फर्जी वाड़ा👉 हिमाचल के मानव भारती विश्वविद्यालय ने जारी कीं 4 लाख फर्जी डिग्री, ईडी ने दर्ज किया केस - Ideal India News

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फर्जी वाड़ा👉 हिमाचल के मानव भारती विश्वविद्यालय ने जारी कीं 4 लाख फर्जी डिग्री, ईडी ने दर्ज किया केस

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Special Reporter

*हिमाचल के मानव भारती विश्वविद्यालय ने जारी कीं 4 लाख फर्जी डिग्री, ईडी ने दर्ज किया केस*




.  बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में फंसे मानव भारती विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय TV (ईडी) ने इन्फोर्समेंट केस इन्फॉरमेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज कर ली है। इसी ईसीआईआर को दर्ज करने के साथ ईडी ने मामले की नियमित जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि विवि प्रबंधन की ओर से फर्जी डिग्री बेचकर अकूत संपत्ति अर्जित करने और उस काले धन को कानूनी रूप देने के लिए कई जगह निवेश करने के ईडी को प्रारंभिक जांच में साक्ष्य मिले हैं।

जल्द ईडी धन शोधन की जांच पूरी कर विश्वविद्यालय के हिमाचल और राजस्थान समेत कई राज्यों में काले धन से खरीदी गई संपत्तियों को सीज कर सकता है। बता दें, हिमाचल पुलिस ने फर्जी डिग्री का गोरखधंधा चलाने के आरोप में विवि के खिलाफ सोलन जिले में तीन एफआईआर दर्ज की थी।

इन मामलों की जांच सोलन पुलिस की एक एसआईटी को दी थी, जिसने विवि का संचालन करने वाले राजकुमार राणा, विवि रजिस्ट्रार अनुपमा, सहायक रजिस्ट्रार मनीष गोयल, डाटा ऑपरेटर प्रमोद कुमार के अलावा विवि के नशा मुक्ति केंद्र के संचालक जतिन नागर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

मालिक राणा की पत्नी और बेटी की भी भूमिका की जांच की जा रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में मामले की जांच एडीजी सीआईडी एन वेणुगोपाल की अध्यक्षता वाली 19 सदस्य विशेष जांच टीम (एसआईटी) को देने की घोषणा की है।

एसआईटी के साथ ही अब ईडी ने भी मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।वह खुद हर पंद्रह दिन में मामले की समीक्षा करेंगे, ताकि जांच तेजी से पूरी हो और कोई भी दोषी सलाखों के पीछे जाने से न छूटे।  करीब चार लाख से ज्यादा फर्जी डिग्री बेचने वाले मानव भारती विश्वविद्यालय ने अपने गोरखधंधे से लाखों युवाओं के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है। हालत यह है कि युवा जहां सरकारी या निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, उनकी डिग्री पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

बड़ी संख्या में युवाओं को उनके नियोक्ताओं ने डिग्री वेरिफाई कराने की चिट्ठियां भी लिख दी हैं। ऐसे में अब फर्जी डिग्री लेने वालों के अलावा उन युवाओं का भविष्य भी अंधकार में जाने की ओर है जिन्होंने दिनरात पढ़ाई कर डिग्री हासिल की थी।

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