कोविड-19 के दृष्टिगत माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशो के अनुसार जनपद न्यायालय जौनपुर में सम्पादित किये जायेगें न्यायिक कार्य* - Ideal India News

Post Top Ad

कोविड-19 के दृष्टिगत माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशो के अनुसार जनपद न्यायालय जौनपुर में सम्पादित किये जायेगें न्यायिक कार्य*

Share This
#IIN
आतपी मिश्रा प्रयागराज
*कोविड-19 के दृष्टिगत माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशो के अनुसार जनपद न्यायालय जौनपुर में सम्पादित किये जायेगें न्यायिक कार्य*




         कोरोना के बढ़ते प्रकोप को दृष्टिगत रखते हुए माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद द्वारा जिला न्यायालयों के संचालन हेतु नवीन दिशा-निर्देश निर्गत किये गये है, जिनके अनुपालन में माननीय जनपद न्यायाधीश एम0 पी0 सिंह द्वारा जनपद न्यायालय, जौनपुर में न्यायिक कार्य किये जाने हेतु गाइडलाइन जारी की गई है जिसके अन्तर्गत जनपद न्यायालय जौनपुर में न्यायालय जनपद एवं सत्र न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एस0सी0एस0टी0 एक्ट), न्यायालय विशेष न्यायाधीश (ई0सी0 एक्ट), न्यायालय विषेष न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट), न्यायालय विष्ेाष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट), न्यायालय विष्ेाष न्यायाधीश (एन0डी0पी0एस0 एक्ट), मुख्य न्यायिक मजिस्टेªट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, (आर्थिक अपराध से सम्बन्धित वाद), सिविल जज (सी0डि0), तथा सिविल जज (जू0डि0) शहर, सिविल जज जू0डि0 जौनपुर, सिविल जज जू0डि0 शाहगंज के न्यायालय क्रियाशील रहेंगे। जमानत प्रार्थनापत्र, अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्र तथा अन्य आवश्यक प्रार्थनापत्रों को दाखिल करने हेतु वेबसाइट- https://districts.ecourts.gov.in/Jaunpur    सृजित की गई है, जिसके माध्यम से अधिवक्तागण उक्त प्रार्थनापत्रांेको दाखिल कर सकेंगे। उपरोक्त क्रियाशील न्यायालयों द्वारा लम्बित/नवीन जमानत प्रार्थना-पत्र, लम्बित और नवीन अग्रिम जमानत प्रार्थना-पत्र, अतिआवश्यक प्रकीर्ण दाण्डिक प्रार्थना-पत्र, अतिआवश्यक प्रकीर्ण सिविल (यथा स्ािगन से सम्बन्धित) प्रार्थना-पत्र, विचाराधीन बन्दियों से सम्बन्धित न्यायिक कार्य/रिमाण्ड, ऐसे सभी मामले जिन्हें माननीय न्यायालय द्वारा समयबद्ध सीमा के अन्तर्गत   शीघ्रता से निस्तारित करने हेतु निर्देशित किया गया है तथा अन्य ऐसे मामले जिन्हें जनपद न्यायाधीश एवं प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) आवश्यक या उचित समझें, के मामलों की सुनवाई जहाॅं तक सम्भव हो, की जायेगी। अधिवक्ताओं, वादकारियों एवं अन्य स्टेक होल्डर द्वारा प्रेषित नवीन मामलों/प्रार्थना पत्रों (सिविल/क्रिमिनल) को प्राप्त करने हेतु न्यायिक सेवा केन्द्र (केन्द्रीयकृत फाइलिंग काउण्टर) का प्रयोग किया जायेगा। ऐसे समस्त मामले/प्रार्थनापत्र को सी0आई0एस0 पर पंजीकृत किया जायेगा तथा ऐसे प्रार्थना पत्रों एवं मामले पर अधिवक्तागण/वादकारी का विवरण, मोबाइल नम्बर व ई-मेल आई0डी0 उल्लिखित करना होगा। जमानत/अग्रिम जमानत प्रार्थनापत्रों की प्रति अभियोजन/डी0जी0सी0 को प्राप्त करायी जायेगी। अभियोजन द्वारा अपना उत्तर प्राविधानों के अनुसार निर्धारित अवधि के अन्तर्गत दाखिल किया जायेगा। ई-मेल से प्राप्त होने वाले प्रार्थनापत्रों को कम्प्यूटर अनुभाग द्वारा डाउनलोड कर सूची तैयार कर सम्बन्धित न्यायालय को प्रेषित की जायेगी। न्यायालय कक्ष में उचित दूरी पर अधिवक्ताओं के लिए मात्र चार कुर्सी की व्यवस्था की जायेगी तथा न्यायालय कक्ष में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों द्वारा मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जायेगा। प्रत्येक न्यायालय कक्ष के दरवाजे पर सैनेटाइजर की व्यवस्था की जायेगी तथा पेशकार, लिपिक आदि समाजिक/भौतिक दूरी से सम्बन्धित दिशानिर्देशों का अनुपालन करेंगे। केवल वही अधिवक्ता व वादकारी न्यायालय परिसर में आयें, जिनके केस/मामले लिस्ट किये गये हों तथा जैसे ही उनके केस/मामलों की सुनवाई पूरी हो जाती है, वे न्यायालय परिसर को छोड़ दें। न्यायालयों के रीडर, लिपिक, अन्य कर्मचारीगण, अधिवक्तागण तथा पक्षकारगण ‘‘सोशल डिस्टेन्सिंग’’ के दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
       उपरोक्त जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सचिव शिवानी रावत द्वारा बताया गया कि न्यायालय की कार्यप्रणाली हेतु अधिवक्ताओं व वादकारियों की सहायता के लिए हेल्पलाईन नम्बर देवेन्द्र कुमार यादव, एडवोकेट मो0नं0 7652099223 तथा पराविधिक स्वयंसेवक सुनील कुमार गौतम, पी0एल0वी0 मो0नं0 7800260157 व रामजियावन, लिपिक मो0नं0 7376181760 से किसी कार्य दिवस में प्रातः 10.00 बजे से सांय  05.00 बजे तक आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad