विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कवयित्रियों ने बहाई काव्य की फुहार|| - Ideal India News

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विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कवयित्रियों ने बहाई काव्य की फुहार||

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पं शिव प्रकाश जौनपुरी मुम्बई
||विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कवयित्रियों ने बहाई काव्य की फुहार||




     रा.सा.सा.व सां.संस्था काव्यसृजन ने विश्व महिला दिवस की पूर्व संध्या पर गूगल मीट पर आनलाईन एक प्रतिस्पर्धात्मक मराठी भाषा काव्यगोष्ठी आयोजित की|सौ.मीनल वसमतकर जी की अध्यक्षता मुख्य अतिथि सौ. रंजना करकरे जी की गरिमामय उपस्थिति में सौ.पूजा नाखरे जी ने उत्कृष्ट संचालन करते हुए महाराष्ट्र के अनेक भागों से जुटी कवयित्रियों को काव्य पाठ करने के लिए आमंत्रित किया|
     इस प्रतिस्पर्धात्मक  काव्यगोष्ठी में जहाँ मुम्बई महानगर से रजनी जोशी,कुंदा पित्रे,पूजा नाखरे,रंजना करकरे जी ने सबको भाव विह्वल किया तो नांदेड से सुधा नरवाडकर,रोहिणी पांडे,स्मिता वाजेकर जी ने उत्कृष्ट रचनायें प्रस्तुत कर सबको आनंदित कर दिया|नवी मुम्बई पनवेल से जनाब एके शेख सर दिवाकर वैशम्पायन,मीनल वसमतकर,आशा वर्वे,डॉ शैलजा करोडे,एड.माधुरी थलकर जी ने लोगों को साहित्य सागर में खूब गोते लगवाये|अकोला से रोहिणी गंधेवार,डहाणू से अंजली सावंत,यवतमाळ से अरुणा दुद्दलवार,नागपुर से रश्मी देवगड़े,जालना से रेखा अडसुले जी ने तो शमाँ ही बाँध दिया|लोगों से खूब वाहवाहियाँ बटोरी|
        इस प्रतिस्पर्धात्मक आयोजन में से विजेता प्रतिभागियों को चिन्हित करने में निर्णायक मंडल जनाब एके शेख सर गजल गुरू,दिवाकर वैशम्पायन जी,और सौ.रंजना करकरे जी ने खूब माथापच्ची की तब जाकर अपना निर्णय दे पाये|जिसमें रेखा अडसुले जी को प्रथम स्थान दिया|रेखा जी को संस्था ने काव्यसृजन साहित्य रत्न से अलंकृत किया|दूसरे स्थान पर अरुणा दुद्दलवार जी को सुशोभित किया|अरुणा जी को  संस्था ने काव्यसृजन साहित्य भूषण से विभूषित किया|तीसरे के लिए एड.माधुरी थलकर जी का चयन  किया|संस्था ने माधुरी जी को काव्यसृजन साहित्य गौरव से गौरवांवित किया|सर्व सम्मति से उत्कृष्ट संचालन करने के लिए पूजा नाखरे जी को काव्यसृजन साहित्य सारथी सम्मान से सम्मानित करते हुए सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की|
        दूखद पहलू यह रहा कि इसी आयोजन में एक जुझारू कर्तव्यनिष्ठ साहित्यकारा गायिका प्रधानाध्यापिका समाज सेविका युगांतर साहित्य संस्था की संस्थापक अध्यक्षा बहुमुखी प्रतिभा की धनी महिला श्रीमती आशा लखनपाल जी हम लोगों के बीच से निकलकर पिछले दिनों गोलोकवासी हो गई,जिन्हें सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की व भावभीभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की|
        मुख्य अतिथि सौ.रंजना करकरे जी ने आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना की व काव्य सृजन के इस पहल की भूरि भूरि प्रशंसा की|आयोजन की अध्यक्षा सौ.मीनल वसमतकर जी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में सभी कवयित्रियों की रचनाओं पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए सबका उत्साह बढ़ाया|सबको आगे भी सतत लिखते रहने की प्रेरणा भी दीं|संस्था द्वारा किये जा रहे बहुआयामी प्रयास की सराहना की व संस्था के मार्गदर्शक मंडल व पदाधिकारियों को साधुवाद दिया|
     अंत में संस्था के वरिष्ठ मार्गदर्शक आदरणी डॉ श्रीहरि वाणी जी ने सभी कवयित्रियों की उत्कृष्ट प्रस्तुति पर उनकी शालीनता व संस्कार पर मुक्त कंठ से सराहना करते हुए हिन्दी के कवि कवयित्रियों को समय का पालन करने के लिए मराठी कवि कवयित्रियों से सीख लेने के लिए कहा|और सभी का आभार प्रकट करते हुए निवेदन भी किया कि इसी तरह संस्था को आप सब अपनी रचनाओं से आह्लादित करते रहें|आप सब आये आप सबका बहुत बहुत आभार|

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