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नौसैनिक का शव लाया गया पलामू, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

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श्रवण सेठी
 मेदिनीनगर (झारखंड)


नौसैनिक का शव लाया गया पलामू, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया था, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

नौसैनिक सूरज दुबे (24) का पार्थिव शरीर रविवार देर रात पलामू लाया गया। यहां आज सूरज के पैतृक गांव चैनपुर थाना क्षेत्र के काेल्हुआ गांव स्थित कोयल नदी तट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि शव गांव लाने के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी नेवी के अधिकारी व जवानों के गांव नहीं पहुंच पाने से दाह-संस्कार में देरी हो रही है। वहीं, दौरान सूरज दुबे के घर पर लोगों की काफी भीड़ जुट गई। ग्रामीण सूरज की हत्या मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। बताते चलें कि नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया था। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

इधर, तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे सूरज की हत्या के बाद से ही ग्रामीणों में नेवी के प्रति आक्रोश है। लेकिन यह आक्रोश सोमवार को उस समय बढ़ गया, जब नेवी के अधिकारी व जवान अंतिम संस्कार में आने के लिए फोन करने के बाद 11 बजे तक नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि रांची में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद नेवी ने परिवार वालों को शव सौंप दिया। उन्होंने कहा था कि मेदिनीनगर में सीआरपीएफ जवान अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। सोमवार की सुबह करीब सात बजे नेवी के एक ऑफिसर ने फोन कर बताया कि कुछ ही देर में नेवी की टीम अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंच जाएगी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी कोल्हुआ गांव पहुंचे। सूरज के पिता को ढांढस बंधाया। इंदर सिंह नामधारी ने सूरज के 1400 KM दूर मुम्बई के पालघर में मिलने पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि अपहरण के बाद नेवी के जवान को इतनी आसानी से चेन्नई से मुम्बई कैसे कोई लेकर जा सकता है। इसकी मौत की जांच जरूरी है। इसमें देश विरोधी तत्वों का हाथ हो सकता है।

वहीं, हत्या करने के मामले में परिजनाें काे कोयंबटूर में कार्यरत नेवी के जवान धर्मेंद्र कुमार पर शक है। सूरज के बड़े भाई नीरज ने कहा कि धर्मेंद्र की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए मामले की CBI जांच हो। सूरज के कोयंबटूर जाने के बाद धर्मेंद्र का कॉल पिता के मोबाइल पर आया था। उनके पिता ने जब पूछा कि उनका मोबाइल नंबर कहां से मिला तो धर्मंेंद्र ने कहा कि यहां सबका नंबर रहता है।


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झारखंड के बेटे की महाराष्ट्र में हत्या:नौसैनिक का शव लाया गया पलामू, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार
पलामू2 मिनट पहले
सूरज दुबे के पार्थिव शरीर के पास शोकाकुल परिजन। इंसेट में सूरज दूबे की फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
सूरज दुबे के पार्थिव शरीर के पास शोकाकुल परिजन। इंसेट में सूरज दूबे की फाइल फोटो।
नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया था, शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

नौसैनिक सूरज दुबे (24) का पार्थिव शरीर रविवार देर रात पलामू लाया गया। यहां आज सूरज के पैतृक गांव चैनपुर थाना क्षेत्र के काेल्हुआ गांव स्थित कोयल नदी तट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। हालांकि शव गांव लाने के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी नेवी के अधिकारी व जवानों के गांव नहीं पहुंच पाने से दाह-संस्कार में देरी हो रही है। वहीं, दौरान सूरज दुबे के घर पर लोगों की काफी भीड़ जुट गई। ग्रामीण सूरज की हत्या मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। बताते चलें कि नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया था। शनिवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

इधर, तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे सूरज की हत्या के बाद से ही ग्रामीणों में नेवी के प्रति आक्रोश है। लेकिन यह आक्रोश सोमवार को उस समय बढ़ गया, जब नेवी के अधिकारी व जवान अंतिम संस्कार में आने के लिए फोन करने के बाद 11 बजे तक नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि रांची में गार्ड ऑफ ऑनर के बाद नेवी ने परिवार वालों को शव सौंप दिया। उन्होंने कहा था कि मेदिनीनगर में सीआरपीएफ जवान अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे। सोमवार की सुबह करीब सात बजे नेवी के एक ऑफिसर ने फोन कर बताया कि कुछ ही देर में नेवी की टीम अंतिम संस्कार के लिए गांव पहुंच जाएगी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी कोल्हुआ गांव पहुंचे। सूरज के पिता को ढांढस बंधाया। इंदर सिंह नामधारी ने सूरज के 1400 KM दूर मुम्बई के पालघर में मिलने पर आश्चर्य जताया है। उन्होंने कहा कि अपहरण के बाद नेवी के जवान को इतनी आसानी से चेन्नई से मुम्बई कैसे कोई लेकर जा सकता है। इसकी मौत की जांच जरूरी है। इसमें देश विरोधी तत्वों का हाथ हो सकता है।

वहीं, हत्या करने के मामले में परिजनाें काे कोयंबटूर में कार्यरत नेवी के जवान धर्मेंद्र कुमार पर शक है। सूरज के बड़े भाई नीरज ने कहा कि धर्मेंद्र की भूमिका संदिग्ध है। इसलिए मामले की CBI जांच हो। सूरज के कोयंबटूर जाने के बाद धर्मेंद्र का कॉल पिता के मोबाइल पर आया था। उनके पिता ने जब पूछा कि उनका मोबाइल नंबर कहां से मिला तो धर्मंेंद्र ने कहा कि यहां सबका नंबर रहता है।

नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया गया था। (फाइल)
नाैसैनिक सूरज दुबे को महाराष्ट्र के पालघर में बदमाशों ने जिंदा जला दिया गया था। (फाइल)
बताते चलें कि सूरज की इसी साल मई में शादी होने वाली थी। 15 जनवरी को सगाई हुई और इसके बाद वो ड्यूटी ज्वॉइन करने के लिए काेयम्बटूर जाने के लिए घर से निकले थे। नाैसैनिक सूरज दुबे काे महाराष्ट्र के पालघर में जिंदा जला दिया गया। गंभीर रूप से झुलसे सूरज की शनिवार काे मुंबई में माैत हाे गई। जांच में पता चला कि उनका चेन्नई से अपहरण कर लिया गया था। उन्हें छाेड़ने की एवज में 10 लाख रुपए की फिराैती मांगी गई थी। परिजनाें के मुताबिक सूरज छुट्टी पर घर आए थे। 30 जनवरी काे वापस ड्यूटी पर काेयम्बटूर जाने के लिए घर से निकले थे। हालांकि परिजन इसे अपहरण नहीं मान रहे हैं। क्योंकि फिरौती को लेकर उनके पास कोई कॉल नहीं आया।

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