महिला हिंसा के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं - Ideal India News

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महिला हिंसा के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं

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Dr.U.S. Bhagat
वाराणसी 
 रोहनिया व मिर्जामुराद में घरेलू महिला हिंसा, लैंगिक भेदभाव, यौन उत्पीड़न के खिलाफ हजारों महिलाएं सड़क पर उतरीं। आक्रोशित महिलाओं ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराब बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी की। महिला चेतना समिति, लोक समिति, दिहाड़ी मजदूर संगठन और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महा सम्मेलन कार्यक्रम में आराजी लाइन और सेवापुरी ब्लाक के करीब 70 गांव से हजारों महिलाओं ने ढोल नगाड़ों के साथ राजातालाब बाजार से तहसील तक जन आक्रोश रैली निकाली। तख्ती बैनर लिए महिलाएं समानता के अधिकार के लिये नारा लगा रही थीं। रैली में महिलाओं ने छेड़खानी, दुष्‍कर्म, महिला हिंसा, बाल विवाह व शराब के खिलाफ तख्ती-बैनर लिए महिलाएं और लड़कियां महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, शराब बेचना बंद करो, चुप नही रहना है हिंसा नही सहना है, भेदभाव मिटायेंगे नया समाज बनाएंगे आदि के जोरदार नारे लगाते हुए तहसील पर पहुंचे। तहसील पहुंचते ही तहसील परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया, लड़कियों महिलाओं के हुंकार से पूरा तहसील परिसर गूंजने लगा। सूदखोरों के खिलाफ कार्यवाही करो, महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, शराब बेचना बंद करो, आदि कई प्रकार के स्लोगन लिखे तख्ती के साथ पूरे राजातालाब बाजार का भ्रमण किया। इस दौरान जी टी रोड पर अफरातफरी का माहौल बन गया सड़क के दोनों किनारो गाड़ियों की लंबी लाइन लग गयी और घंटों जाम की स्थिति बन गयी। तहसील पहुंचते ही लोगों ने महिला हिंसा, बाल विवाह, गैरबराबरी के खिलाफ नारे लगाए और उपजिलाधिकारी को दस सूत्रीय ज्ञापन सौपा।
रैली के उपरान्त सिंचाई डाक बंगला में महिला हिंसा के खिलाफ महिला महा सम्मेलन का आयोजन किया गया । कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व मन्त्री सुरेंद्र सिंह पटेल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह, लोक चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य जागृति राही तथा लोक समिति के संयोजक नन्दलाल मास्टर ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में महिलाओं ने महिला हिंसा को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। गांव की महिलाओं ने नाटक,गीत, सभा के माध्यम से अपने अधिकार की मांग किया। पूर्व मन्त्री सुरेन्द्र सिंह पटेल ने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकार के प्रति सजग होना होगा। समाज में बराबरी के लिये उनकी राजनीतिक भागीदारी जरुरी है। बाल संरक्षण अधिकारी निरुपमा सिंह ने महिलाओं और लड़कियों को उनके अधिकार और विभिन्न कानूनों की जानकारी दिया।
लड़कियों और महिलाओं को आपातकाल के दौरान मदद के लिये शुरू किये गए हेल्पलाइन लाइन नम्बर 100, 181, 1090 का इस्तेमाल करने के बारे में बताया और लड़कियों के सुरक्षा के लिए बनाये गए पॉस्को कानून की भी जानकारी दियामहिला चेतना समिति कि निदेशिका रंजू सिंह ने कहा कि आये दिन हर गांव शहर में लड़कियों और महिलाओं के साथ हिंसा छेड़खानी व दुष्‍कर्म की घटनाएं हो रही हैं। सरकार को इन हैवानो के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। ने कहा कि हमे अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अपनी हाथ में लेनी होगी। समाजिक कार्यकर्ती जागृति राही ने कहा कि गांव में ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके हैं और इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है महिलाओं पर होने वाली घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, दुष्‍कर्म, मारपीट आदि का सबसे बड़ा जिम्मेदार शराब है। शराब को पूरे प्रदेश में बन्द कर देनी चाहिए। धरने में मुख्य रूप से रंजू सिंह, अनीता सरिता सोनी, आशा,मधुबाला ,शमाबानो, प्रेमा, चन्द्रकला, आशा, ममता, मैनम, कुसुम, पूजा, सितारा, सुमन, प्रीति, नीतू, सुषमा, सरोज, योगिराज पटेल, राजकुमार गुप्ता, नन्दलाल मास्टर, शर्मिला, राजेश अमित, श्यामसुन्दर, विजय, रामबचन, सुनील आदि लोग शामिल रहे। धरने का नेतृत्व नन्दलाल मास्टर, संचालन अनीता और शर्मिला, अध्यक्षता रानी और धन्यवाद ज्ञापन सोनी ने किया।

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