परीक्षा में होना है सफल तो इस दिशा में करें पढ़ाई - Ideal India News

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परीक्षा में होना है सफल तो इस दिशा में करें पढ़ाई

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स्टडी रूम की गलत दिशा में उपस्थिति विद्यार्थी के लिए कई प्रकार से नकारात्मक सिद्ध होती है। वास्तु के अनुसार कुछ ऐसी दिशाएं होती हैं, जहां पढ़ाई करना मानसिक तनाव और डिप्रेशन का कारण बन जाता है, तो कभी व्यक्ति को कितनी भी मेहनत करने पर अच्छे परिणाम प्राप्त नहीं होते हैं, इसलिए आपका यह जानना जरुरी है कि अगर आप भी ऐसी ही किसी दिशा में बैठकर पढ़ाई करते हैं
पश्चिमी वायव्य दिशा पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा के मध्य में स्थित होती है। यह स्थान पढ़ने के लिए या स्टडी रूम के लिए बिलकुल प्रतिकूल है। इस स्थान पर अगर कोई व्यक्ति पढ़ाई करता है, तो वह उसके लिए मानसिक तनाव और अवसाद का कारण बन सकती है। इस दिशा में ऐसे किसी भी कार्य को सम्पादित करने से बचना चाहिए, जिसके लिए आपको लम्बे समय तक यहां पर बैठना पड़े। विशेषतौर पर मानसिक क्षमता से जुड़े कार्य जैसे कि पढ़ाई करने के लिए यह स्थान वास्तु के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।
दक्षिणी नैऋत्य दिशा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिशा के मध्य में स्थित होती है। दक्षिणी नैऋत्य में बैठकर पढ़ने पर इम्तिहानों में बच्चों को अच्छे अंक प्राप्त नहीं होते हैं। इस दिशा में स्टडी रूम होने पर अगर विद्यार्थी बहुत अधिक परिश्रम भी करता है, तो भी अंतिम नतीजों में उसे अच्छे अंक और सफलता प्राप्त करने से वंचित रहना पड़ता है। यहां पर अध्ययन सामग्री भी रखने से बचें, तो बेहतर होगा।

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