करोड़ों का मकान बेचने के लिए प‍िता को उतारा था मौत के घाट - Ideal India News

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करोड़ों का मकान बेचने के लिए प‍िता को उतारा था मौत के घाट

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Dr. Shashank Shekhar Mishra

लखनऊ

 कोरोड़ों का मकान हथियाकर बेचने के लिए इकलौते बेटे सागर राम ने पिता ज्ञानी यादव (90) की हत्या की थी। नशे में धुत सागर राम ने वृद्ध दिव्यांग पिता की धारदार हथियार से गला रेतकर आठ अक्टूबर की देर रात हत्या कर दी थी। मकान हथियाने के लिए वह आए दिन पिता के साथ मारपीट कर उन्हें प्रताड़ित करता था। 


सीओ बाजारखाला अनूप कुमार सिंह ने बताया कि सागर राम नशे का लती था वह आए दिन पिता के साथ मारपीट करता था। उन्हें ताने मारता था। इससे त्रस्त होकर ज्ञानी ने दोषपुर गौरीगंज अमेठी स्थित करोड़ों की कीमत के मकान को अपने पौत्र के नाम कर दिया था और खुद को संरक्षक बनाया था। जिससे अनूप उस मकान को न बेच पाए। उधर, सागर राम ने कई लोगों से रुपया ले रखा था। उस पर उधारी भी थी। जिस मकान में वह किराए पर रहता था उसका किराया भी कई माह का नहीं दिया था। वह लोगों को भरोसा देता था कि मकान बेचकर उनकी उधारी चुका देगा।

सागर राम पिता की हत्या करने से तीन दिन पहले गांव गया था। वहां से कुछ दस्तावेज भी लेकर आया था। पूरा मकान आठ विसवा में था। जिसमें से करीब छह बिसवा पुराना बना हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि वह ज्ञानी को बहुत परेशान करता था। इसके पहले भी सागर राम गांव में कई खेत आदि बेच चुका था। अब ज्ञानी के पास सिर्फ मकान बचा था। वह मकान की बिक्री नहीं होने देना चाहते थे। जिसको किया नामजद उससे भी ले रखा था रुपये, जा चुका है जेल भी इंस्पेक्टर धनन्जय सिंह ने बताया कि सागर राम ने जिस सागर गुप्ता के ऊपर हत्या का आरोप लगाया पड़ताल में उस पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ। सागर राम ने सागर गुप्ता से भी हजारों रुपये उधार ले रखे थे। सागर राम जानलेवा हमले के मामले में भी एक बार जेल जा चुका है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

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