*पत्रकार कतील शेख पर रेप का आरोप लगाकर दस लाख वसूलने वाली युवती पर ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज* - Ideal India News

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*पत्रकार कतील शेख पर रेप का आरोप लगाकर दस लाख वसूलने वाली युवती पर ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज*

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Dr. Shashank Shekhar Mishra


👉🏼 गैंग की सरगना साथियों सहित फरार, धनाढय़ पुरुषों को जाल में फंसाकर ऐंठते थे मोटी रकम
👉🏼 मामला दर्ज होने के बाद लखनऊ के दलाल पत्रकार खबर छापकर गैंग को करते थे सपोर्ट
👉🏼 सोशल मीडिया पर मनगढंत कहानी पोस्ट करने वालों के खिलाफ होगा मानहानि का दावा

लखनऊ
बलात्कारियों को सबक सिखाने के लिये कठोर से कठोर कानून बनाये जाने की वकालत लंबे समय से हो रही है, लेकिन इसके पीछे कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इसका दुरूपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए यह नियम पैसा ऐंठने का साधन बना चुके हैं। ऐसे ही एक मामले में लखनऊ के गोमती नगर थाने में एक युवती और उसकी गैंग के साथियों के खिलाफ बलात्कार केस का भय दिखाकर लखनऊ के पत्रकार कतील से दस लाख रुपये ऐंठने और जान से मारने की धमकी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले की जांच कर रहे चौकी इंचार्ज ने बताया कि युवती समेत उसके दो अन्य साथी फरार हैं, जिन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।
दरअसल, शिवानी नामक एक युवती ने लखनऊ के पत्रकार कतील पर बलात्कार का झूठा आरोप लगाते हुए अगस्त 2020 को गोमती नगर थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। जिसके तहत पत्रकार कतील को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन अदालत में युवती के खिलाफ ब्लैकमेल करने के सबूत प्रस्तुत किए जाने पर एक महीने बाद सेशन कोर्ट से पत्रकार को जमानत मिल गयी थी। झूठी एफआईआर दर्ज करने वाली युवती शिवानी व उसके अन्य दो साथी रितु व दीपक फरार बताये जाते हैं। 

यह एफआईआर कतील की पत्नी द्वारा पेश किए गये पुख्ता सबूतों के आधार पर दर्ज की गई है। गैंग की सरगना शिवानी पर आरोप है कि वह हाईप्रोफाइल लोगों के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहकर उनसे संबंध स्थापित करती थी फिर उनके खिलाफ बलात्कार के झूठे केस दर्ज करवाती थी, जिसके तहत ब्लैकमेलिंग कर लाखों रुपए ऐंठे जाते थे। आरोप है कि वह किसी अन्तर्राज्यीय गिरोह में शामिल हो सकती है। शिवानी और उसके साथियों के निशाने पर शहर के धनायढ्य लोग होते थे, जिनमें बिल्डर्स, पॉलिटिशयन, पत्रकार, उद्योगपति एवं प्रमुख नामी-गिरामी लोग शामिल हैं। पत्रकार कतील द्वारा साक्ष्य के तौर पर अदालत में दिए गये एक ऑडियो क्लिप में साफतौर पर युवती अपने साथी से बातचीत में कतील सहित एक अन्य उद्यमी से लाखों रुपये ऐंठने की बात कबूल कर रही है। इस ऑडियों में बलात्कार का झूठा ताना-बना बुनने से पहले कतील को वह धमकी देती है कि अगर उसने उसे रुपये नहीं दिए तो वह उसके खिलाफ रेप का केस दर्ज कराकर उसकी इज्जत धूमिल कर देगी। लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने अपने साथियों के साथ उक्त पत्रकार के घर धावा बोल दिया और उनकी पत्नी को धमकाते हुए रूपयों की डिमांड की लेकिन यहां भी बात नहीं बनी, बल्कि कतील की पत्नी ने धमकियों की परवाह न करते हुए उन्हें एक भी रूपया नहीं दिया। बस, यहीं से शिवानी और उसके गैंग के सदस्यों ने बलात्कार का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर अपना आखिरी तीर चला दिया। लेकिन कतील के जेल जाने के बाद उनकी पत्नी श्वेता चौधरी ने हिम्मत नहीं हारी और इस गैंग का पर्दाफाश करने के लिए उनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए। जिस वक्त कतील को थाने बुलाया गया तब उनकी पत्नी ने सारे साक्ष्य पुलिस के समक्ष रखे लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की और उनकी तरफ से कोई मामला नहीं दर्ज किया गया। लेकिन कहते हैं हिम्मत से काम लेेने वालों की ईश्वर भी मदद करता है। आखिरकार कतील और उनकी पत्नी सबूतों के आधार पर अदालत में यह लड़ाई जीत गये। बकौल कतील उनकी पत्नी गैंग द्वारा दस लाख रुपये न देने पर बलात्कार का आरोप लगाकर दस लाख रुपये मांगने और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत लेकर थाना गोमती नगर पहुंची थीं। लेकिन पुलिस ने उनकी बात को अनसुना कर दिया था। जिसके बाद शिवानी ने पुलिस के साथ मिलकर उनके खिलाफ झूठी एफाआईआर दर्ज करा दी थी और पुलिस ने बिना कोई जांच किए कतील को जेल भेज दिया था।

आपको बता दें कि समय-समय पर पुलिस अधिकारी ही बयान देते आए हैं कि अगर किसी के साथ तरह की ब्लैकमेलिंग होती है तो उसे पुलिस के पास शिकायत दर्ज करानी चाहिये। अंतत: कतील की पत्नी की तरफ से अब ब्लैकमेलिंग का चक्रव्यूह रचने वाली युवती और उसकी गैंग के सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार गैंग की सरगना शिवानी और उसके अन्य सदस्य अभी फरार हैं। 

*झूठा प्रचार करने वाले दलाल पत्रकारों पर होगी कार्यवाई*
इस केस की पैरवी करने वाले कतील के वकील ने बताया कि झूठा आरोप लगाकर रूपये ऐंठने वाली युवती तथा उसके अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हो चुका है। अब उन लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा जिन्होंने इस पूरे मामले को बिना किसी पुख्ता सबूत के मनगढंत कहानी बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर भ्रामक जानकारी फैलाने का कार्य किया।
 साथ ही उन्होंने बताया कि हर पीडि़त व्यक्ति को न्याय मिलना चाहिए चाहे वह युवक हो या युवती, अत: उन फर्जी पत्रकार और उनकी वेबसाइटों को चिन्हित कर लिया गया है, जिन्होंने कतील और उनके परिवार की सामाजिक छवि को दागदार करने में गैंग की मदद की है। उन्हें माननीय कोर्ट के द्वारा नोटिस दिया जाएगा।

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