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डा यू एस भगत
वाराणसी/दिनांक 01 अक्टूबर, 2020(सू0वि0)
*100 करोड़ से भी अधिक धनराशि व्यय कर पर्यटन क्षेत्र सारनाथ का अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास होगा-कमिश्नर*
*सारनाथ क्षेत्र में रहने वालो के साथ अन्य लोगों को भी टूरिज्म के माध्यम से रोजगार का सुखद अवसर मिलेगा-दीपक अग्रवाल*
*सारनाथ में आने वाले पर्यटकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी*
*पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने हेतु सारनाथ क्षेत्र में लगेंगे सीसीटीवी कैमरा*
*सुहेलदेव तिराहा से धर्मपाल चौराहे तक प्रोमिनाड बनेंगी*
*सारनाथ आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए इसकी कनेक्टिविटी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा*
*सारनाथ डियर पार्क का भी होगा विकास, लाए जाएंगे नए जानवर*
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित प्रो-पूअर योजना के तहत 100 करोड़ से भी अधिक धनराशि व्यय कर पर्यटन क्षेत्र सारनाथ का अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास होगा। जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी टूरिज्म के माध्यम से रोजगार के अवसर के साथ-साथ उनके जीवन शैली का उन्नयन भी होगा। इसके अलावा सारनाथ में आने वाले पर्यटकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने गुरुवार को अपने मंडलीय सभागार में नगर निगम, जलनिगम, जलकल, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने वाले विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक के दौरान निर्देशित किया कि यदि उनके विभागीय योजना से संबंधित सारनाथ में कोई परियोजना लंबित एवं संभावित है तो स्थलीय निरीक्षण कर वह यह सुनिश्चित करने की इस परियोजना के साथ-साथ ही वे अपने विभागीय कार्यों को भी पूर्ण करा ले। ताकि सारनाथ में भारी भरकम धनराशि व्यय कर वहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास सुनिश्चित कराएं जाने के बाद फिर अन्य किसी कार्य की अनुमति नहीं की जाएगी। छोटे-छोटे कलस्टर चिन्हित कर पृथक- पृथक फैसिलिटी सेंटर भी बनाए जाएंगे। सुहेलदेव तिराहा से धर्मपाल चौराहे तक प्रोमिनाड बननी है। इस मार्ग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक विकास यथा-सड़क, पाथवे, वेंडिंग जोन, स्ट्रीट लाइट आदि की साथ-साथ सारनाथ क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने हेतु व्यापक पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पर्यटन के विकास व बढ़ावा देने के उद्देश्य से सारनाथ के डियर पार्क का मृगगाह के रूप में लगभग 4 करोड़ की धनराशि व्यय कर विकास किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी को प्रोजेक्ट बनाए जाने हेतु निर्देशित किया गया। डीयर पार्क को आकर्षक बनाए जाने हेतु इसमें कुछ नए जानवर लाये जाएंगे। हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े सारनाथ के आसपास के ग्राम सभाओं को चिन्हित कर वहां पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएंगे।
सारनाथ आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए इसकी कनेक्टिविटी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। जिससे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बाबतपुर पर्यटकों को सारनाथ पहुंचने में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। बुद्धा थीम पार्क के पास वाहन पार्किंग के साथ ही पर्यटकों के लिए गोलफाड के अलावा फ़ूड कोर की भी व्यवस्था होगा। रामनगर, काशीपुर, चुरामनपुर व फुलवरिया में बनने वाले हस्तशिल्प प्रोडक्ट के स्किल डेवलपमेंट हेतु स्किल सेंटर बनाने हेतु विश्व बैंक के मानक के अनुसार प्रोजेक्ट बना कर भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में एसएसपी अमित पाठक, विकास प्राधिकरण राहुल पांडेय, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अलावा नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जलनिगम व जल संस्थान आदि विभागों के अधिकारी एवं अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
डा यू एस भगत
वाराणसी/दिनांक 01 अक्टूबर, 2020(सू0वि0)
*100 करोड़ से भी अधिक धनराशि व्यय कर पर्यटन क्षेत्र सारनाथ का अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास होगा-कमिश्नर*
*सारनाथ क्षेत्र में रहने वालो के साथ अन्य लोगों को भी टूरिज्म के माध्यम से रोजगार का सुखद अवसर मिलेगा-दीपक अग्रवाल*
*सारनाथ में आने वाले पर्यटकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी*
*पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने हेतु सारनाथ क्षेत्र में लगेंगे सीसीटीवी कैमरा*
*सुहेलदेव तिराहा से धर्मपाल चौराहे तक प्रोमिनाड बनेंगी*
*सारनाथ आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए इसकी कनेक्टिविटी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा*
*सारनाथ डियर पार्क का भी होगा विकास, लाए जाएंगे नए जानवर*
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि विश्व बैंक द्वारा वित्त पोषित प्रो-पूअर योजना के तहत 100 करोड़ से भी अधिक धनराशि व्यय कर पर्यटन क्षेत्र सारनाथ का अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास होगा। जिससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के साथ-साथ अन्य लोगों को भी टूरिज्म के माध्यम से रोजगार के अवसर के साथ-साथ उनके जीवन शैली का उन्नयन भी होगा। इसके अलावा सारनाथ में आने वाले पर्यटकों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने गुरुवार को अपने मंडलीय सभागार में नगर निगम, जलनिगम, जलकल, विद्युत, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग सहित अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने वाले विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक के दौरान निर्देशित किया कि यदि उनके विभागीय योजना से संबंधित सारनाथ में कोई परियोजना लंबित एवं संभावित है तो स्थलीय निरीक्षण कर वह यह सुनिश्चित करने की इस परियोजना के साथ-साथ ही वे अपने विभागीय कार्यों को भी पूर्ण करा ले। ताकि सारनाथ में भारी भरकम धनराशि व्यय कर वहाँ अंतरराष्ट्रीय स्तर का विकास सुनिश्चित कराएं जाने के बाद फिर अन्य किसी कार्य की अनुमति नहीं की जाएगी। छोटे-छोटे कलस्टर चिन्हित कर पृथक- पृथक फैसिलिटी सेंटर भी बनाए जाएंगे। सुहेलदेव तिराहा से धर्मपाल चौराहे तक प्रोमिनाड बननी है। इस मार्ग पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के आधुनिक विकास यथा-सड़क, पाथवे, वेंडिंग जोन, स्ट्रीट लाइट आदि की साथ-साथ सारनाथ क्षेत्र में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने हेतु व्यापक पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पर्यटन के विकास व बढ़ावा देने के उद्देश्य से सारनाथ के डियर पार्क का मृगगाह के रूप में लगभग 4 करोड़ की धनराशि व्यय कर विकास किया जाएगा। प्रभागीय वनाधिकारी को प्रोजेक्ट बनाए जाने हेतु निर्देशित किया गया। डीयर पार्क को आकर्षक बनाए जाने हेतु इसमें कुछ नए जानवर लाये जाएंगे। हस्तशिल्प उद्योग से जुड़े सारनाथ के आसपास के ग्राम सभाओं को चिन्हित कर वहां पर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए जाएंगे।
सारनाथ आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए इसकी कनेक्टिविटी रिंग रोड से जोड़ा जाएगा। जिससे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बाबतपुर पर्यटकों को सारनाथ पहुंचने में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगेगा। बुद्धा थीम पार्क के पास वाहन पार्किंग के साथ ही पर्यटकों के लिए गोलफाड के अलावा फ़ूड कोर की भी व्यवस्था होगा। रामनगर, काशीपुर, चुरामनपुर व फुलवरिया में बनने वाले हस्तशिल्प प्रोडक्ट के स्किल डेवलपमेंट हेतु स्किल सेंटर बनाने हेतु विश्व बैंक के मानक के अनुसार प्रोजेक्ट बना कर भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में एसएसपी अमित पाठक, विकास प्राधिकरण राहुल पांडेय, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव के अलावा नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जलनिगम व जल संस्थान आदि विभागों के अधिकारी एवं अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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