नेपाल ने सीमा के नो मेन्स लैंड पर बसाए दर्जन भर से अधिक गांव - Ideal India News

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नेपाल ने सीमा के नो मेन्स लैंड पर बसाए दर्जन भर से अधिक गांव

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हरिओम सिंह स्वराज
 

चीन से बढ़ रही नजदीकी और भारत से रिश्तों में आई तल्खी का असर अब नेपाल के मिजाज पर दिख रहा है। इसका ताजा उदाहरण सीमा पर नो मेन्स लैंड में नेपाल द्वारा बढ़ाई जा रही बसावट है।नेपाल सीमा पर खाली पड़ी जमीनों पर अपने लोगों को बसा रहा है और शासन को सूचना देना तो दूर श्रावस्ती का जिला प्रशासन खुद इससे अनजान है। श्रावस्ती और बहराइच जिले की लगभग 170 किमी लंबी सीमा नेपाल से लगी है। सीमा पर एक दर्जन जगहें ऐसी हैं, जहां 10-15 परिवार आकर बसे हैं। सीमा पर तकरीबन 43 फीट चौड़ा (दोनों तरफ सात-सात गज) नो मेन्स लैंड है। यहां नेपाल के लोगों का अवैध कब्जा लगातार जारी है। रिश्तों में तनातनी के बाद पिछले चार माह में यहां गतिविधियां तेज हुई हैं। कुछ वर्ष पहले भारतीय क्षेत्र में स्थित पिलर संख्या 617 को क्षतिग्रस्त कर माओवादी लाल झंडा फहरा चुके हैं।

नेपाल के सीमांत ताराताल, कोटिया घाट, ईश्वरीगंज, धनौरा, दुर्गागंज, शंकरपुर, अग्घरवा, भदई गांव, पचपकरा, पिपरहवा, जमुनहा, जैसपुर, सैनिक गांव, लालपुर, गनेशपुर, कुड़वा, होलिया, सोनबरसा जैसे गांवों में भारत विरोधी दुष्प्रचार और चीनी साजिश से नेपाली युवकों को भड़काया भी जा रहा है। इन चुनौतियों के बीच भारत-नेपाल सीमा पर अक्सर चीन और पाक दूतावास के बड़े अफसरों का दौरा भी होता रहता है। 62वीं बटालियन एसएसबी सोनपथरी के कंपनी कमांडर अजय कुमार इस बात की पुष्टि करते हैं कि नेपाल सीमा पर आबादी का विस्तार कर रहा है।

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