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ऐसी हैवानियत के शिकार क्यों हो जाते हैं बच्चे

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पत्रकार जावेद आलम
गुरैनी जौनपुर




 ऐसी हैवानियत के शिकार क्यों हो जाते हैं बच्चे इसकी क्या वजह हो सकती है ऐसा मामला पेपर के जरिए प्रकाश में आया (कोंच का कलंक)     50 से ज्यादा निकले  हैवानियत के शिकार (कोंच उरई) बच्चों के साथ हैवानियत कर उनके वीडियो बनाने वाले रिटायर लेखपाल रामबिहारी के कुकर्मों का दायरा जांच के साथ बढता जा रहा है बुधवार को शुरुआती में पता चला था कि उसने 36 बच्चों संग हैवानियत की गुरुवार शाम तक पुलिस और खूफिया एजेंसियों के जांच में यह संख्या 50 से ज्यादा हो गई है इसमें से 18 बच्चों की शिनाख्त भी पुलिस ने कर ली हालांकि तीन नए शिनाख्त वाले बच्चों के साथ कुल 11 बच्चों की पहचान की बात ही पुलिस अभी स्वीकार कर रही है उधर जाॅच में लगाई गई झांसी की फोरेंसिक टीम ने बुधवार की देर रात रामबिहारी के घर से बरामद लैपटॉप मोबाइल फोन और हार्ड डिस्क कब्जे में ले लिया इसकी जांच में सब राज खुल रहे हैं जिन्हें अभी सार्वजनिक रूप से नहीं किया गया  झांसी की फोरेंसिक टीम के प्रभारी शिवशंकर की निगरानी में लैपटॉप आदि की जांच की जा रही है सूत्रों का कहना है कि इसमें रामबिहारी की तमाम घिनौनी हरकतें कैद है एक एक बच्चे कई कुई विडियो होने की तस्दीक हुई है इससे यह भी साफ हो गया है कि एक बार नशा देने के बाद वह विडियो की धमकी देकर उन बच्चों को आने पर मजबूर कर देता था इ विडियो के जरिए पुलिस रामबिहारी के मददगारों को पुलिस तलाशने की कोशिश कर रही है इस दिशा में कुछ सुराग मिले सूत्रों का कहना है कि इस लिस्ट में ऐसे प्रभावशाली लोग हो सकते हैं जिन पर पुलिस सीधा हाथ डालने से कतरा रही है इसलिए अभी तक किसी से पूछताछ अभी नहीं हुई है रामबिहारी कोतवाली से महज आधा किमी दूर बच्चों के शोषण का बड़ा नेटवर्क चलाता रहा लेकिन भनक किसी को नहीं लगा पुलिस का सूचना तंत्र फेल रहा इलाके में इसकी भी जबरदस्त चर्चा है कहा जा रहा है कि रसूखदारों के सम्पर्क में रहने वाले रामबिहारी की तमाम शिकायतें थी वह आए दिन किसी न किसी विवाद में रहता था पर या तो पुलिस ने कभी इसे गंभीरता से नहीं लिया

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