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झारखण्डी नक्सलियों ने कोरोना की जंग में बंकरो को आइसोलेशन सेंटर बनाने में जुटे

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कमल कुमार कश्यप
 रांची झारखंड बिहार  


झारखण्डी नक्सलियों ने कोरोना की जंग में बंकरो को आइसोलेशन सेंटर बनाने में जुटे

कोरोना संक्रमण का डर सिर्फ आम जनो को ही नहीं नक्सलियों को भी है|इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए नक्सली भी पूरी सावधानी बरत रहे हैं| उन्होंने घने जंगलों में अपने बंकरो को ही आइसोलेशन सेंटर बना डाला है| वह जंगल झाड़ियों के बीच कैंपों के आसपास के घरों का इस्तेमाल भी कर रहे हैं| इन सेंटरों में पर्याप्त दवाएं,   मास्क, सेनीटाइजर और बचाव के सभी जरूरी संसाधन सुरक्षित हैं| नक्सलियों की प्राथमिकता है कि वह कोरोना संक्रमण से बचे रहें, कोरोना संक्रमित पर उन्हें अस्पताल नहीं जाना पड़े| अस्पताल में भर्ती होने पर पुलिस के हत्थे चढ़ने का भी खतरा अधिक है|
 शहर और गांव के संपर्क में रहने वाले दस्ते के सदस्य अलग-अलग चक्र में पार्ट टाइम नियमों का पालन कर रहे हैं |दस्ते के बीच पहले एक ही थाली में खाना और एक दूसरे का कपड़ा पहनना आम बात थी, अब खाने में अलग थाली नहाने वाला साबुन व कपड़े भी अलग कर दिए गए हैं| पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर वह मास्क मंगवा कर रखे गए हैं| कैपो के आसपास वाले घरों में बने आइसोलेट सेंटरों की सुरक्षा की जवाबदेही, गांव के लोगों को दी गई है| लिहाजा अब तक सुरक्षा बलों की ओर से कहीं छापेमारी नहीं हो सकी है| सुरक्षा एजेंसियों के पास इस बात की पक्की सूचना है कि नक्सली महामारी की चुनौती से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है| वैसे नक्सली क्वारटाईन नियमों का पूरा पालन कर रहे हैं|   इन दिनों नक्सलियों ने अलग-अलग दस्ता बनाकर अलग-अलग कामों को बांट लिया है |कोई दस्ते का काम लेवी वसुलना है, किसी दस्ते का काम फोन करना है|     तो किसी  काम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है| जिस दस्ते के जिम्मे कैंप से बाहर निकलकर लेवी वसूली करना है, लौटने के बाद 14 दिनों के लिए कवारटाईन किया जा रहा है |दूसरी बार निकलने के लिए अलग दस्ते को लगाया जा रहा इस नियमित प्रक्रिया से नक्सली अपना सिस्टम चला रहे हैं|                                 जहां नक्सलियों ने     आइसोलेशन सेंटर बनाया है, वहां स्थानीय लोग भी नियमित रूप से सम्मान तौर पर आ रहे हैं, ताकि उनके बारे में किसी को पता नहीं चले| जानकारों का कहना है कि इस संक्रमण के दौर में बड़े नक्सली अभी अपने सुरक्षित ठिकानों पर हैं| वह फोन पर संपर्क और अपने अर्थ तंत्र के सिस्टम से ही लेवी वसूली के पैसे मंगवा रहे हैं |जबकि बड़े नक्सलियों ने एरिया कमांडर और उसे नीचे स्तर के नक्सलियों को संक्रमण से बचाव के हर नियमों का पालन करने को कहा है |नक्सलियों में कोरोना के थोड़े भी लक्षण दिखाई देने पर टेस्ट कराने से बच रहे हैं| किसी भी हाल में वह अपना कोविड-19 टेस्ट नहीं कराना चाहते, क्योंकि नक्सलियों को डर है कि टेस्ट कराने पर उनके रिकॉर्ड पुलिस तक पहुंच जाएंगे जिससे वह पकड़े जा सकते हैं |वह लक्षण दिखने पर आइसोलेट हो रहे हैं |
वही इस बाबत ग्रामीण एसपी रांची नौशाद आलम ने बताया कि रांची जिले से सटे बॉर्डर इलाके और नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है |सूचनाएं मिलने पर सर्व आप्रेशन चलाया जा रहा है ,फिलहाल सूचनाएं संकलित की जा रही है|

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