जौनपुर मूर्ति विसर्जन के दौरान सोसल डिस्टेंसिंग की उड़ाई गई धज्जिया* - Ideal India News

Post Top Ad

जौनपुर मूर्ति विसर्जन के दौरान सोसल डिस्टेंसिंग की उड़ाई गई धज्जिया*

Share This
#IIN
अन्जू पाठक जौनपुर
*जौनपुर मूर्ति विसर्जन के दौरान सोसल डिस्टेंसिंग की उड़ाई गई धज्जिया*



जौनपुर शारदीय नवरात्रि पर आयोजित होने वाली परम्परागत दुर्गा पूजा उत्सव का सोमवार को विसर्जन के साथ ही विधिवत समापन हो गया नौ दिनों तक बहुत ही सादे ढंग से बिना सजावट शोरगुल औऱ तामझाम के मनाएं गए पूजा उत्सव की तरह इस वर्ष दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी सिर्फ श्रध्दा और भक्ति व्यक्त करने तक सीमित रहा हर वर्ष की तरह निकलने वाली भव्य आकर्षक और दर्शनीय शोभा यात्रा नही निकाले जाने के पहले से ही हुवे फैसले के कारण इस बार रात्रि की जगह दिन में प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्यक्रम सम्पन हुआ सावर्जनिक पूजा आयोजन करने वाली दुर्गा पूजा समितियों दुवारा  सोमवार की सुबह से ही प्रतिमाओं के विसर्जन का कार्य आरंभ कर दिया गया पहले से ही निर्धारित नियम के अनुरूप छोटी गाड़ी या ठेले से  विसर्जन घाट लाकर दुर्गा प्रतिमाओं कलशों और पूजा में प्रयोक्त अन्य सामग्रीयों का विसर्जन किया गया नदियों को प्रदूषित न करने के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशो के अनुपालन में दुर्गा प्रतिमाओं को पिछली बार की तरह गोमती नदी के बगल में अलग बनाएं गए कुंड में श्रद्धापूर्वक विसर्जित किया गया जबकि कलश का विसर्जन नदी की मुख्यधारा में हुआ विसर्जन घाट पर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी।

शहर की दुर्गा पूजा समितियो की केंद्रीय संस्था श्री दुर्गा पूजा महासमिति के सहयोग के लिए मौजूद रहे महासमिति के सूत्र ने बताया कि विसर्जन घाट पर करीब 170 प्रतिमाओं के विसर्जन का अनुमान है उन्होंने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडालो में कड़े मानको का पालन करते हुवा सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होने के कारण कई लोगों के बंगाल की तर्ज पर अपने घरों में भी छोटी छोटी दुर्गा प्रतिमा की स्थापना किया था कुछ उत्साही बच्चों ने अपने हाथ से भी दुर्गा जी कि प्रतिमा बनाकर परिवार सहित पूजा का आयोजन किया । ऐसी प्रतिमाओं का विसर्जन भी नदी के किनारे  बने कुंड में हुवा।

सुबह से शुरू हुआ विसर्जन का कार्यक्रम शाम तक चलता रहा जगह जगह स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को समितियों के उत्साही स्वयंसेवक नाचते गाते हुवे समूह में विसर्जन के लियेले गए इस दौरान विसर्जन घाट से लेकर सभी मार्गों और प्रमुख स्थानों पर पुलिस के जवान तैनात रहे। अनेक स्थानों पर पुलिस के सतर्क जवानों ने प्रतिमाओं के साथ जा रहे उत्साही युवकों और बच्चों को रोक कर वापस कर दिया। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने दुर्गा पूजा महासमिति के पदाधिकारियों के साथ नवरात्रि के पूर्व हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि विसर्जन के लिए उन्हें छोटी गाड़ी में प्रतिमाओं को ले जाना होगा। साथ ही प्रत्येक प्रतिमा के साथ सिर्फ पांच स्वयं सेवकों को ही विसर्जन के लिए जाने की इजाजत रहेगी । विसर्जन स्थल पर तैनात कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर विसर्जन में यथायोग्य सहयोग करेंगे

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad