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फर्जी अधिकारी आनंद कुमार ने धोखे से की शादी, ठगी में चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

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डा यू एस भगत वाराणसी

फर्जी अधिकारी आनंद कुमार ने धोखे से की शादी, ठगी में चढ़ा एसटीएफ के हत्थे


वाराणसी । फर्जी आर्मी कैप्टन और डिप्टी एसपी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाला राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार मंगलवार को एसटीएफ उत्‍तर प्रदेश की टीम के हत्‍थे चढ़ गया। उस पर फर्जी आर्मी कैप्टन आफिसर और डिप्टी एसपी बनकर आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने का आरोप है। एसटीएफ की टीम ने आनन्द कुमार उर्फ राजवीर सिंह रघुवंशी को गिरफ्तार किया तो उसके पास से दो अदद मोबाइल फोन, तीन अदद आर्मी भर्ती का फर्जी एडमिट कार्ड मय लिफाफा, एक अदद फर्जी डीएल, एक अदद आर्मी कैप्टन की वर्दी, नगद-5000 रूपया, एक अदद मोटरसाइकिल, एक अदद आधार कार्ड, दो अदद कैप्टन की वर्दी में खिंचवाया गया फोटो, एक अदद फर्जी तरीके से डिप्टी एसपी के पद पर चयन की पेपर कटिंग, एक आर्मी की वर्दी, तीन अदद आर्मी का लोगो और पांच मुहर बरामद की गई। आनन्द कुमार उर्फ राजवीर सिंह रघुवंशी पुत्र फूलचन्द सिंह निवासी शिवपुर कोट, थाना शिवपुर, जनपद वाराणसी का रहने वाला है। उसे सेण्ट मेरी स्कूल के पास कैण्टोमेण्ट थाना कैण्ट में सुबह करीब 11 बजे हिरासत में लिया गया। विगत कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के वाराणसी़ एवं इसके आस-पास के जनपदों में आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर एक गिरोह के सक्रिय होने की इनपुट ‘मिलिट्री इन्टेलीजेन्स’ (एमआइ) वाराणसी को प्राप्त हुई थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ फील्ड इकाई, वाराणसी को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था। एसटीएफ फील्ड इकाई, वाराणसी द्वारा अभिसूचना संकलन एवं छानबीन की कार्यवाही प्रारम्भ की गई। अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि एक राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार नाम का व्यक्ति है, जो अपने को आर्मी का फर्जी कैप्टन बताकर आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर व आर्मी कैण्टीन में सामान निकलवाने के नाम पर ठगी करता है। वह ओएलएक्स के माध्यम से सामान बेचने के बहाने से लोगों को विश्वास दिलाने के लिए वह आर्मी की वर्दी पहन कर कैप्टन के रूप में अपनी जान पहचान बढ़ाता है। अभिसूचना संकलन की कार्यवाही के दौरान सूचना प्राप्त हुई कि आर्मी में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार कैप्टन की वर्दी में थाना कैण्ट क्षेत्रान्तर्गत सेण्ट मेरी स्कूल के पास खड़ा है और कुछ लड़को को आर्मी में भर्ती के नाम पर उन्हें बुलाया है, यदि शीघ्रता की जाय तो पकड़ा जा सकता है। सूचना पर निरीक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ वाराणसी टीम द्वारा उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे उपरोक्त बरामदगी हुई। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ एवं अभिसूचना संकलन से पाया गया गया कि यह एलएलबी तृतीय सेमेस्टर का छात्र है। यह वर्ष 2008 में आर्मी में सिपाही की भर्ती के लिये प्रयास किया था, परन्तु सफल नहीं हुआ था। इसके बाद इसके द्वारा बेरोजगार युवकों को आर्मी में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने की योजना बनायी गयी। इसके द्वारा अपनी योजना के मुताबिक पहले आर्मी कैप्टन की वर्दी बनवायी गयी और अपने आस-पास के लोगों को विश्वास दिलाया गया कि वह आर्मी में कैप्टन है। इसके बाद राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार का अमरनाथ यादव निवासी भिटारी थाना लोहता जनपद वाराणसी से मुलाकात हुई और अपने को कैप्टन बताते हुये आर्मी में भर्ती कराने की बात कही गयी। इसके उपरान्त अमरनाथ यादव एवं अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के लिये आर्मी कैप्टन की वर्दी पहन कर अमरनाथ यादव के घर मुलाकात की और आर्मी में भर्ती के नाम पर सात लोगों से चौदह लाख रूपये की ठगी कर लिया। इनके अतिरिक्त राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार ने सुधाकर वर्मा, रजनीश और दिव्या से दस लाख रूपये आर्मी में भर्ती के नाम पर ले लिया। राजवीर सिंह उर्फ आनन्द ने अजय कुमार से डेढ लाख रूपये मिलिट्री कैण्टीन से सामान निकालने के नाम पर भी ठगी किया गया था। बाद में इसकी पत्नी एवं आस-पास के लोगों को इसके फर्जी आर्मी कैप्टन होने का संदेह होने लगा। इसी दौरान वर्ष-2020 में पीसीएस-2017 का परिणाम आया था, जिसमें आनन्द कुमार निवासी लंका वाराणसी नामक व्यक्ति का 62वीं रैंक आया था और इनका चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ था। इसकी जानकारी होने पर राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार ने अपने नाम का फायदा उठाकर समाचार पत्र के कार्यालय में जाकर अपना फोटो व पता देकर समाचार छपवाया कि उसका डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति हुई है। इसके उपरान्त यह आर्मी कैप्टन एवं डिप्टी एसपी के रूप में ठगी करने का प्रयास करने लगा। आरोप है कि वर्ष 2015 में इसने ओएलएक्स ऐप पर आर्मी का लोगो लगाकर अपनी आईडी बनायी थी और अपना एक सोनी कम्पनी के मोबाइल फोन को बेचने के लिये ओएलएक्स पर डाला था। इस मोबाइल फोन को खरीदने के लिये एक लड़की द्वारा रिक्वेस्ट भेजा गया। इस पर राजीवर सिंह उर्फ आनन्द कुमार ने उसको सिगरा स्थित बाटा शू के शोरूम पर बुलाया गया और वहाॅ आर्मी कैप्टन के वर्दी में उस लड़की से मिला और अपनी नियुक्ति 39 जीटीसी कैण्टोमेण्ट वाराणसी मे होना और मूल निवासी हैदराबाद का बताया। इसके बाद दोनों में जान पहचान हुई और बाद में राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार ने उसको धोखे में रखकर उससे शादी कर ली। इस धोखे की बात संज्ञान में आने पर उसके पत्नी द्वारा थाना लोहता पर मुकदमा पंजीकृत कराया गया। राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार आज ठगी की मंशा से कैण्टोमेण्ट एरिया कुछ लोगों से मिलने के लिये आया था कि गिरफ्तार कर लिया गया।

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