योगी सरकार के चार साल : निजी स्कूलों से होड़ ले रहे सरकारी विद्यालय - Ideal India News

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योगी सरकार के चार साल : निजी स्कूलों से होड़ ले रहे सरकारी विद्यालय

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Zainab Aqil Khan

लखनऊ

 हौसला और हिम्मत। शिक्षा की अपार चुनौतियों से निपटने के लिए ये दो शब्द ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का संबल रहे। यही वजह थी कि संसाधनों की तंगी के बावजूद यूपी सरकार बीते चार वर्षों के दौरान बदहाली का पर्याय समझे जाने वाले परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प का हौसला दिखा सकी तो नकल के लिए कुख्यात यूपी बोर्ड परीक्षाओं को इस अभिशाप से मुक्ति दिलाने की दिशा में कदम बढ़ाने की हिम्मत जुटा सकी। साल दर साल बेतहाशा बढ़ने वाली स्कूलों की फीस के बोझ तले दबे अभिभावकों को राहत देने के लिए शुल्क विनियमन कानून बनाने की दृढ़ इच्छा शक्ति इसकी बानगी है। वहीं कोरोना महामारी से जूझते हुए डिजिटल लर्निंग के सहारे सूबे में शिक्षा के प्रवाह को अविरल बनाये रखना भी बड़ी कामयाबी है।

निजी स्कूलों से होड़ लेने की जिद ने ही सरकार को परिषदीय स्कूलों के जीर्ण-शीर्ण भवनों को गरिमामय स्वरूप प्रदान करने के लिए आपरेशन कायाकल्प संचालित करने को प्रेरित किया। इसके जरिये 1.35 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विकास कराकर उन्हें नई रंगत दी जा चुकी है। बच्चों का नामांकन बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें जूते-मोजे और स्वेटर भी देने की पहल योगी सरकार ने की। टेक्नोलॉजी की मदद से परिषदीय स्कूलों में शैक्षिक उन्नयन के लिए मिशन प्रेरणा लांच किया गया। बीते चार वर्षों के दौरान लगभग 1.25 लाख शिक्षकों की भर्तियां हुईं। अंग्रेजी माध्यम से संचालित परिषदीय स्कूलों की संख्या में 100 गुना वृद्धि कर बीते चार वर्षों में उनकी तादाद 15,000 तक पहुंचायी गई।

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