अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने लाल बहादुर शास्त्री जी की मूर्ति जनपद में लगवाए जाने की मांग किया - Ideal India News

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अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने लाल बहादुर शास्त्री जी की मूर्ति जनपद में लगवाए जाने की मांग किया

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राजेश श्रीवास्तव एडवोकेट    जौनपुर
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने लाल बहादुर शास्त्री जी की मूर्ति जनपद में लगवाए जाने की मांग किया



जौनपुर।अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जौनपुर द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती समारोह धूमधाम से महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भइया एडवोकेट के सदर चुंगी आवास पर मनाई गई।समारोह की अध्यक्षता महासभा के जिलाध्यक्ष नीलमणि श्रीवास्तव ने किया संचालन जिला संगठन सचिव विश्व प्रकाश श्रीवास्तव दीपक पत्रकार ने किया।कार्यक्रम के शुभारंभ में सर्वप्रथम दोनों महापुरुषों के प्रतिमा पर मुख्य अतिथि प्रान्तीय उपाध्यक्ष प्रदीप अस्थाना कर्मचारी संघ नेता ने दीपप्रज्वलन कर जयंती समारोह शुभारंभ किया। तत्पश्चात वंदे मातरम गीत हुआ।
बैठक में उपस्थित सभी जौनपुर के चित्रांश बंधुओं ने एक स्वर से प्रदेश की योगी सरकार जौनपुर के जनप्रतिनिधियों व जिला प्रशासन से मांग किया कि जौनपुर जनपद के शहर में किसी भी पार्क में भारत के आन बान शान, भारत रत्न, लोकप्रिय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की एक प्रतिमा स्थापित किया जाए जिससे जनपदवाशी उनके जयंती, पुण्य तिथि पर पुप्स अर्पित करने का मौका मिल सके।प्रतिमा स्थापित करने के लिए शीघ्र ही कायस्थ महासभा सबको ज्ञापन देगा।
मुख्य अतिथि प्रान्तीय उपाध्यक्ष प्रदीप अस्थाना ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी ने जय जवान जय किसान का नारा देकर इस देश को एक नई दिशा देने का काम किया था जय जवान जय किसान के नारे से पूरा देश आन्दोलित हो गया था और पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।
जिला महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भइया एडवोकेट ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी के सोच व सपनो को उनके नाती प्रदेश सरकार में मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जी शास्त्री जी के पदचिन्हों पर चलते हुए पूरा करने का प्रयास कर रहे है उनके अंदर शास्त्री जी की छाया लगती हैं।एक अक्टूबर को सिद्धार्थ जी का जन्मदिन व दो अक्टूबर को शास्त्री जी का जन्मदिन कोई संयोग ही है।
प्रान्तीय महिला अध्यक्ष डॉ अंजना श्रीवास्तव ने कहा कि1964 में जब श्री लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमन्त्री बने तो भारत को अन्न की आपूर्ति के लिए आयात का सहारा लेना पड़ता था। साथ ही सीमित संसाधनों पर पड़े इस दबाव से किसी भी नेता के पसीने छूट सकते थे। परन्तु शास्त्री जी केवल कद में छोटे थे, नेतृत्व में वे काफी ऊँचे थे।
जिला महासचिव संगठन ई अमित श्रीवास्तव ने कहा कि
पूरे देश का एक दिन उपवास के लिए आह्वाहन कर के उन्होंने जनमानस को इस समस्या के निवारण में शामिल किया। साथ ही ईंट का जवाब पत्थर से देते हुए पाकिस्तान को घुटने टेकने पर मजबूर भी किया। अपने सादे जीवन व देशभक्ति के उदाहरण से हमारे देश को आज भी प्रेरित करने वाले शास्त्री जी को उनकी जन्मतिथि पर शत शत नमन।
वरिष्ठ नेता डॉ संजय श्रीवास्तव ने कहा कि सादगी के प्रतिमूर्ति लाल बहादुर जी एक बार कहीं जनसभा में भाषण देने गए थे कि तभी पूछते पूछते उनकी मां भी वहां पहुंच गई उन्होंने मां को देखते हुए ही भाषण बंद कर दिया और मां को समझा-बुझाकर घर भेज दिया जब पत्रकारों ने पूछा कि उन्होंने अपनी मां को क्यों नहीं बताया कि वह मंत्री हैं तो उन्होंने कहा कि मां का दिल है जो वो जान जाती है मैं मंत्री हूं तो लोगों की सिफारिश करने लगती और मैं मां की बात को मना नहीं कर सकता था मैंने आज तक अपने घर में मां को नहीं बताया कि मैं मंत्री हूं उन्हें यह पता है कि मैं रेलवे में कर्मचारी हूं।
जिला संगठन सचिव विश्व प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि हमें सिर्फ यह जानने और सीखने की जरूरत है कि एक साधारण सा आदमी मोहनदास करमचंद गांधी कैसे देश का महात्मा गांधी हो सकता है। हमें सिर्फ यह जानने की जरूरत है कि कैसे लाल बहादुर शास्त्री जैसा नेता आज भी उस युवा पीढ़ी के दिलों में जिंदा है जिसे कभी उन्हें सीधे देखने का सौभाग्य भी प्राप्त नहीं हुआ है हमें सिर्फ यह सीखने और जानने की जरूरत है कि कैसे डॉ कलाम और प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई जैसे व्यक्तित्व के सामने सबके सर धर्म जाति और मजहब और दलगत राजनीति से उठ कर झुक जाते हैं। निश्चित तौर पर गांधी जी और शास्त्री जी के रास्ते पर चलना इतना आसान नहीं है लेकिन यही सत्य का वो मार्ग है जो हम लोगों को फिर से हमारा खोया हुआ वैभव वापस लौटा सकता है।
प्रान्तीय सचिव श्रीकांत श्रीवास्तव ने कहा कि निस्वार्थ सच्चे ईमानदार और कर्मठ  करने वाले सादगी की प्रतिमूर्ति परम पूजनीय लाल बहादुर शास्त्री जी हम सभी के सदैव आदर्श बने रहेंगे।
युवा शाखा के प्रान्तीय उपाध्यक्ष मनीष श्रीवास्तव सभासद ने कहा कि शास्त्री जी सहजता सजगता सत्य निष्ठा को अपना पर्याय मानने वाले देश के बहादुर जवानों के हौसले के दम पर उन्होंने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में जीत हासिल किया था ।अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष नीलमणि श्रीवास्तव ने कहा कि देश के प्रति उनका जो योगदान है वह हम सभी के लिए प्रेरणा है शास्त्री जी ईमानदारी के पराकाष्ठा थे जिन्होंने ने अपना सब कुछ देश के लिए न्यौछावर कर दिया आज समाज को उनके बताए हुए मार्गो पर चलने की जरूरत है
उक्त अवसर पर जिला उपाध्यक्ष पंकज श्रीवास्तव हैप्पी श्री,जिला मीडिया प्रभारी अंकित श्रीवास्तव  राहुल श्रीवास्तव,जिला संगठन सचिव अलोक वर्मा अनुराग श्रीवास्तव सिम्पू ,आतिश श्रीवास्तव, युवा जिलाध्यक्ष अमित श्रीवास्तव औरही, अनुपम श्रीवास्तव,  सुलभ श्रीवास्तव कायस्थ राजेश श्रीवास्तव बृजेश श्रीवास्तव, अभिषेक श्रीवास्तव सोनू ,तुसार श्रीवास्तव मनु ,आयुष अस्थाना ओम श्रीवास्तव राज श्रीवास्तव,कायस्थ राजेश श्रीवास्तव,सुलभ श्रीवास्तव,,अनीश श्रीवास्तव,मनीष श्रीवास्तव,अनुज अस्थाना विजय निगम आदि चित्रांश बंधु मौजूद रहे।

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