हथियारों पर अधिक खर्च कर रहे हैं चीन और पाकिस्‍तान - Ideal India News

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हथियारों पर अधिक खर्च कर रहे हैं चीन और पाकिस्‍तान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में यह कहा है कि निजी क्षेत्र को रक्षा क्षेत्र में भी पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराने के लिए आगे आना होगा। वे रक्षा क्षेत्र के संदर्भ में आयोजित एक वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश रक्षा क्षेत्र में कैसे आत्मनिर्भर बने यह अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। अब रक्षा के पूंजीगत बजट में भी घरेलू खरीद के लिए एक हिस्सा रिजर्व कर दिया गया है। इसलिए निजी क्षेत्र को आगे आकर विश्व में अपना परचम लहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत के पास हथियार एवं सैन्य उपकरण बनाने का सदियों पुराना अनुभव है, जिसका लाभ लिया जाना चाहिए। 

इससे पहले बेंगलुरू में एयर इंडिया शो के दौरान रक्षा मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि हिंद महासागर क्षेत्र के देशों को भारत मिसाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली सहित विभिन्न प्रकार की हथियार प्रणालियों की आपूर्ति करने को तैयार है। इससे पहले केवल आकाश मिसाइल के निर्यात को मंजूरी प्रदान की गई थी, परंतु अब हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल अस्त्र, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल नाग और क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस भी निर्यात के लिए तैयार हैं। आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है और कम दूरी की हवाई सुरक्षा प्रदान करती है।

आने वाले समय में अस्त्र मिसाइल को भी लड़ाकू विमानों के साथ एकीकृत किया जाएगा। ब्रह्मोस मिसाइल सेना, नौसेना तथा वायु सेना के द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली एक सुपरसोनिक मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाजों, मोबाइल लांचर, पनडुब्बियों एवं एयरक्राफ्ट से छोड़ा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि सामरिक स्वायत्तता बनाए रखने के लिए रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना महत्वपूर्ण है। रक्षा मंत्री ने अधिकारियों से इनोवेशंस फॉर डिफेंस एक्सीलेंस यानी रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवोन्मेष के तहत स्टार्ट-अप को मिलने वाले अनुदान को भी बढ़ाने को कहा।

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