घरों में मनाई गयी, भगवान परशुराम की जयंती। - Ideal India News

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घरों में मनाई गयी, भगवान परशुराम की जयंती।

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संजय पान्डेय आजमगढ़


घरों में मनाई गयी, भगवान परशुराम की जयंती।

आजमगढ/ शुक्रवार अक्षय तृतीया को ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा भगवान परशुराम जी की जयंती समारोह मनाया गया ।





सर्व प्रथम प्रातः काल चन्द्रमा ऋषि के आश्रम स्थित भगवान परशुराम के मन्दिर पर जाकर परिषद के अध्यक्ष तारकेश्वर मिश्र मंत्री आनन्द उपाध्याय तथा कल्पनाथ पाण्डेय ने भगवान परशुराम की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनका पूजन अर्चन किया ।
ततपश्चात सायं काल परिषद के पदाधिकारी गण एवं सदस्यों ने अपने -अपने घरों पर जयंती कार्यक्रम मनाया तथा भगवान परशुराम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजन अर्चन किया ।
परिषद के महामंत्री ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने अपने आवास पर आयोजित भगवान परशुराम जयंती को संबोधित करते हुए कहा कि सर्व प्रथम भगवान परशुराम ने शास्त्र के साथ ही शस्त्र शिक्षा ग्रहण कर ब्राह्मणों को प्रेरित किया कि धर्म की रक्षा के लिए शास्त्रों के अध्ययन के साथ ही शस्त्र की भी शिक्षा आवश्यक है क्यों कि बिना शस्त्र ज्ञान के धर्म एवं समाज की रक्षा नही हो सकती । भगवान परशुराम का कथन था  कि समाज की रक्षा का भार जिन क्षत्रिय राजाओं को दिया गया था यदि वह अत्याचारी,आतातायी व समाज के भक्षक हो जाएं तो उन्हें दंड देना ब्राह्मणों का कर्तव्य है क्यों कि कमजोरों पर अत्याचार करने वालों से बड़ा पापी वह होता है जो अन्याय का प्रतिकार न करे ।इसी कारण  तत्कालीन सहस्त्रबाहु कीर्ति वीर का पुत्र राजा सहस्त्रर्जुन के पुत्रों ने जब उनके पिता जमदग्नि ऋषि की हत्या कर दी और वह जबरदस्ती सभी महा ऋषि मुनियों के वध कर चमत्कारी गाय हर लिया तथा उस समय उनके अत्याचार से पूरा समाज पीड़ित हो गया था तब भगवान परशुराम ने उनका वध कर उनकी सारी सम्पदा  एवं राज्य अपने गुरु अगस्त ऋषि को दान कर दी ।जिसे अगस्त ऋषि ने समाज के कमजोर वर्गों को सौंप दिया ।
आज भगवान परशुराम जी के जयंती के अवसर पर हर ब्राह्मण समाज के लोग संकल्प लें कि हम शास्त्र के शस्त्र की भी शिक्षा ग्रहण करें और यदि कोई आतातायी ,अत्याचारी,दुराचारी समाज जे कमजोर असहायों पर अत्याचार करता है तो हम मजबूती के साथ उसका प्रतिकार करें ।
कोरोना के कारण लॉक डाउन के कारण भगवान परशुराम की जयंती अपने अपने घरों में मनाने वालों में पंडित अमर नाथ तिवारी, तारकेश्वर मिश्र,दुर्गा प्रसाद द्विवेदी,विश्व देव उपाध्याय, आनन्द उपाध्याय, जगदम्बा पाण्डेय,सतीश मिश्र,मनोज कुमार त्रिपाठी, रामाश्रय उपाध्याय, कैलाश नाथ चतुर्वेदी, राधे श्याम मिश्रा,अनिल चतुर्वेदी,अवनीश पाण्डेय,कृपा शंकर पाठक आदि प्रमुख ने मनाया ।

    भवदीय 
 ब्रजेश नन्दन पाण्डेय 
महामंत्री,ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, आजमगढ़

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