*जिले में हो रहा लाल खून का काला धन्धा,* *10 से 15 हजार रूपए प्रति यूनिट की दर से बेंचा जा रहा है - Ideal India News

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*जिले में हो रहा लाल खून का काला धन्धा,* *10 से 15 हजार रूपए प्रति यूनिट की दर से बेंचा जा रहा है

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अनिल कुमार शुक्ल अम्बेडकर नगर


*जिले में हो रहा लाल खून का काला धन्धा,*
     *10 से 15 हजार रूपए प्रति यूनिट की दर से बेंचा जा रहा है लाल खून,*द


      *रक्त की कालाबाजारी करने वाले अनाधिकृत ब्लड बैंक केन्द्रों पर छापामारी कर जाँच की मांग,*
        अम्बेडकरनगर में कई अवैध ब्लड बैंक के संचालन और उन पर मनमानी कीमत वसूल कर हर ग्रुप के ब्लड की बिक्री किये जाने की चर्चा जोरों पर है। जिले के ऐसे कई समाजसेवी संगठन जो रक्तदान करने के मामले में अग्रणी कहे जाते हैं उन्हीं एनजीओ के पदाधिकारियों ने बताया है कि इस जिले में केवल 2 रक्तकोष विभाग हैं जिन्हें सरकार व स्वास्थ्य महकमे द्वारा लाइसेन्स प्राप्त है। ये दोनों ब्लड बैंक विभाग संयुक्त जिला चिकित्सालय और पीजीआई सद्दरपुर में संचालित हैं। इन दोनों के अलावा इस जिले में कई ऐसे ब्लड बैंक चल रहे हैं जहाँ बगैर लाइसेन्स के अनधिकृत रूप से लैब स्थापना करके लोगों से ब्लड एकत्र किया जा रहा है। 
इन अनधिकृत ब्लड बैंक के लेबोरेटरीज में रक्त देने वाले डोनर की एचआईवी, बीडीआरएल, एसयूवी, एसबीसीजी, मलेरिया, हेपेटाइटिस आदि की जाँच किये बगैर ही ब्लड बैग्स में रक्त एकत्र करके उनका ग्रुप लिखकर फ्रिज में स्टोर किया जाता है। रक्तदानकर्ता कई एनजीओज़ के एक्टिविस्टों के अनुसार इस तरह का रक्त एक तरह से प्वाइजन ही होता है। क्योंकि ब्लड बैग में संरक्षित किये गये ब्लड की विधिवत जाँच नहीं की गई होती है और न ही उक्त ब्लड बैग को निर्धारित तापमान पर स्टोर किया गया होता है। 
एक बात और इन अनधिकृत ब्लड बैंक सेन्टरों पर ब्लड बैग की आपूर्ति कहाँ से की जाती है यह भी जाँच का विषय है। ब्लड बैग पर जो भी बैच नम्बर पड़ा होता है वह इस तरह का कालाधन्धा करने वाले ब्लड बैंक लोबोरेटरीज पर नहीं डाला गया होता है। इन्हीं समाजसेवी रक्तदानियों के अनुसार यह ब्लड बैग लाइसेन्स धारी व अधिकृत ब्लड बैंक सेन्टरों पर पिकप भवन लखनऊ द्वारा आपूर्ति किया जाता है। जहाँ से खून के काले धन्धे में संलिप्त लोगों द्वारा पैसे देकर अपने यहाँ ब्लड बैग मंगवाया जाता है। जरूरत के अनुसार निजी क्षेत्र के चिकित्सालयों में इलाज करा रहे मरीजों को दस से 15 हजार रूपए प्रति यूनिट की दर से हर प्रकार के ग्रुप का ब्लड बेंचा जाता है।
रक्तदान जैसे महादान सुकार्य में निःस्वार्थ भाव से जुटे कई एनजीओ के संचालकों व एक्टिविस्टों ने अकबरपुर के कई स्थानों व इसके अलावा जिले के अन्य कई कस्बों, शहरों में संचालित अवैध ब्लड बैंक सेन्टरों के जाँच की मांग उठाई है। इनका कहना है कि यदि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार खून के काला धन्धा कारोबारियों पर शिकंजा नहीं कसेंगे तो महंगा और जहरीला रक्त उपयोग कर लोग असमय ही भयानक बीमारियों की चपेट मे आते रहेंगे। रक्तदानी एनजीओ संचालक के अनुसार लाल खून के काले धन्धे के फलने-फूलने में जिले में संचालित अधिकृत ब्लड बैंक सेन्टर्स के कर्मियों को भरपूर योगदान है। यही कारण है कि अधिकृत रक्तकोष केन्द्रों पर प्रायः रक्त की अनुपलब्धता बताई जाती है।   
मुख्यालयी शहर अकबरपुर के एक बड़े निजी अस्पताल के बारे में रक्तदानी एनजीओ के पदाधिकारी ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि इस अस्पताल द्वारा लाल खून के काले धन्धे का कारोबार विगत कई वर्षों से किया जा रहा है। उक्त बड़े अस्पताल में महिलाओं से सम्बन्धित एवं हर प्रकार के रोगों का इलाज/ऑपरेशन किया जाता है, जिसके लिए प्रायः मरीजों को चढ़ाने हेतु रक्त की आवश्यकता पड़ती रहती है। रक्तदानी एनजीओ संचालक ने दावा किया है कि इस बड़े अस्पताल/प्रसूति गृह परिसर में अवैध रूप से एक ब्लड बैंक सेन्टर संचालित किया जा रहा है। यहाँ से प्रतिदिन जरूरतमन्दों को मुँहमांगी कीमत पर वांछित ग्रुप का ब्लड मुहैय्या कराया जाता है।

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