अजब: महात्मा गांधी की हत्या में शामिल इन तीन लोगों को कभी पकड़ नहीं पाई थी देश की पुलिस - Ideal India News

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अजब: महात्मा गांधी की हत्या में शामिल इन तीन लोगों को कभी पकड़ नहीं पाई थी देश की पुलिस

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30 जनवरी 1948 की सुबह नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को तीन गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी. महात्मा गांधी को सुबह 5:17 पर दिल्ली स्थित बिड़ला हाउस में तीन गोली मारी गई थी. वह हर रोज बिड़ला हाउस सुबह की प्रार्थना के लिए आते थे.

कुछ लोग दावा करते हैं कि गांधी जी को गोली मारने से पहले नाथूराम गोडसे ने उन्हें हाथ जोड़ प्रणाम किया था. इसके बाद एक-एक करके गांधी जी को तीन गोली मारी थी. महात्मा गांधी की हत्या आजाद भारत की सबसे बड़ी घटना थी. गाधी जी का जब कत्ल हुआ था, तब उनका दर्जा भारत में रहने वालों के लिए किसी भगवान से कम नहीं था.

इस स्थिति में ऐसा कोई भी सोच सकता है कि गांधी जी के कत्ल के गुनहगारों को बख्शा नहीं गया होगा, लेकिन आपको जानकर काफी हैरानी होगी कि उनकी हत्या में शामिल तीन लोगों को देश की पुलिस कभी पकड़ ही नहीं पाई थी. दरअसल, महात्मा गांधी की हत्या के आरोप में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया था.

इन 12 लोगों के खिलाफ अदालत में मुकदमा चला था. 12 में से 9 लोग ऐसे थे, जिन्हें सजा मिली थी या फिर वो बरी हो गए थे. महात्मा गांधी की हत्या के दोषी नाथूराम गोडसे और नारायण दत्तात्रेय आप्टे को मौत की सजा सुनाई गई थी. वहीं विनायक दामोदर सावरकर को इस मामले में बरी कर दिया गया था.

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में इन लोगों की तरफ से अपील दायर की गई थी. इसके बाद दत्तात्रेय सदाशिव परचुरे तथा शंकर किष्टैया की सजा माफ कर दी गई थी. वहीं मदनलाल पाहवा, दिगंबर रामचंद्र बडगे, नाथूराम के भाई गोपाल गोडसे को सजा हुई थी. 

महात्मा गांधी की हत्या में इन 9 लोगों के अलावा तीन और लोग शामिल थे. ये तीन लोग गंगाधर दंडवते, सूर्यदेव शर्मा और गंगाधर जाधव. आश्चर्य की बात यह है कि इन तीनों को आज तक देश की पुलिस पकड़ नहीं पाई. कहा ये भी जाता है कि पंजाब हाई कोर्ट ने जिस दिन गांधी की हत्या में शामिल लोगों को सजा सुनाई थी, उस दिन मध्यप्रदेश के ग्वालियर से इन तीनों लोगों को गिरफ्तार किया गया था. हालांकि उन्हें यह कहकर छोड़ दिया था कि उनकी कोई ज़रूरत नहीं है.

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