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*बहुप्रतीक्षित अर्धनिर्मित वीडीए काम्प्लेक्स का हुआ भूमि पूजन

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Dr U S Bhagat Varanasi

*बहुप्रतीक्षित अर्धनिर्मित वीडीए काम्प्लेक्स का हुआ भूमि पूजन*


*26.58 करोड़ की भारी भरकम धनराशि से यह अधूरी परियोजना एक वर्ष में मूर्तरूप लेगी*

*कार्य मात्र ठेकेदारों के भरोसे नहीं बल्कि विभागीय अभियंताओं के देखरेख में कराया जाए और मौके पर होने वाले कार्यों की रोजाना मानिटरिंग भी किया जाए-पर्यटन मंत्री*

*परियोजना को मूर्तरूप लेने पर काशी में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों की कड़ी में एक और कड़ी जुड़ेगा-डॉ0नीलकंठ तिवारी*

       उत्तर प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य एवं प्रोटोकॉल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 नीलकंठ तिवारी ने रविवार को दशाश्वमेध क्षेत्र स्थित गंगा तट के पास वर्षों से अर्धनिर्मित पड़े वीडीए काम्प्लेक्स का कार्य प्रारंभ किये जाने हेतु षोड़षोपचार मंत्रोच्चार से विधिवत भूमि पूजन किया। गौरतलब हैं कि वाराणसी विकास प्राधिकरण का यह अधूरा प्रोजेक्ट विगत कई वर्षों से अर्धनिर्मित पड़ा रहा। कई सरकारें आयी व चली गयी किन्तु  किसी ने इसकी सुध नहीं ली। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस अर्धनिर्मित स्थान पर गंदगी का अंबार था। बरसात में पानी भर जाने के कारण काफी दुर्गंघ भी आती थी। लोग बीमार होते जा रहे थे। इतना ही नहीं गंगा घाट पर आने वाले पर्यटक एवं सैलानियों में यह अर्धनिर्मित पड़ा प्रोजेक्ट काशी में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों की तस्वीर में ग्रहण की तरह  रहा।
           मंत्री डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने बताया कि 26.58 करोड़ की भारी भरकम धनराशि से होने वाले इस निर्माण कार्य में 49 फीसदी वीडीए व 51 फीसदी स्मार्ट सिटी की जिम्मेदारी होगी और प्रत्येक दशा में एक वर्ष के अंदर कार्य पूर्ण करना होगा। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य मात्र ठेकेदारों के भरोसे नहीं बल्कि विभागीय अभियंताओं के देखरेख में कराया जाए और मौके पर होने वाले कार्यों की रोजाना मानिटरिंग भी किया जाए। कार्य को मानक के अनुरूप गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में निर्धारित अवधि के अंदर पूरा कराया जाए। मंत्री ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि निश्चित रूप से इस परियोजना को मूर्तरूप लेने पर काशी में हो रहे अभूतपूर्व विकास कार्यों की कड़ी में जहाँ एक और कड़ी जुड़ेगा, वही गंगा के किनारे एक अच्छी छवि निखरेगी। विगत कई वर्षों से अधूरे पड़े इस अर्धनिर्मित परियोजना स्थल को पूर्ण होने से गंगा किनारे आने वाले सैलानियों एवं बाबा भक्तों के साथ-साथ आसपास क्षेत्र के रहने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।
         उल्लेखनीय हैं कि पूर्व में स्थानीय प्रबुद्धजनों के साथ कई बार विभाग को पत्र लिखा गया, किन्तु किसी ने ध्यान नहीं दिया। कुछ समय पूर्व स्थानीय लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल विप्र समाज के संयोजक के नेतृत्व में स्थानीय लोगों के साथ दक्षिणी के विधायक व राज्यमंत्री डॉ0नीलकंठ तिवारी से मिला व उन्हें भी इस समस्या से अवगत कराते हुए एक पत्र दिया। मंत्री ने आश्वाशन दिया कि शीघ्र ही इस पर सरकार को अवगत कराते हुए कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा। हाल ही में इस अर्धनिर्मित भूमि के समीप पुरातत्वविक मानमहल आब्जर्वेटरी में प्रधानमंत्री मोदी का आगमन हुआ था। उस समय पुनः विप्र समाज ने यह चर्चा उठायी थी की इस क्षेत्र के विकास में इस अर्धनिर्मित पड़े काम्प्लेक्स का निर्माण होना आवश्यक है। जिसके बाद विभागीय स्तर पर पुरात्तव विभाग से नो-आब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया। इसके पश्चात इसकी रूपरेखा तैयार की गयी। आज पुनः वीडीए की देखरेख में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया। जिसे लेकर स्थानीय लोगों में अपार हर्ष है। दशाश्वमेध क्षेत्र के विकास में यह अर्धनिर्मित प्रोजेक्ट स्थल यहॉं की सुंदरता को मुँह चिढाने जैसा था। आज इसके कायाकल्प की शुरुवात होने से स्थानीय लोगो मे काफी प्रसन्नता है और हर्ष इस बात का है की स्थानीय लोगों का परिश्रम सफल हुआ। लोगो ने
पर्यटन मंत्री डॉ0 नीलकण्ठ तिवारी को इसके लिए धन्यवाद भी दिया, जिन्होंने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए इसका पुर्ननिर्माण कराते हैं इसे भव्यता प्रदान करने की योजना बनायी।
        इस अवसर पर वीडीए उपाध्यक्ष राहुल पांडेय, नगर आयुक्त गौरांग राठी, वीडीए कार्यकारिणी सदस्य साधना वेदांती, भाजपा नेता पवन शुक्ला, नरसिंह दास, विनय यादव, नलिन नयन मिश्र, वेदमूर्ति शास्त्री, सुनील तिवारी, उदित राज मिश्र, सौरभ मिश्र, गोकुल शर्मा, महेश झुनझुनवाला, विजय शाह, रामगोपाल त्रिपाठी, सुनील शर्मा आदि उपस्थित थे।

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