उत्तर भारत को दूसरी लहर ने संभलने का नहीं दिया मौका - Ideal India News

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उत्तर भारत को दूसरी लहर ने संभलने का नहीं दिया मौका

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देश इस समय कोरोना महामारी की दूसरी लहर से बुरी तरह जूझ रहा है। संक्रमण के मामले रिकॉर्ड चार लाख को पार कर चुके हैं और दैनिक मौतों का आंकड़ा भी चार हजार को पार कर गया है। इस साल की शुरुआत में ऐसा लगा था कि भारत कोरोना महामारी को मात देने में सफल हो रहा है, लेकिन फरवरी के मध्य के बाद से संक्रमण में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी। 15 मार्च तक संक्रमण की रफ्तार धीमी ही बनी रही, परंतु उसके बाद उसने जो रफ्तार पकड़ी कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। हालांकि, फिलहाल कई शहरों में हालात कुछ सुधरते नजर आ रहे हैं।

देश की राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ प्रमुख शहरों में कोरोना संक्रमण की चाल पर नजर डालते हैं तो पाते हैं कि मार्च के बाद अचानक से संक्रमण के मामलों में वृद्धि हुई। दिल्ली में 15 मार्च को मात्र 368 संक्रमित पाए गए थे और तीन लोगों की मौत हुई थी। उस दिन संक्रमण की दर 0.59 फीसद थी। लगभग एक महीने बाद 19 अप्रैल को संक्रमितों की संख्या बढ़कर 23,686 और मृतकों की संख्या 240 हो गई। संक्रमण की दर 26.12 फीसद पर पहुंच गई, यानी इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी में महामारी अपनी चरम पर थी, क्योंकि 10 मई के आंकड़ों राहत देने वाले हैं। सोमवार को 12,651 नए मरीज मिले, 319 लोगों की मौत हुई और संक्रमण की दर 19.10 फीसद पर आ गई है।

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