*भीषण हादसे की कहानी, जानिए घायल की जुबानी* - Ideal India News

Post Top Ad

*भीषण हादसे की कहानी, जानिए घायल की जुबानी*

Share This
#IIN
धर्मेन्द्र सेठ जौनपुर
*भीषण हादसे की कहानी, जानिए घायल की जुबानी*


 *जौनपुर।* हादसे में घायल पिकअप सवार मनोज यादव ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे अंतिम संस्कार कर हम लोग घर के लिए निकले थे। रास्ते में एक होटल पर रुककर सभी ने चाय पी। इसके बाद पिकअप से हमलोग घर की ओर बढ़े। चालक रमेश, पूर्व प्रधान उमाशंकर यादव और संतोष मास्टर (शिक्षक) आगे बैठे थे। बाकी अन्य लोग पीछे थे। 
 घर पहुंचकर अंतिम संस्कार के बाद की औपचारिकताएं पूरी करने पर चर्चा चल रही थी। करीब 20 मिनट बाद अचानक तेज आवाज हुई। सामने से आ रही एक ट्रक ने साइड से जोरदार टक्कर मारी और फिर हमारा वाहन सड़क किनारे जाकर पलट गया। कुछ देर तक आंखों के सामने धूल का गुबार छाया रहा। इसके छंटते ही मैं खड़ा हुआ तो देखा सब लोग यहां-वहां बिखरे पड़े हैं। कुछ लोग कराह रहे थे तो किसी की आवाज भी नहीं निकल रही थी। वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। कमला दादा पिकअप के नीचे थे। उनका सिर वाहन के नीचे दबा था। अकेले प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ देर में संतोष मास्टर भी होश में आकर मदद में जुट गए, मगर तब तक देर हो चुकी थी। लालू को भी होश आ गया था, मगर जब उसने शव देखा तो उसकी हिम्मत टूट गई। वह ऊपर ही नहीं आ रहा था। करीब बीस मिनट में ही पुलिस पहुंच गई और उसके तुरंत बाद एंबुलेंस भी आ गई। रामकुमार, कमला यादव, अमर बहादुर, मुन्नीलाल, दलश्रृंगार, इंद्रजीत यादव की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। अन्य सभी घायलों को अस्पताल भेजवाया गया। पिकअप चालक रमेश का कहीं पता नहीं था। वह मौके से भाग गया था। अगर वहां होता तो कम से कम कमला दादा सहित एक-दो अन्य लोगों की जान बचा लेते।

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad