में  लो बीपी, हाई सुगर तथा सांस की समस्या के लिए भर्ती कर उपचार किया जा रहा था बृहस्पतिवार की रात उसकी हालत खराब हो गई थी जिसको देखते हुए उसे पहले जेल के अस्पताल में भर्ती किया गया, जहा उसकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल भेजा गया अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में उसकी मौत हो गई, उधर मृतक के परिजन ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जाँच की मांग की है।*

*जिला जेल प्रशासन ने बजाई पगली घंटी और सायरन जेल के अंदर जैसे ही माहौल बदला वैसे ही जेल प्रशासन ने अलर्ट होकर पगली घंटी बजा दी. पल भर में जेल परिसर और आसपास के इलाकों में घंटी और सायरन की गूंज सुनाई देने लगी, पगली घंटी और फायरिंग की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में जेलकर्मी अंदर की तरफ जाने लगे. इस दौरान पीएसी की भी एक टुकड़ी जेल के अंदर प्रवेश कर गई  आगजनी और पत्थरबाजी के चलते देखते ही देखते पल भर में बदल गया जिला जेल का वातावरण  मृतक साथी कैदी की मौत से गुस्साए कैदियों ने न सिर्फ पत्थरबाजी की बल्कि जेल परिसर के अंदर आग भी लगा दी, कैदी के इलाज में लापरवाही से हुई मौत के कारण कैदियों का गुस्सा जेल के अंदर अस्पताल में भी देखने को मिला, जेल अस्पताल में आक्रोशित कैदियों द्वारा जमकर तोड़फोड़ की गई, इसके अलावा सर्कल गेट पर कंबल बांधकर उसमें आग लगा दी गई, आग की सूचना मिलने पर प्रशासन ने दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी बुला लिया आग की लपट और धुएं का गुबार जेल के गेट से साफ दिख रहा था।*

*जेल की छतो पर सिलेंडर और पत्थर लेकर तैयार थे बंदी, उपद्रव के दौरान कैदी बड़ी संख्या में पत्थर और सिलेंडर लेकर तैयार थे निश्चित रूप से कैदियों ने बड़ी घटना के लिए यह तैयारी कर रखी थी ड्रोन कैमरे द्वारा सामने आए वीडियो में यह साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैदियों ने सिलेंडर और पत्थर रखे हुए है इसके अलावा कैदियों के पास हाथ में डंडे भी दिखाई दिए, ड्रोन कैमरे की जद में आए सभी कैदियों ने चेहरे को गमछे से छुपा रखा था, प्रशासन इस बाबत भले ही कुछ कहे, लेकिन कैदियों ने अपनी तैयारी पूरी कर रखी थी, सिलेंडर, पत्थर और डंडे इस बात की तस्दीक करते हैं कि प्रशासन से दो-दो हाथ करने के लिए कैदियों ने ठान ली थी।*

*ड्रोन कैमरे से जिला कारागार के अंदर की ली जारही थी पल पल की जानकारी। बता दें की कैदियों ने सर्कल का गेट बंद कर दिया था, जेल की सभी बैरक में कैदियों ने कब्जा कर लिया था, इस घटना के बाद आनन फानन में थाना और सर्कल के सभी फोर्स को जिला जेल पर बुला लिया गया, लेकिन इसके बावजूद कैदी सुनने को राजी नहीं हो रहे थे जेल के अंदर बैरक की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी, इसी के चलते प्रशासन ने ड्रोन कैमरे के माध्यम से जेल की स्थिति का पता लगाया, ड्रोन कैमरा से मिली तस्वीर से उत्पात की वास्तविकता सामने देखने को लगातार मिलती रही।*

*कैदियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर की सहायता लेता रहा, लाउडस्पीकर द्वारा जिला प्रशासन जेल कैदियों से शांति बनाने की अपील कर रहा था बार-बार यह संदेश लाउडस्पीकर से दिया जा रहा था कि प्रशासन आप से वार्ता करना चाहता है सरकारी संपत्ति को नुकसान ना पहुंचाया जाए अन्यथा इस दिशा में आपके ऊपर एक और मुकदमा दर्ज हो जाएगा, इस पूरी घटना पर देर शाम रात 9 बजे आई जी रेन्ज वाराणसी एस के भगत और कमिश्नर वाराणसी दीपक अग्रवाल जेल पहुंच कर कैदियो से वार्ता कर बवाल शांत करवाया उन्होंने यह बताया कि साथी कैदी की मौत से कैदी आवेशित थे और इलाज करने वाले डाक्टर के खिलाफ कारवाई चाहते थे, जांच टीम गठित कर दी गई है जांच मे जो तथ्य निकल कर सामने आयेगा उसके अनुसार अग्रिम कारवाई सुनिश्चित की जायेगी।*

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