अंबेडकरनगर - पुलिस हिरासत से लौटे चंदन की मौत - Ideal India News

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अंबेडकरनगर - पुलिस हिरासत से लौटे चंदन की मौत

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Krishn Kumar Mishra 

अंबेडकरनगर 

 पुलिस की गिरफ्त से छूटकर घर लौटे एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसकी पत्नी ने पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस अधिकारी इसे जांच के मकड़जाल में उलझाकर मामले को रफादफा करने में जुटे हैं। अभी चार दिन पहले भी पुलिस हिरासत में आजमगढ़ के एक युवक की मौत हो गई थी। इस मामले में स्वाट प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर सभी को निलंबित कर दिया गया था।

टांडा कोतवाली के कोड़रा गांव निवासी चंदन गत 24 मार्च को स्थानीय त्रिमुहानी बाजार में सब्जी खरीदने गया था। यहां से चंदन को पकड़कर पुलिस कोतवाली ले आई। दो दिन तक उसे कोतवाली में रखा। मृतक की पत्नी उर्मिला का आरोप है कि पुलिस ने एक दलाल के माध्यम से 32 हजार रुपये लेने के बाद चंदन का शांतिभंग में चालान कर दिया। 26 मार्च की शाम पुलिस ने उप जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पाठक के समक्ष पेश किया। यहां से जमानत मिलने पर चंदन घर पहुंचा और बताया कि पुलिस ने उसे बहुत मारापीटा है। पूरे शरीर में दर्द है। यह कहते हुए चंदन लगातार रो रहा था। 28 मार्च की शाम करीब आठ बजे अचानक चंदन के शरीर में दर्द बढ़ा। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। उर्मिला ने आरोप लगाया कि उसके पति की मौत पुलिस की पिटाई और नाजायज वसूली के कारण हुई। उसने पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करा दिया गया। कोतवाल संजय कुमार पांडेय ने बताया कि धारा 151 के तहत चालान करने से पहले चंदन का मेडिकल कराया गया था। शरीर पर चोट नहीं थे। टांडा : पुलिस की जांच में चंदन की भूमिका आपराधिक नहीं मिली। इसका जिक्र पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश चालानी रिपोर्ट में किया है। इसके बावजूद पुलिस ने हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई की। पुलिस का यह कदम उसकी भूमिका पर सवाल उठाने के लिए काफी है। दारोगा राम उग्रह कुशवाहा की तरफ से उप जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में प्रस्तुत चालानी रिपोर्ट में बताया गया है कि गांव में हत्या के प्रयास व गैर इरादतन हत्या में वांछित अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दबिश दी थी। पूछताछ में चंदन पुलिस टीम पर आमादा फौजदारी होने लगा, इसलिए हिरासत में लिया गया। पुलिस टीम में आरक्षी निखिल मलिक, मो. हुसैन, अंकित कुमार शामिल थे।

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