जुनैद ने बनाई आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन और बैटरी चालित स्कूटर - Ideal India News

Post Top Ad

जुनैद ने बनाई आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन और बैटरी चालित स्कूटर

Share This
#IIN

श्रवण सेठी
 मेदिनीनगर (झारखंड) 




जुनैद ने बनाई आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन और बैटरी चालित स्कू ी 

लॉकडाउन में कई नई तकनीक विससित पर बनाई पहचान, शाहपुर के रहने वाले हैं जुनैद

चैनपुर (पलामू): कहते हैं प्रतिभा ईश्वरीय देन है। यह छोटे बड़े का उम्र नहीं देखती। मन मस्तिष्क में अंकुरित संभावनाओं के बीज कभी-कभी आश्चर्यजनक परिणाम दे जाते हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है शाहपुर निवासी युवक मो जुनैद ने। कोरोना काल में लागू लाकडाउन के दौरान जुनैद ने कई नई चीजों की इजाद की। इसमें आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन, बैटरी चालित स्कूटी व बारिश- धूप से बचाव के लिए बाइक पर छतरी का निर्माण शामिल है। जुनैद ने मेदिनीनगर शहर थाना को अपनी ओर से आटोमेटिक सैनिटाइजर मशीन की सौगात दी। इसमे दरवाजेनुमा मशीन से जो गुजरने के दौरान वह स्वत: आन हो जाती है। दोनों तरफ से पड़ने वाले सैनिटाइजर की फुहारों से खड़ा व्यक्ति पूरी तरह सैनिटाइज हो जाता है। उस समय इसकी खूब सराहना हुई थी। इसी प्रकार जुनैद ने लाकडाउन के दौरान ही बैटरी से चलने वाली स्कूटी भी बना डाली जो आवश्यकतानुसार पैडल से भी चलती है। जुनैद ने बारिश व धूप से बचने के लिए बाइक पर छतरी भी लगा कर चलाया। बताते चलें कि गली कूचे का वैज्ञानिक जुनैद अभी तक आधा दर्जन से भी ज्यादा नई चीजों का इजाद कर चुका है। कुछ साल पहले उसने बिजली के उपकरणों यथा टीवी कूलर फ्रिज फैन आदि को डिवाइस के सहारे ऑन ऑफ करने की तकनीकी विकसित की है। इसमें मोबाइल नंबर से कनेक्ट कर बहुत दूर से भी संबंधित उपकरण को आन आफ किया जा सकता है। इसका प्रदर्शन करने पर पलामू के तत्कालीन उपायुक्त अमित कुमार ने उसे पुरस्कृत किया था। इसके अलावा जुनैद ने चोरों से मोटरसाइकिल के बचाव के लिए उसे भी मोबाइल नंबर से कनेक्ट कर आन ऑफ करने की तकनीकी विकसित की है। इसमें मोबाइल से कॉल किए बैगर चाबी से भी मोटरसाइकिल का लाक नहीं खोला जा सकता। जुनैद ने 3 चक्का वाली वाकिग साइकिल भी बनाई है। इसके लिए भी तत्कालीन उपायुक्त शांतनु अग्रहरि ने उसे पुरस्कृत किया था। जब ई रिक्शा बाजार में नहीं आया था उस दौरान जुनैद ने सोलर कार बनाई थी। जिसके लिए रांची में तत्कालीन मंत्री लुईस मरांडी ने उसे पुरस्कृत किया था। आर्थिक तंगी से जूझ रहे जुनैद बताते हैं कि बीए सेकंड ईयर के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी। अब दुकान में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी वे कई तकनीकी विकसित करने में जुटे हैं।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad