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रांची झारखंड👉 यहां अंतर प्रांतीय मोबाइल चोरों को दस लाख का पैकेज गैर न्यायिक पेपर पर मुहैया

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#IIN
सफरनामा 2020
 कमल कुमार कश्यप
 रांची झारखंड 
यहां अंतर प्रांतीय मोबाइल चोरों को दस लाख का पैकेज गैर न्यायिक पेपर पर मुहैया



 झारखंड के साहिबगंज जिले में बाबतपुर महाराजपुर व महादेववरण गांव | यह गांव क्रमश  तीन पहाड़ तालझारी व मिर्जाचौकी थाना क्षेत्र में है| यहां के अंतर प्रांतीय मोबाइल चोर देशभर में फैले हुए हैं| हाल ही में तीन पहाड़ से चोरी के 122 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे| सभी ब्रांडेड कंपनी के महंगे मोबाइल थे यह झारखंड बिहार उत्तर प्रदेश बंगाल आदि राज्यों में चुराए गए थे| इन मोबाइल को पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश भेजने की योजना थी, लेकिन आरपीएफ के पदाधिकारियों को भनक लग गई पकड़ाए आरोपितों में बिजली विभाग में तीन पहाड़ पर अनुबंध पर कार्यरत एक कर्मी भी था| एक अन्य युवक एम.ए. का छात्र था पड़ताल के दौरान यह खुलासा हुआ है, कि सभी मोबाइल तीन पहाड़ के बाबूपुर के चोरों ने विभिन्न जगहों से टपआए थे |पुलिस तफतिश में मोबाइल चोरों व चोरी का मोबाइल बेचने वाले एक बड़े रैकेट की बात सामने आ रही है| मासिक वेतन देकर बच्चों से मोबाइल चोरी कर आते हैं, किशोरों को 5 से 10 लाख के सालाना पैकेज पर रखा जाता है| उनके रहने खाने की व्यवस्था खुद सरगना ही करता है | अधिकतर मोबाइल बांग्लादेश और बंगाल में  खपाए जाते हैं, शेष मोबाइल स्थानीय स्तर पर बेचा जाता है|
 12 दिसंबर 2020 को तालझारी थाना की पुलिस ने डाक बंगला के पास से गोंडा जिले के मेहरमा थाना क्षेत्र के सुरनी निवासी  मोहम्मद को पकड़ा उसके पास से चोरी के 14 एंड्राइड मोबाइल मिले, उसने बताया कि वह अंग्रेजी विषय में  स्नातक और बीएड कर चुका है| वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, इसी दौरान चोरो के संपर्क में आया और उनसे प्रभावित होकर चोरी का मोबाइल बेचने की दुकान खोल ली| पुलिस ने उससे कई राज उगलवाये हैं, मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस ने कई बार इस इलाके के बच्चों को पकड़ा है| उन्हें यह भी पता है कि तीन पहाड़ से पूरा गैंग संचालित  हो रहा है |पूर्व में पूछताछ में सरगना के तौर पर संजय राजा महतो उर्फ नेनुआ के नाम सामने आए, लेकिन पुलिस अभी तक इन अपराधियों तक पहुंच नहीं पाई है| दबी जबान से यह भी कहते सुना जाता है कि दोनों की सांठगांठ से इस धंधे को परवान पर चढ़ाया गया है| जानकारों की मानें तो बाबतपुर महाराजपुर व महादेववरण के दर्जनों किशोर महानगरों में सक्रिय हैं| इसके लिए गिरोह का सरगना बच्चों के अभिभावक से गैर न्यायिक पेपर पर अनुबंध करता है, इसमें व्यापार में सहयोग के लिए साथ ले जाने का जिक्र रहता है इसके एवज में भुगतान की जाने वाली राशि का भी उल्लेख होता है| यह अनुबंध 1, 2, व 3 साल के लिए होता है ,अनुबंध में अंकित राशि बच्चों को ले जाने से पूर्व उनके अभिभावक को दे दी जाती है| अनुबंध में इसका भी उल्लेख होता है कि बीच में बच्चे घर लौट गए तो पूरी राशि   ब्याज के साथ लौटानी होगी |इसके बाद बच्चों को ले जाकर पूरी ट्रेनिंग दी जाती है|

  पुलिस इस मामले में कुछ कहने से परहेज कर रही है वैसे कहे भी क्या गुजरे 3 माह में साहिबगंज से बरामद 200 से अधिक मोबाइल और आधा दर्जन आरोपियों की गिरफ्तारी सारी कहानी बयां करती है|
 वहीं इस मामले में साहिबगंज के एसपी अनुरंजन किस्पोट्टा का कहना है, कि हाल के दिनों में चोरी के कई मोबाइल बरामद किए गए हैं अलग-अलग जगहों से इनकी बरामदगी हुई है लोगों को जेल भी भेजा गया है| जिले के कुछ इलाके पुलिस की रडार पर है, वहां के लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है|

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