घर के फर्नीचर भी हो सकते हैं वास्तु दोष के कारण - Ideal India News

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घर के फर्नीचर भी हो सकते हैं वास्तु दोष के कारण

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आजकल लकड़ी का इंटीरियर काफी पॉपुलर है। हर घर में लकड़ी का बहुत सा सामान होता है। लकड़ी के सामान में क्या घर में रखना चाहिए और क्या नहीं, यह भी वास्तु अनुसार ध्यान देने वाली बात है क्योंकि कई बार लकड़ी से भी वास्तुदोष निर्मित होने की संभावना रहती है। लकड़ी को प्रयोग में लाने के 5 वास्तु टिप्स।

1. गुलाब की लकड़ी

घर में गुलाब की लकड़ी रखना शुभ होता है। कुछ लोग इसकी मूर्ति बनाकर रखते हैं तो ध्यान रखें कि गुलाब की लकड़ी की गणेश, हनुमान या श्रीकृष्ण-राधा की सुंदर और छोटी-सी मूर्ति ही ही होना चाहिए और मूर्ति सिर्फ एक ही हो। मूर्ति पूजा के लिए नहीं, यह घर की शोभा बढ़ाने के लिए हो।

2. कदंब की लकड़ी

अन्य सजावटी वस्तुएं, जो भी आप रखना चाहते हैं वह कदंब की लकड़ी की हो। जैसे हाथी, हंस, बुद्ध की मूर्ति, ऊपर लटकाने के लिए डलिया, टोकरी, घोड़ा, पानदान, गुलदस्ता आदि। उल्लेखनीय है कि यदि ठोस चांदी का हाथी बनाएं तो लकड़ी का न रखें।

बबूल, स्टील, प्लायवुड के सोफा सेट और पलंग से बेहतर शीशम की लकड़ी का सोफा और पलंग होता है। यह नहीं हो, तो सागौन या सागवानी की लकड़ी बेहतर होती है। डाइनिंग सेट, साइन बोर्ड, कोनर्स, तिजोरियां, बक्से, अलमारियों से लेकर छोटे डिब्बे, ट्रे, पेन स्टैंड आदि सभी शीशम के हों, तो बेहतर है। सभी में सुंदर नक्काशी होना चाहिए। पूजा घर भी सागौन या शीशम का हो तो बेहतर है। घर की सीढ़ियां या फर्श यदि लकड़ी की रखना चाहते हैं, तो इन्हीं की रखें।

4. चंदन की लकड़ी

पूजा के लिए सिर्फ एक बट्टी या टुकड़ा। प्रतिदिन चंदन घिसते रहने से घर में सुगंध का वातावरण निर्मित होता है। सिर पर चंदन का तिलक लगाने से शांति मिलती है। जिस स्थान पर प्रतिदिन चंदन घीसा जाता है और गरूड़ घंटी की ध्वनि सुनाई देती है, वहां का वातावरण हमेशा शुद्ध और पवित्र बना रहता है। ध्यान रखें कि चंदन का कोई भी फर्नीचर नहीं होना चाहिए क्योंकि चंदन एक पवित्र लकड़ी होती है। हां, पूजाघर बनवा सकते हैं।

5. बांस

घर में बांस का पौधा या पेड़ होना अत्यंत ही शुभ माना जाता है। इसके बदले आप बांस की बांसुरी रखें घर में। बांस निर्मित बांसुरी भगवान श्रीकृष्ण को अतिप्रिय है। जिस घर में बांसुरी रखी होती है, वहां के लोगों में परस्पर प्रेम तो बना रहता है और साथ ही सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

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