मादा मच्छर के काटने से होता है मलेरिया डा० ए० के० सिंह - Ideal India News

Post Top Ad

मादा मच्छर के काटने से होता है मलेरिया डा० ए० के० सिंह

Share This
#IIN

डॉ एस के गुप्ता गाजीपुर
मादा मच्छर के काटने से होता है मलेरिया  डा० ए० के० सिंह


   मादा एनफिलीज मच्छर के काटने से मलेरिया होता है जो मच्छर और मनुष्य को काटता है तब यह परजीवी मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर यकृत तथा लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर देते हैं वाइबेकस मलेरिया केवल अपर्याप्त रक्त कोशिकाओं को ही संक्रमण करता है जबकि फेलसीपेरम
 मलेरिया हर प्रकार की रक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर देता है फैंसी पेरम मलेरिया ज्यादा खतरनाक होता है इससे वाइटल आरगेन ब्रेन गुर्दा हृदय की रक्त आपूर्ति प्रभावित होने लगती है जिससे मरीज को सेरेब्रम मलेरिया हो सकता है जो कि जानलेवा बीमारी है
 यह बातें भदौरा वाराणसी पैथोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर पर आयोजित सेमिनार मैं मुख्य अतिथि के पद पर बोलते हुए आलोक हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर के चिकित्सक डॉक्टर ए के सिंह ने कही उन्होंने कहा कि 3 साल के बच्चों में मलेरिया विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है वहीं दूसरी ओर  परंपरागत दवाएं फैंसी फेरम मलेरिया के मामले में काम नहीं कर रही है आरटीसोनेट और कुनैन जैसी दवाएं ही कारगर हो रहे हैं डॉ सिंह ने कहा कि एडल्ट मामलों में कपकपी
 ठंडी देकर बुखार आना पसीना छूट ना बाद में शरीर का तापमान गिर जाना जैसे लक्षण मिल जाते हैं जबकि बच्चों में तेज बुखार आना भूख ना लगना सिर दर्द होना उल्टी होना हल्का पीलिया डायरिया आदि शामिल है मलेरिया के कीटाणुजब ब्रेन को प्रभावित करते हैं तब बच्चे में मस्तिष्क ज्वर जैसे लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं
वाराणसी क्लिनिक एंड रिसर्च सेंटर के प्रबंधक डॉक्टर एसके गुप्ता ने कहा कि मलेरिया भारत सरकार का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है तथा इसके विरुद्ध व्यापक पैमाने पर जन जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है इसमे मीडिया की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है साधारण मच्छरदानी का प्रयोग से मलेरिया के मच्छरों से ही नहीं बल्कि इंसेफलाइटिस फाइलेरिया डेंगू आदि के मच्छरों से भी बचा जा सकता है कूड़ा करकट पानी आदि ना जमा करें ताकि मच्छर ना फैलने पाए डॉ एसके गुप्ता नेकहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों की  वृद्धि और इनसे होने वाला रोग मलेरिया का व्यापक प्रकोप बढ़ रहा हैक्योंकि मच्छरों के प्रति लापरवाही गांव में अधिकांश रहती है  इन बात का ध्यान रखना चाहिए कि घर में अगल बगल पानी का जमावड़ा ना हो उन्होंने बताया कि इस रोग के क्षेत्र नए-नए तकनीक विकसित हो चुके हैं गर्भवती महिलाओं को जागरूक करते हुए डॉक्टर रेखा गुप्ता ने कहा कि गर्भवती महिलाएं को मलेरिया एक गंभीर समस्या है विशेषकर प्रथम 3 महीने में जब गर्भवती महिलाओं को किसी प्रकार की दवा लेने से परहेज किया जाता है मलेरिया संक्रमित मां के गर्भ से पैदा होने वाले बच्चों का वजन कम पाया गया है सेमिनार में डॉ सी एल गुप्ता डॉ कमल कुमार कश्यप डॉ पुष्पा कश्यप डॉक्टर विजय नारायण डॉ अजीत सिंह डॉक्टर सुभाष सिंह डॉक्टर मदन सिंह डॉक्टर आरपी सिंह डॉ आर सी मिश्रा डॉक्टर शिवचरण सिंह  डॉक्टर बालकिशन सिंह डॉ कन्हैया सिंह इत्यादि लोग सम्मिलित थे

No comments:

Post a Comment

Post Bottom Ad