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ससुराल से संपत्ति नहीं मिलने पर की पत्नी और दाे बच्चाें की हत्या

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श्रवण सेठी
 मेदिनीनगर (झारखंड) 
ससुराल से संपत्ति नहीं मिलने पर की पत्नी और दाे बच्चाें की हत्या




आरोपी की पत्नी चार बहनें हैं, साला नहीं हाेने के कारण उम्मीद थी कि संपत्ति मिलेगी
नावाबाजार थाना अंतर्गत राजहरा में मां और दोनों संतान की हत्या के पीछे की साजिश का खुलासा चाैंकाने वाला है। राजहरा निवासी व पेशे से निजी स्कूल में शिक्षक आशीष पांडेय को धन व जायदाद की अधिक चाहत ने अपनी पत्नी और दाे बच्चाें का हत्यारा बना डाला। पहले उसके परिवार ने 2014 में इस मकसद को पूरा करने के गरज से मेदिनीनगर से आगे सिंदुरिया लहलहे में ऐसे संपन्न घर में शादी कराई, जहां बेटा नहीं था। पत्नी चार बहनें हैं। फिर शादी के बाद चल अचल संपत्ति को लेकर पत्नी को लगातार मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी गई, लेकिन फिर इस दिशा में उसे संपत्ति हासिल करने का अपना मकसद हासिल नहीं हुआ।

राजहरा निवासी व सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता किशोर कुमार पांडेय ने बताया कि दोनों पक्ष से उनकी रिश्तेदारी होने के कारण कई बार सामाजिक पंचायत में आशीष व उसके ससुराल पक्ष को बैठाकर सुलह-समझौता कराया गया, लेकिन आशीष व स्वजनों की गलत मंशा से यह सुलह हमेशा निरापद साबित होता रहा। गांववाले की बात मानें तो यह बात खुलकर सामने आयी कि आशीष को ससुराल से सम्पति खासकर लहलहे में एनएच75 पर कीमती भूखंड हासिल नहीं होने पर उसने अपनी पत्नी व दोनों बच्चों को सदा के लिए रास्ते से हटाने का खतरनाक निर्णय ले लिया। वैसे इस बीच उसकी नजदीकी अग्रज के ससुराल की लड़की से शादी रचाने को हो गयी थी। इसमें पहली पत्नी व बच्चे आड़े आ रहे थे। पुलिस सूत्राें से पता चला है कि आशीष ने हत्या की बात कबूल ली है, पर पुलिस जांच करने के नाम पर खुलकर पूरी बात अधिकारिक रूप से नहीं कर रही।

अदालत में चला था दहेज प्रताड़ना का मामला

सोनी एमएससी पास थी। पिता अनूप तिवारी ने बताया कि वर्ष 2014 में 7-8 लाख रुपए खर्च कर बेटी का विवाह रजहारा गांव के ब्रजकिशोर पांडेय के द्वितीय पुत्र आशीष पांडे के साथ पूरे धूमधाम से की थी। विवाह के बाद से ही बेटी को प्रताड़ित किया जाने लगा।इसी बीच उसके दो बच्चे बड़ी बेटी समृद्धि कुमारी 5 वर्ष तथा संदर्शी कुमार 3 वर्ष का जन्म हुआ। बावजूद इसके प्रताड़ित करने का दौर चलता रहा। प्रताड़ना से तंग आकर अदालत में भी मामला चला। सुलह समझौता के बाद बेटी ससुराल में रहनेे लगी। बेटी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब होने पर बुलाया, पर दामाद जबरन ले गए।

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