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बासंती फुहार संग मां सरस्वती पूजन व भव्य काव्य गोष्ठी संपन्न

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बासंती फुहार संग मां सरस्वती पूजन व भव्य  काव्य गोष्ठी संपन्न 




जौनपुर, बसन्त ऋतु के आगमन के साथ साथ मां सरस्वती पूजन के अवसर पर श्री स्वामी नाथ चिल्ड्रन स्कूल रामदास पुर नेवादा (आरा रोड) शीतला चौकिया के पावन क्षेत्र में भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन अखिल भारतीय काव्य मंच के तत्वावधान में संपन्न हुआ जिसमें विद्यालय परिवार के सदस्य गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता किया! गोष्ठी के प्रारंभ में मां के पावन चरणों में काव्य मंच के संस्थापक डॉ प्रमोद वाचस्पति ने वंदना गीत प्रस्तुत किया

" हम तेरे सुत हैं हे माता हमें एक सहारा तेरा है! 

हे वीणा वादिनी वर दे दे चरणों में डाला  डेरा है!!

इसी क्रम में मां बागेश्वरी की चरण वंदना करते हुए प्रसिद्ध कवि रामजीत मिश्र ने अपनी पंक्तियों के माध्यम से सबको  आह्ललादित करने का प्रयास किया! 

हे सुरभारती तेरी जय हो ,तेरी चरणों में मस्तक! नाद तत्व युग हे बागेश्वरी, तेरी शरण ही दस्तक! 








वसंत ऋतु के आगमन का स्वागत करते हुए वरिष्ठ रचनाकार डॉ ओपी खरे ने जब यह पंक्तियां पढी तो सभी लोग मस्ती में  झूम उठे!

  आया है ऋतुराज मगन सारे नारी नर! 
सरकी जाए देखो सर की पीली चूनर !!

कवि राजेश कुमार पांडे एडवोकेट ने जिंदगी के फलसफा को  अपनी रचना के माध्यम से प्रस्तुत किया जोकि सराहनीय रहा !

भला उसका नहीं होता ,भला जो हो नहीं सकता! 
भले हो बात भलाई की भला कुछ हो नहीं सकता!!

डॉक्टर अंगद कुमार राही ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे के समर्थन में ये पंक्तियां पढी

सोना है तू चांदी है तू ,तू है गुड़िया रानी! 

दुनिया रूठे, रूठे जमाना ,रूठे ना बिटिया रानी!!

उस्ताद शायर और संस्था के अध्यक्ष असीम मछली शहरी ने  भारतीय नारी के सम्मान का पक्ष रखते हुए तालियां बटोरी !

कदम कदम पर क्यों करते हो ,तुम इसका अपमान !
करो तुम नारी का सम्मान ,करो तुम नारी का सम्मान !! 

तरन्नुम के बादशाह शायर अंसार जौनपुरी ने जब अपना गजल पेश किया तो लोग वाह-वाह करते नजर आए !

यूं किसी के लिए मुस्कुराना हुआ !
वरना हम को हंसे इक जमाना हुआ !!

आशुतोष पाल शोहरत जौनपुरी की रचना काबिले तारीफ रहीं! 

आंखें खुद ही बयान करती हैं ,
बात दिल की कही नहीं जाती !
 मैंने  तौबा  तो कई बार किया, 
फिर भी ये मयकशी नहीं जाती !!

वरिष्ठ शायर रमेश चंद सेठ आशिक जौनपुरी ने  प्यार मुहब्बत का शेर पढ़ा तो लोग वाह-वाह करने से अपने को नहीं रोक पाए! 

बस्तियों में नफरतों की ,मुस्कुराना छोड़ो मत! तुम मोहब्बत में कभी भी दिल लगाना छोडो मत!!

इसी प्रकार ओपी कलाधर ने जब करोना के ऊपर अवधी भाषा में व्यंगात्मक कविता   पढी  लोगों को खूब आनन्द आया! 

विश्व का सबसे बड़ा सूरमा, हमसे तनी हाथ मिला व तो जानी, 
हम रोग असाध्य हई मितवा ,जे लगे आवै ओका  हम वीर  बखानी!!

कार्यक्रम का  कुशल संचालन सुप्रसिद्ध शायर  आर पी सोनकर तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक द्विवेदी शास्त्री  ने किया !अंत में विद्यालय के प्रबंधक विष्णु चंद्र मिश्र ने कार्यक्रम में आए सभी कवियों शायरों तथा बुद्धिजीवियों को धन्यवाद   ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया!

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