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रूमाली रोटी बनाने की विधि

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ANJU PATHAK

रुमाली रोटी जैसा की नाम से ही पता चलता है कि यह रुमाल जैसी होगी। जी हां, यह देखने में बिल्कुल रुमाल सरीखी होती है। बिल्कुल पतली और नर्म। अगर इसका सेवन समय रहते नहीं किया गया तो यह पत्थर जैसी सख्त भी हो जाती है। इसलिए लोग इसे तवे से उतरते ही गरमा गरम खाते हैं।

रुमाली रोटी का चलन कब और कहां से हुआ इसको लेकर कोई खास सबूत नहीं मिलते हैं लेकिन जैसा कि पता है कि अकबर के आईने अकबरी में रोटियों का काफी जिक्र है जिसमें रुमाली रोटी के किस्म के बारे में भी पता चलता है।

ऐसा नहीं है कि रुमाली रोटी केवल नॉनवेज के साथ ही खाई जाती है, कटहल की सब्जी, अथवा अन्य सूखी सब्जी के साथ भी रूमाली रोटी बहुत अच्छी लगती है, इसका मजा कबाब, दाल बुखारादाल मखनीशाही पनीर आदि के साथ लिया जा सकता है।

रूमाली रोटी बनाने के लिये सामग्री :

गेंहू का छना आटा 02 कटोरी,

मैदा 02 कटोरी,

नमक -स्वादनुसार,

दही – 04 बड़े चम्मच,

गर्म पानी,

माखन

रूमाली रोटी बनाने की विधि :-

1 छने हुए आटे और मैदे को दही में मिलालें और स्वादनुसार नमक मिलाकर गूँथ लें.

2 इस एक घंटे तक ढककर रखें.

3 कढ़ाई को उल्टा करके गर्म होने के लिए रखें.

4 रोटी की तरह लोई लेकर इसे बहुत पतला बेले.

5 अब दोनों हाथों से और पतला करें और बड़ी पतली रोटी बनाए.

6 अब उल्टी कढ़ाई पर रोटी डाले और तुरंत पलट कर दूसरी तरफ से सेकें.

7 रोटी को लाल नहीं होने देना है, हल्का सा माखन लगाये , चार तह मोड़ कर रखें.

8 अब इसे परोसें.

रूमाली रोटी उस साधारण गेहूं के आटे से नही बनती। वे जिस आटे से बनती है वह तंदूरी आटा कहलाता है, व किराने की दुकानो मे उपलब्ध होता है। इसी आटे से ढाबों पर तंदूरी रोटियां बनाई जाती हैं। भोपाल मे अनेक मुस्लिम ढाबों पर केवल यही रोटियां बनती हैं।

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