छोटे व मझोले उद्योगों ने मांगा राहत पैकेज - Ideal India News

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छोटे व मझोले उद्योगों ने मांगा राहत पैकेज

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नई दिल्ली

 कोरोना की दूसरी लहर को रोकने के लिए देश के बड़े हिस्से में जिस तरह से लॉकडाउन लगाया गया है, उद्योग जगत को उसके बड़े असर की आशंका है। पिछले वर्ष देशव्यापी लॉकडाउन से छोटे व मझोले उद्योग व आम जनता को बहुत दिक्कत हुई थी। इस वर्ष भी वैसे ही हालात बनते देख देश की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी काफी चिंतित हैं।

उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) गवर्नर से पत्र लिखकर सभी तरह के सूक्ष्म, छोटे व मझोले औद्योगिक इकाइयों व व्यक्तिगत कर्जधारकों के लिए एक बड़ी राहत पैकेज की मांग की है। एनबीएफसी के संगठन एफआइडीसी ने आरबीआइ गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास को लिखे पत्र में कहा है कि छोटे व्यक्तिगत और कारोबारी लोन ग्राहकों का खाता अगर एनपीए में डाल भी दिया गया है तो भी उन्हें दोबारा कर्ज देने का रास्ता साफ किया जाए।

एफआइडीसी की एक बड़ी मांग मोरेटोरियम की अवधि को बढ़ाना है। आरबीआइ ने दिसंबर, 2020 में रिजॉल्यूशन पैकेज का एलान किया था जिसमें कुछ एमएसएमई व पर्सनल लोन लेने वाले ग्राहकों को सशर्त दो वर्षो तक कर्ज अदायगी में राहत दिया था।

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