झारखंड समेत दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों का रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, विलंब शुल्क, एवं अन्य कर में छूट दिया जाए : अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी - Ideal India News

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झारखंड समेत दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों का रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, विलंब शुल्क, एवं अन्य कर में छूट दिया जाए : अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी

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कमल कुमार कश्यप
    रांची झारखंड 
झारखंड समेत दूसरे राज्यों से आने वाले मालवाहक वाहनों का रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, विलंब शुल्क, एवं अन्य कर में छूट दिया जाए  : अध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी



झारखण्ड एवं दूसरे राज्यों से आने वाले सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों का 01 फरवरी, 2020 से 30 अगस्त, 2020 तक की अवधि का रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, विलम्ब शुल्क सहित अन्य कर में छूट दिया जाय। साथ ही 31 दिसम्बर 2020 तक मालवाहक वाहनों के कागजातों की वैधता को यथावत रखा जाय। उक्त बातें भारतीय जनता मोर्चा के केन्द्रीय अध्यक्ष, श्री धर्मेंद्र तिवारी ने उनसे मिलने आये झारखण्ड मोटर फेडरेशन, कोयलांचल ट्रक आॅनर्स एशोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य मालवाहक वाहनों के मालिकों से कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी ‘कोरोना’ के कारण सभी प्रकार के मालवाहक वाहन से छह माह तक खनिज सहित अन्य सामग्रियों की ढ़ुलाई ठप रही। इस विषम परिस्थिति में मालवाहक वाहनों के मालिकों को एक ओर जहाँ अपने चालक, परिचालक को पूरे कोरोना काल का वेतन देना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स आदि अन्य कर अदा करना उनपर दोहरी मार के समान हंै। श्री धर्मेंन्द्र तिवारी ने बताया कि वाहनों के परिचालन से होनेवाला आय ही मालवाहक वाहन मालिकों/वाहन व्यवसायियांे का एकमात्र आय का साधन होता है। कई ऐसे भी युवा उद्यमी है जो बैंकों से ऋण लेकर मालवाहक वाहन खरीद कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे  हैं, लाॅकडाउन के कारण परिचालन ठप होने से उन्हें बैंकों का ऋण चुकाना ही भारी पड़ रहा है तो ऐसे में वे विलम्ब शुल्क कहाँ से दे सकेंगे।
श्री तिवारी ने कहा कि 24 अगस्त, 2020 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने आदेश निर्गत किया है कि 31 दिसम्बर 2020 तक मालवाहक वाहनों के कागजातों की वैधता को यथावत रखते हुए उनसे जुर्माना नहीं वसूला जाय। कई राज्यों ने ऐसी छूट दे रखी है। परन्तु झारखण्ड सरकार के परिवहन विभाग ने केन्द्र सरकार के आदेश का अवहेलना कर जुर्माना वसूल रहा है, जो न्यायोचित नहीं है।
श्री तिवारी ने राज्य सरकार से माँग कि है कि झारखण्ड एवं दूसरे राज्यों से आने वाले सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों से जुड़ी दस्तावेजों की वैधता 31 दिसम्बर तक अनिवार्य रूप से बढ़ाते हुए अपरिचालित अवधि तक सभी प्रकार के मालवाहक वाहनों का रोड टैक्स, फिटनेस टैक्स, विलम्ब शुल्क सहित अन्य कर में छूट देकर मालवाहक मालिकों को राहत दिलाने का एक सार्थक पहल करें। सरकार को अभिलंब ट्रक मालिकों को राहत देना चाहिए ड्राइवर खलासी वाहान मलिक का परिवार इसी पर आश्रित है सरकार के आदेश का पालन करते हुए सब अपने-अपने वाहनों को बंद रखा, लॉक्डाउन अवधि में। 10 परसेंट व्यवसायिक वाहन चले होंगे, 90% वाहन नहीं चले। बिल्डिंग मटेरियल/ सामग्री ढोने वाले, हो अधिकतर व्यवसायिक प्रतिष्ठान वेयरहाउस फैक्ट्री सारा बंद ऐसे में परिचालन संभव नहीं था ।सरकारी नियमों का आदेशों का पालन किया जिसका खामियाजा आज लोग भुगत रहे ,इसलिए पुनः आग्रह है करोना काल का रोड टैक्स माफ किया जाए और किसी तरह का शुल्क, फाइन/ विलंब शुल्क ना लिया जाए। केंद्र सरकार के गाइडलाइन को फॉलो करें, परिवहन विभाग के जो पदाधिकारी हैं केस को उलझा ये नहीं सुलझाएं। पदाधिकारी भ्रामक स्थिति पैदा न करे। विभाग के चलते सरकार की बदनामी हो रही है झारखंड बदनाम ना हो झारखंड के लोग आबाद हो व्यवसाय चले ऐसा नियम बने यही निवेदन

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