*उमर खाँ बगीचा की चित्रा मिश्रा की कोरोना से हुई मौत, जिला प्रशासन हुआ लापरवाह* - Ideal India News

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*उमर खाँ बगीचा की चित्रा मिश्रा की कोरोना से हुई मौत, जिला प्रशासन हुआ लापरवाह*

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Dharmendra Seth 

जौनपुर - नगर के उमर खाँ बगीचा निवासी प्रदीप मिश्रा की पत्नी चित्रा मिश्रा की 8 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने पर मौत हो गई, जिसके बाद उनकी पत्नी के शव को जिला अस्पताल द्वारा सैनिटाइजर कर पूरी तरह से पैक कर अस्पताल के कर्मचारी संग शव वाहन से अंतिम संस्कार के लिए मोक्क्ष द्वार रामघाट भेजा गया। संक्रमित मृत महिला के पति प्रदीप मिश्रा ने अपनी गरीबी में कमाये हुए थोड़े से रुपये में जैसे तैसे अपनी पत्नी के अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी एवं दाह संस्कार की वस्तुओं को खरीद कर किसी तरह से अपनी पत्नी का अंतिम संस्कार किया। जिसके लिए प्रदीप मिश्रा को किसी प्रकार की सरकारी या गैर सरकारी सहायता प्रदान नहीं हुई। 

जिला प्रशासन इतना लापरवाह कैसे हो सकता हैं नगर के थाना कोतवाली अंतर्गत बगीचा उमर खाँ निवासिनी महिला चित्रा मिश्रा की कल दिनांक 8 अप्रैल दिन गुरुवार को कोरोना संक्रमित होने से मौत हो गई, जिसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से संक्रमित महिला के परिजनों की न तो कोविड की जांच हुई और न ही उसके घर को सैनिटाइज कराया गया और न तो उस क्षेत्र के लोगों का उस तरफ आवा गमन बंद कराया गया, जो संक्रमण को बढ़ावा दिया जा रहा है जिसकी चपेट में कभी भी कोई क्षेत्र वासी आ सकता हैं। 

पिछले वर्ष के भाति इस वर्ष न तो सरकार कोरोना के बढ़ते संक्रमण में जागरुकता दिखा रही हैं और न ही जिला प्रशासन जिसके कारण इस वर्ष कोरोना महामारी से लोगों की मौत की संख्या पिछले वर्ष से अधिक होगी, क्योंकि बीते वर्ष के कोरोना संक्रमण से लोग ग्रसित तो हुए जिसमें लोग 15 से 20 दिनों में स्वस्थ होकर अपने घरों को गये जिसमें मुत्यु की दर बहुत कम रही। जबकी इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण लोगों को सांस लेने में अधिक परेशानी हो रही है जो की मौत का कारण बन रहा हैं। पिछले वर्ष किसी एक क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीज पाये जाने पर उस घर से लेकर पूरा क्षेत्र सैनिटाइज कराया जाता था, आना जाना बंद रहता था और परिजनों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा तुरंत जांच कराया जाता था जो इस वर्ष ऐसा कुछ नहीं हो रहा हैं केवल एक ही नारा चल रहा है देश भर में की दो गज की दूरी माक्स हैं जरुरी।

पिछले वर्ष पूरे विश्व में फैली कोरोना की महामारी से लोगों में पूरी तरह दहशत व्याप्त था, सरकार द्वारा लाकडाउन लगा दिया गया जगह जगह सैनिटाइजर कराया जा रहा था स्कूल एवं सरकारी कार्यालयों को पूर्णरूप से बंद कर दिया गया। लोगों को एक ही बात बार बार बता कर प्रशासन जागरूक कर रहा था कि दो गज की दूरी माक्स हैं जरुरी सचेत रहे और अपने अपने घरों में रहे बाहर न निकले और जो बाहर से आ रहे हैं उनकी जानकारी उपलब्ध कराए।

सरकार से लेकर जिला प्रशासन तक कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के रोकथाम के लिए दिन रात एक किए लेकिन इस 2021 के अप्रैल महिने से फिर कोरोना महामारी ने भयंकर रूप लेकर दोबारा वापसी किया है, जिस खतरनाक संक्रमण का शिकार देश की जनता फिर से होने लगी, जिससे लोगों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया, लेकिन जिला प्रशासन जिसके प्रति घोर लापरवाही बरत रहा हैं, जिसका खामियाजा आम जनता को कोरोना संक्रमण की चपेट में आकर अपनी जान देनी होगी। 

वहीं दूसरी तरफ नगर कोतवाली क्षेत्र के सद्भावना पुल निकट स्थित आनंद साइकिल स्टोर के मालिक आनंद की कोरोना के कारण मौत हो गई, दो दिन की बीमारी में आनंद की मौत से अड़ोस पड़ोस के लोग काफी चिंतित है, वही नगर के व्यस्ततम इलाके में हुई व्यापारी की मौत के बाद जिला प्रशासन द्वारा उनके घर के लोगों की ना तो जांच कराई गई और ना ही आसपास के क्षेत्रों में सैनिटाइजर का कार्य कराया गया।

जबकि उक्त क्षेत्र से दिन भर में कई हजार लोग गुजरते रहते हैं जो कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं जिसकी लापरवाही जिला प्रशासन पर होगी, जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारीगण इन दिनों त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में व्यस्त होने के कारण कोरोना से मर रहे लोगों के बारे में जानकारी नहीं दे रहे हैं और ना ही इस पर किसी का प्रकार की कार्रवाई कर रहे हैं।

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