अयोध्या-बैंक हड़ताल का व्यापक असर - Ideal India News

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अयोध्या-बैंक हड़ताल का व्यापक असर

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Dr. Tanveer Ahmad and Parshant Shukla

अयोध्या

 बैंकों के निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मियों की दो दिनी हड़ताल शुरू हो गई है। पहले दिन व्यापक असर रहा। तकरीबन पांच सौ करोड़ का लेने देन प्रभावित हुआ। बड़ी तादाद में ग्राहक भी बैंक से बैरंग लौटे। अलग-अलग बैंकों के सामने प्रदर्शन हुआ। बाद में कर्मियों ने जुलूस निकाल कर सेंट्रल बैंक पर सभा कर सरकारी की नीतियों की निदा की। साथ ही निजीकरण को वापस लेने की मांग भी बुलंद की। शाम होते कुछ एटीएम भी दगा दे गए। सुबह बैंक पर पहुंचे ग्राहकों को वापस लौटना पड़ा।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस अयोध्या इकाई के सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी, संयोजक सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की अगुवाई में हड़ताल को आगे आए। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय कार्यालय पर रविकिरण व एकांत सिन्हा, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक मो. शाहिद एवं जेपी तिवारी के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान नारेबाजी होती रही। सभी ने बैंको के निजीकरण की नीति के विरोध में प्रदर्शन किया। रैली के बाद सेंट्रल बैंक के सामने हुई सभा की अध्यक्षता वीके सिंह ने की। इस मौके पर संयोजक सुभाषचंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि हड़ताल राष्ट्रीयकृत बैंकों को कॉरपोरेट घरानों व पूंजीपतियों से बचाने के लिए की गयी है। सहसंयोजक एसपी चौबे ने बताया कि हड़ताल देश के आर्थिक ढांचे को बचाने के लिए है। अध्यक्ष वीके सिंह ने कहा कि अब हम सब सड़कों पर उतर आए हैं। सरकार को निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेना होगा। मंत्री डीसी टंडन ने कहा निजीकरण स्थाई नौकरियों पर हमला और बेरोजगारी पैदा करने वाला है। सेंट्रल बैंक स्टॉफ एसोसिएशन के प्रांतीय महामंत्री और यूएफबीयू के संयुक्त मंत्री केके रस्तोगी ने कहाकि निजीकरण से कृषि ऋण में कमी आएगी। सीमांत और छोटे किसान कृषि कार्य से बेदखल होंगे। अमिता श्रीवास्तव के नेतृत्व में सुशीला, निधि पांडेय, दुर्गेश, प्रियंका, निशा, प्रिय, नलिनी ने सभा में भाग ले कर बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव की कड़ी निदा की।

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