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शस्‍त्र लाइसेंस निरस्‍तीकरण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दिया ज्ञापन

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डा यू एस भगत वाराणसी
शस्‍त्र लाइसेंस निरस्‍तीकरण के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को दिया ज्ञापन




वाराणसी । कांग्रेस नेता अजय राय के शस्‍त्र लाइसेंस निरस्‍तीकरण के विरोध में गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पूर्व मंत्री व पूर्व विधायक अजय राय 1996 से लेकर लगातार 2017 तक विधायक रहे हैं। वह प्रदेश सरकार में मंत्री रहे और कांग्रेस पार्टी के यूपी में शीर्ष नेताओं में से एक रहे हैं। बताया कि सन 1991 में पुलिस द्वारा चिन्हित माफिया मुख्तार अंसारी बड़े भाई अवधेश राय की हत्या की गई जिसमें यह मुकदमावादी हैं और वर्तमान में जो माहौल है वह भयभीत करने वाला है। पूरा उत्तर प्रदेश जंगलराज में तब्दील हो गया है। अजय राय लगातार जनविरोधी सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ते हैं। ऐसे में इनके सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य और जिला प्रशासन की है। लेकिन व्यक्तिगत द्वेष और सरकार के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा अजय राय की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए उनके शस्त्र लाइसेंस को निरस्त किया गया।
वहीं महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि सन 2014 से देश की सत्ता पर तानाशाह काबिज हुए। आज लगातार सात साल बीत गया। पूरे देश मेंं खरीद - फरोख्त हुआ और आज भी जारी है। अपराधियों के लिए तो भाजपा अवसर और अपने पाप धोने के रूप में था और आज भी है। अजय राय ने भाजपा की कोई कवायद नहीं मानी, झुके नहींं, बिके नहींं और अपने पथ से डिगे नहीं। लगातार इस जनविरोधी सत्ता का खुलकर विरोध किया और जनता की लड़ाई लड़ी और संंघर्ष किया। कहा कि परिणाम स्वरूप रासुका और जेल यात्रा भी किये लेकिन फिर भी अजय राय पीछे नहींं हटे।
आरोप लगाया कि भाजपा ने साजिश के तहत पांच बार के विधायक, प्रदेश सरकार ने मंत्री रहे व यूपी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में से एक अजय राय की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए उनके चार शस्त्रों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया। पूरे पूर्वांचल सहित उत्तर प्रदेश में सैकड़ोंं विधायक, मंत्री, सांसद जो अपराधी हैंं लेकिन भाजपाई हैंं इसलिए उनका लाइसेंस कैंसिल नही हुआ। अजय राय पर भविष्य में कोई भी जान-माल की हानि होती है तो उसका सीधे जिम्मेदार उत्तर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन वाराणसी होगा। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे, प्रदेश सचिव इमरान खान, विश्वनाथ कुंंवर, मयंक चौबे, फसाहत हुसैन बाबू, मनीष चौबे, कब्बन भाई, आशीष सिंह, तरंग सेठ, आशीष गुप्ता, लालजी यादव, दिलीप सोनकर, रोहित दुबे, किशन यादव, प्रिंस चौबे, अश्विनी यादव, आयुष सिंह समेत कई नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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