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काव्यसृजन की एक और अनूठी पहल 👉 बांग्ला भाषा में गूगल मीट आनलाईन आयोजन

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संजय चतुर्वेदी मुम्बई
काव्यसृजन की एक और अनूठी पहल





       मुम्बई-इस होली के खुशनुमा माहौल में साहित्यिक सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था काव्यसृजन ने अपने नामानुसार कार्य करते हुए सौरभ दत्ता जयंत जी की देख रेख में बांग्ला भाषा में गूगल मीट आनलाईन आयोजन कर एक मिशाल कायम की है|काव्यसृजन इसके पहले मराठी भाषा में दो सफल आयोजन किया है|आज बांग्ला भाषा में आयोजन कर ए जाहिर किया है कि यह संस्था अपने बृहद उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रही है|सभी भारतीय भाषाओं का उत्थान हो और सभी के साथ हिंदी फले फूले और अपनी सशक्त पहचान बनाये,लोग अाक्रांताओं वाली भाषा से बाहर आके अपनी भाषा बोलने में गौरव का अनुभव करें|काव्यसृजन का यही मुख्य उद्देश्य है|उसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु काव्यसृजन ने आज दिनाँक-३१-३-२०२१ दिन बुधवार शाम ५.३०बजे से गूगल मीट पर एक बहुत ही सुन्दर व सफल आयोजन किया|
       पं.शिवप्रकाश जौनपुरी जी के मार्गदर्शन में आदरणीय जितेन्द्रनाथ गोस्वामी जी की अध्यक्षता,मुख्य अतिथि आदरणीया श्रीमती अशीमा दत्ता जी हौंसिला प्रसाद अन्वेषी जी,डॉ श्रीहरि वाणी जी पं.श्रीधर मिश्र जी की गरिमामय उपस्थिति में रंजीत गुहा जी का संचालन कमाल का रहा|
       इस आयोजन को ऊँचाइयाँ प्रदान करने वाले कवि कवयित्री श्रीमती अशीमा दत्ता जी जहाँ छत्तीसगढ़ से उपस्थित रही तो वहीं पश्चिम बंगाल से सुबोध घोष बिजन सेन गुप्ता जयंत दत्ता संध्या मजूमदार स्नेहाशीष मजूमदार दिशारी मुख्योपाध्याय जितेन्द्रनाथ गोस्वामी,रंजीत गुहा ने अपनी उत्कृष्ट रचनायें प्रस्तुत कर खूब आनंदित किया|गुवाहाटी से रंजीत चौबे नागपुर से मानिंद चंद्र सरकार व जोयिता राय ने तमिलनाडु से अपनी रचनाओं से सबका खूब मनोरंजन किया और इस आयोजन को राष्ट्रीय बना दिया|
            मुख्य अतिथि श्रीमती अशीमा दत्ता जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन बांग्ला भाषा में काव्यगोष्ठी जो कि मुम्बई से आयोजित की गई,उसकी जितनी प्रशंसा की जाय कम है|ये हम सभी बांग्ला भाषियों के लिए हर्ष अद्भुत व रोमांचकारी आयोजन रहा|अपने अध्यक्षीय भाषण में आदरणीय जितेन्द्रनाथ गोस्वामी जी ने सभी रचनाकारों की रचना पर प्रकाश डालते हुए काव्यसृजन व काव्यसृजन परिवार के सभी पदाधिकारियों की मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि आज का ये आयोजन मील का पत्थर साबित होगा|हम साहित्यकारों के लिए साहित्यप्रेमियों के लिए और साहित्यिक संस्थाओं के लिए भी|डॉ श्रीहरि वाणी हौंसिला प्रसाद अन्वेषी श्रीधर मिश्र जी ने कवियों  का खूब उत्साहवर्धन किया| हालांकि यह आयोजन पूर्ण रूप से बांग्ला भाषा में था फिर भी उपस्थित कवियों के आग्रह पर सौरभ दत्ता जयंत पं.शिवप्रकाश जौनपुरी डॉ श्रीहरि वाणी श्रीधर मिश्र व हौंसिला प्रसाद अन्वेषी जी ने भी अपनी रचनायें प्रस्तुत की|हौंसिला प्रसाद अन्वेषी जी ने कहा कि काव्यसृजन परिवार ने बांग्ला भाषा में आयोजन कर होली स्नेह मिलन का असली आनंद दिया है|डॉ श्री हरि वाणी जी ने कहा कि आज साहित्य कई अर्से के बाद फिर से पूर्व की दिशा से उदय हुआ है|संयोग देखिए आसमानी सूर्य इधर पश्चिम में अस्त हो रहा था|उधर साहित्यिक सूर्य पूरब से उदय हुआ|
      कल का दिन हम लोगों के लिए बहुत ही असहनीय रहा|आदर्श रामलीला समिति सहिजद रामपुर के निर्देशक व साहित्यप्रेमी विनोद कुमार मिश्र पृथ्वीराज चौहान की तरह भयंकर बिमारी कैंसर का प्रतिकार करते करते अंततः कल दिनाँक 30 मार्च 2021 को श्री से स्वर्गीय हो गये|जिससे सभी ईस्ट मित्र व परिवारी जन अथाह शोक के सागर में समा गये|हालांकि उनकी रिक्तता की पूर्ति तो नहीं हो सकती,फिर भी काव्यसृजन परिवार ने आनलाईन दो मिनट का मौन रखकर उस पुण्य आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से  प्रार्थना करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की|अंत में आज के आयोजक सौरभ दत्ता जयंत जी ने सभी कवि कवयित्रियों श्रोताओं का आभार व्यक्त करते हुए आगे भी सहयोग स्नेह बनाये रखने की विनती की|

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